हक की लड़ाई के लिए निमंत्रण की जरूरत नहीं होती, लेकिन जब कोई साथी सम्मानपूर्वक साथ चलने का निमंत्रण देता है, तो उस पहल का सम्मान करना भी हमारा कर्तव्य है।
BSTA गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक जी ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ को सातवें वेतनमान की मांग को लेकर होने वाले आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इस पहल के लिए हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ की सोच शुरू से स्पष्ट रही है—संगठन से ऊपर शिक्षक और शिक्षक हित सर्वोपरि है। हम किसी संगठन की सीमा में बंधकर शिक्षक हित के बड़े मुद्दों को नहीं देखते। जब मुद्दा शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य का हो, तो सभी संगठनों और सभी साथियों को एक मंच पर आकर अपनी आवाज मजबूत करनी चाहिए।
सातवां वेतनमान सिर्फ वेतन बढ़ाने की मांग नहीं है। यह शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और उनके साथ होने वाले समान व्यवहार का प्रश्न है। इसलिए बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ इस मुद्दे को अपना प्रमुख मुद्दा मानते हुए हर उस प्रयास के साथ खड़ा रहेगा, जो शिक्षकों के हित में हो।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ तन-मन-धन से इस आंदोलन का साथ देगा।
हमारा समर्थन सिर्फ सोशल मीडिया की पोस्ट, कमेंट या बयानों तक सीमित नहीं रहेगा।
पहल हो चुकी है, अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
हम अपने सभी जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों और शिक्षक साथियों से अपील करते हैं कि अपने-अपने स्तर पर साथियों से संपर्क करें, उन्हें आंदोलन की जानकारी दें और अधिक से अधिक शिक्षकों को इस संघर्ष से जोड़ें।
हम सिर्फ सोशल मीडिया पर आंदोलन की तस्वीरें देखने वालों में से नहीं हैं। हम खुद मैदान में उतरकर अपनी पूरी टीम और अपने सदस्यों के साथ आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
आज आवश्यकता है कि हम संगठन की सीमाओं से ऊपर उठकर एक साझा मुद्दे पर एकजुट हों। अलग-अलग संगठन हो सकते हैं, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन शिक्षकों का अधिकार और सम्मान एक है।
आइए, इस पहल को एक मजबूत शिक्षक एकता में बदलें।
आइए, अपनी आवाज को इतना मजबूत करें कि सरकार तक शिक्षकों की मांग स्पष्ट रूप से पहुंचे।
सातवें वेतनमान की मांग पर बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ पूरी मजबूती के साथ आपके साथ खड़ा है।
सिर्फ सातवां वेतनमान।
शिक्षक हित सर्वोपरि।
संघ अलग हो सकते हैं, लेकिन शिक्षक हित एक है।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ (BRVAS)
एकता • अधिकार • सम्मान
वेतनमान की लड़ाई सिर्फ मांग नहीं, शिक्षकों के सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ लगातार इस मुद्दे को मजबूती से उठाता रहा है। आवेदन से लेकर अभियान तक, शिक्षकों की आवाज़ को उचित मंच तक पहुँचाने का प्रयास निरंतर जारी है।
@mkrtiwari_bjp@Team_BRVAS
बिहार के शिक्षकों को भी राज्य के अन्य कर्मचारियों की तरह 7वें वेतन आयोग के अनुरूप नियमित वेतनमान एवं समान सेवा-सुविधाएं प्रदान की जाएं।
न नियुक्ति में भेद, न वेतन में भेद—
शिक्षकों को मिले सम्मानजनक वेतनमान।
हमारी मांग स्पष्ट है: अब आश्वासन नहीं, वेतनमान चाहिए। @mkrtiwari_bjp
बिहार के शिक्षकों को भी राज्य के अन्य कर्मचारियों की तरह 7वें वेतन आयोग के अनुरूप नियमित वेतनमान एवं समान सेवा-सुविधाएं प्रदान की जाएं।
न नियुक्ति में भेद, न वेतन में भेद—
शिक्षकों को मिले सम्मानजनक वेतनमान।
हमारी मांग स्पष्ट है: अब आश्वासन नहीं, वेतनमान चाहिए। @mkrtiwari_bjp