आदरणीय @myogiadityanath जी
@thisissanjubjp जी 28 अगस्त को पड़ रहे पवित्र रक्षाबंधन पर दूर दराज से भाई बहन राखी बांधने आते हैं अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि परिषदीय विद्यालयों में शनिवार 29 अगस्त का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें जिससे शिक्षक और छात्र सुगमता से त्यौहार मना सकें।
🙏
#जनगणना के बदले #प्रतिकर#अवकाश मिले :
चाहे नौतपा हो, लू चल रही हो, हीट वेव का प्रकोप हो या तपती दोपहर की आग बरसाती धूप…
अब शिक्षक जनगणना के कार्य में निकल चुके हैं।
कंधे पर जिम्मेदारी, हाथ में फॉर्म, चेहरे पर धूप की तपिश और मन में सिर्फ एक भावना “सरकारी दायित्व पूरी ईमानदारी से निभाना है।”
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के बीच एक विनम्र प्रश्न भी है…
क्या इस मेहनत, त्याग और कठिन परिस्थितियों में किए जा रहे कार्य के बदले शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश (Compensatory Leave) नहीं मिलना चाहिए?
गर्मी की छुट्टियाँ सामान्यतः शिक्षकों के लिए अपने परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक विश्राम का समय होती हैं।
पूरे वर्ष विद्यालय संचालन, पढ़ाई, परीक्षा, पोर्टल कार्य, विभागीय आदेश, प्रशिक्षण और अन्य जिम्मेदारियों के बीच यही कुछ दिन होते हैं जब शिक्षक अपने बच्चों और परिवार के साथ समय बिता पाते हैं।
लेकिन इस बार हजारों शिक्षक तपती गर्मी में गाँव-गाँव जाकर जनगणना का दायित्व निभा रहे हैं।
जो लोग बाहर से इस कार्य को आसान समझते हैं, शायद उन्हें जमीनी सच्चाई नहीं पता ,कई बार दोपहर की तेज धूप में किलोमीटरों पैदल चलना पड़ता है।
कहीं रास्ते कच्चे हैं, कहीं गलियाँ इतनी संकरी कि वाहन तक नहीं जा सकता।
कहीं घरों पर ताले मिलते हैं तो बार-बार उसी जगह वापस जाना पड़ता है।
कई लोग जानकारी देने में सहयोग नहीं करते, कुछ लोग शक की नजर से देखते हैं, तो कहीं घंटों इंतजार करना पड़ता है कि परिवार का कोई सदस्य घर लौटे तब जानकारी मिले।
गाँवों में कई जगह पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं होती। मोबाइल नेटवर्क की समस्या अलग।
ऊपर से गर्मी इतनी कि सिर दर्द, चक्कर, डिहाइड्रेशन और थकान आम बात हो चुकी है।
फिर भी शिक्षक बिना शिकायत अपना दायित्व निभा रहा है।
एक शिक्षक अपने घर का आराम छोड़कर दूसरों के घर-परिवार की जानकारी जुटा रहा है ताकि देश की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक जनगणना सही तरीके से पूरी हो सके।
यह सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है।
लेकिन मानवीय संवेदनाएँ भी उतनी ही आवश्यक हैं।
जब कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में अतिरिक्त दायित्व निभाते हैं तो उनके लिए प्रतिकर अवकाश जैसी व्यवस्था केवल सुविधा नहीं बल्कि सम्मान का प्रतीक होती है।
यह संदेश देती है कि शासन अपने कर्मचारियों की मेहनत और स्वास्थ्य दोनों को समझता है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी सदैव शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील रहे हैं।
हम पूर्ण विश्वास के साथ उनसे विनम्र आग्रह करते हैं कि जनगणना जैसे कठिन कार्य को भी शिक्षक पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे, लेकिन इसके बदले शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश प्रदान करने पर अवश्य विचार किया जाए।
क्योंकि शिक्षक सिर्फ ड्यूटी नहीं कर रहा…
वह धूप, थकान, परेशानी और अपने निजी समय का त्याग करके राष्ट्र का दायित्व निभा रहा है।
और उसके इस समर्पण का सम्मान होना ही चाहिए।
सहमत हों तो शेयर करें 🙏🙏
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शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia@narendramodi@jayantrld@dpradhanbjp
प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो।
अकेले शिक्षक ही दोषी नही है।।
👉शिक्षक की हालत देखकर साफ़ पता चलता है कि उसके साथ भी कई लोगों द्वारा मारपीट की गई है। वह लोग कौन हैं,?? उनको भी चिन्हित किए जाने की ज़रूरत है। सीसीटीवी की फुल रिकॉर्डिंग की जांच की जानी चाहिए।
#Istandwithbrijendraverma
#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
#Istandwithbrijendraverma
शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
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शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
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शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
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शिक्षक बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
लो भैया बेसिक वाले उड़नदस्ते के प्रभारी बन सकते है😃
इस पत्र में यह नहीं लिखा कि जिस दिन परीक्षा नहीं होगी ,वह विद्यालय आएंगी.....
#Istandwithbrijendraverma@DrDCSHARMAUPPSS