*आज अनशन का चौथा दिन है...*
BRVAS आज भी धरना स्थल पर डटा हुआ है।
बहुत लोग आए, फोटो खिंचवाए और चले गए...
*लेकिन BRVAS शिक्षकों के सम्मान और उनके हक की लड़ाई के लिए आज भी मैदान में खड़ा है।*
अब बारी आपकी है...
जो लोग आपके हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन सभी संघर्षशील साथियों का हौसला बढ़ाते रहिए।
आपका एक कदम, एक संदेश और आपका समर्थन—
संघर्ष कर रहे साथियों के लिए बड़ी ताकत है।
*आवाज़ दो, हम एक हैं — BRVAS*
पाँच शिक्षक… दो दिनों से भूखे हैं।
आखिर किसके लिए?
अपने परिवार के लिए?
अपने निजी स्वार्थ के लिए?
नहीं… हम सबके हक, सम्मान और भविष्य के लिए।
जब पाँच शिक्षक दो दिन से अन्न का एक दाना तक त्यागकर सड़क पर बैठे हैं, तब क्या हम अपने घरों में बैठकर सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट करके अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सकते हैं?
आज वे पाँच हैं, कल यह लड़ाई हमारी भी हो सकती है।
वेतनमान केवल कुछ रुपये बढ़ने का सवाल नहीं है।
यह शिक्षक के सम्मान, अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
साथियों, आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं—शिक्षकों के हक की लड़ाई है।
जिसके पास समय है, वह आंदोलन स्थल पर पहुँचे।
जिसके पास आर्थिक सामर्थ्य है, वह सहयोग करे।
जिसके पास दोनों नहीं हैं, वह कम-से-कम अपनी आवाज बुलंद करे।
लेकिन चुप मत रहिए।
पाँच शिक्षक भूखे हैं…
क्या हमारी संवेदनाएँ भी भूखी हो गई हैं?
अब वक्त घर बैठकर तमाशा देखने का नहीं है।
वक्त है मैदान में उतरने का।
🔥 आइए, आंदोलन को मजबूत करें।
✊ आइए, अपने साथियों का हाथ थामें।
📢 आइए, वेतनमान की आवाज को बुलंद करें।
आज नहीं तो कब?
हम नहीं तो कौन?
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ
शिक्षक कल्याण संघ
चौथा दिन है… शिक्षक अभी भी डटे हुए हैं।
आप कहाँ हैं?
सिर्फ अपडेट का इंतजार कर रहे हैं, या इस इंतजार में हैं कि आंदोलन खत्म हो और फिर आरोप लगाने लगें?
याद रखिए—
वेतनमान सबका अधिकार है, तो संघर्ष में हिस्सेदारी भी सबकी होनी चाहिए।
अभी नहीं तो कभी नहीं।
आज साथ दीजिए, आंदोलन स्थल पर आइए।
🔥 सिर्फ अपडेट मत देखिए, इतिहास का हिस्सा बनिए।
पहले का नारा:-"बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ"
अब का नारा:-"बेटी पढ़ाओ, जॉइनिंग के लिए रोड पर बैठाओ।"
बिहार की बेटियां भूख हड़ताल पर हैं।उनकी जान बचाइए।
माननीय IT मंत्री @mishranitishजी ,अब तो सामने आइए और
522 Beltron Programmer को Joining दीजिए।
#Deploy522BeltronProgrammer
कल बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के शिक्षक साथी CL लेकर संघर्ष करने जा रहे है। क्या आप लोग केवल तमाशा देखियेगा।। संघर्ष में साथ नहीं दीजिएगा क्या।। आप सब भी CL लगाए।
अगर हम सब हारे तो वजह केवल आप सब का घर बैठना होगा।
प्राप्त सूचना के अनुसार शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी जी के द्वारा सातवें वेतनमान के लिए आंदोलनरत साथियों का डेलिगेशन वार्ता के लिए बुलाया है।
यह संघर्ष सभी शुरू हुआ है,जब तक वेतनमान के लिए सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक यह अनवरत संघर्ष जारी रहेगा।
आप सभी से अनुरोध है धरनास्थल पर जरूर पहुंचे।
@Team_BRVAS@btetctet@Bihartet19@News18Bihar@PTI_News@ANI@Anish97098
एक ही नारा एक ही मांग
वेतनमान वेतनमान।
मेरे विचार को शिक्षकों तक पहुंचने के लिए बिहार शिक्षक मंच का धन्यवाद।
रवि सिंह
प्रदेश कोषाध्यक्ष
सह तिरहुत प्रभारी। (BRVAS)
@btetctet@Bihartet19
🔥 गर्दनीबाग में संघर्ष भी जारी, साथियों की सेवा भी जारी
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव जी अभी तक गर्दनीबाग में डटे हुए हैं। शिक्षक हित और सातवें वेतनमान की मांग को लेकर हमारे साथी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
इसी बीच, वहां रुके हुए संघर्षरत साथियों के लिए मेडिकल किट एवं मच्छर से बचाव के लिए Odomos भी उपलब्ध कराया गया।
क्योंकि आंदोलन सिर्फ नारे लगाने का नाम नहीं है—
आंदोलन में डटे साथियों की चिंता करना और उनकी जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना भी हमारी जिम्मेदारी है।
जो साथी अपने घर-परिवार से दूर रहकर हमारे हक और सम्मान के लिए मैदान में डटे हैं, उनके साथ बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ हर कदम पर मजबूती से खड़ा है। ✊
साथी डटे हैं, संघ खड़ा है।
संघर्ष जारी है… जब तक वेतनमान नहीं! 🔥
#सिर्फ_वेतनमान #सातवां_वेतनमान #शिक्षक_एकता #गर्दनीबाग #BRVAS #संघर्ष_जारी_है
🔥 गर्दनीबाग में संघर्ष भी जारी, साथियों की सेवा भी जारी
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ के महासचिव जी अभी तक गर्दनीबाग में डटे हुए हैं। शिक्षक हित और सातवें वेतनमान की मांग को लेकर हमारे साथी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
इसी बीच, वहां रुके हुए संघर्षरत साथियों के लिए मेडिकल किट एवं मच्छर से बचाव के लिए Odomos भी उपलब्ध कराया गया।
क्योंकि आंदोलन सिर्फ नारे लगाने का नाम नहीं है—
आंदोलन में डटे साथियों की चिंता करना और उनकी जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना भी हमारी जिम्मेदारी है।
जो साथी अपने घर-परिवार से दूर रहकर हमारे हक और सम्मान के लिए मैदान में डटे हैं, उनके साथ बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ हर कदम पर मजबूती से खड़ा है। ✊
साथी डटे हैं, संघ खड़ा है।
संघर्ष जारी है… जब तक वेतनमान नहीं! 🔥
#सिर्फ_वेतनमान #सातवां_वेतनमान #शिक्षक_एकता #गर्दनीबाग #BRVAS #संघर्ष_जारी_है
कुछ हजार शिक्षक ही साथ हैं… और लाभ लाखों शिक्षकों को मिलेगा!
बाकी लाखों शिक्षक आज मूकदर्शक बने हुए हैं।
कभी-कभी लगता है कि जो अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, वही योग्य हैं और जो घर बैठकर तमाशा देख रहे हैं, वे मन ही मन यही सोच रहे हैं—
“मुझे इतना मिल ही रहा है, मैं इसके भी काबिल नहीं था।”
क्या सच में आप सब यही सोच रहे हैं?
अगर नहीं, तो फिर आंदोलन में आपकी गैरमौजूदगी का कारण क्या है?
कल अगर आप नहीं आए, संख्या कम हुई और आंदोलन रुक गया, तो याद रखिएगा—
आज जो लोग बिल में छिपे बैठे हैं, वही कल गिद्ध की तरह बाहर निकलकर दस तरह के आरोप लगाएंगे।
कहेंगे—
ये नहीं हुआ… वो नहीं हुआ…
संघ ने सही नहीं किया…
नेताओं ने साथ नहीं दिया…
लेकिन आज जब साथ देने का समय है, तब आप कहाँ हैं?
कुछ लोग कहते हैं—
“फलाने भैया आएँगे तो आएँगे।”
“फलाने सर आएँगे तो हम आएँगे।”
भाई, एक बात बताइए—
आपको वेतन फलाने भैया देते हैं या सरकार?
आपका वेतनमान फलाने सर दिलाएँगे या आपकी एकजुटता?
ये सब सिर्फ बहाने हैं।
हक किसी भैया के आने का इंतजार नहीं करता।
हक के लिए खुद मैदान में उतरना पड़ता है।
और आज तो हालात ऐसे हैं कि हमारे छह साथी लगातार तीन दिनों से अन्न त्यागकर बैठे हैं।
आज से हमारी दो महिला शिक्षिका साथी भी अनशन पर बैठ गई हैं।
सोचिए…
क्या ये सिर्फ अपने लिए बैठे हैं?
क्या उनका परिवार नहीं है?
क्या उन्हें भूख नहीं लगती?
क्या उन्हें घर लौटकर आराम करने का मन नहीं करता?
फिर भी वे बैठे हैं—
क्योंकि लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, हम सबकी है।
और हम?
हम घर में बैठकर मोबाइल चला रहे हैं, पोस्ट देख रहे हैं, कमेंट कर रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं कि कोई दूसरा पहले मैदान में उतरे।
सच कहूँ तो हम मूर्खों की तरह लड़ रहे हैं और आप सब चालाक बनकर आराम फरमा रहे हैं।
बुरा लगेगा।
लेकिन आज बुरा लगना जरूरी है।
क्योंकि जब हक मिल जाएगा, तब मिठाई बाँटने वालों की कमी नहीं होगी।
कमी आज है—सड़क पर उतरकर साथ देने वालों की।
कल कोई बहाना मत बनाइएगा।
एक CL/SL लगाइए।
एक दिन अपने हक के नाम कीजिए।
आंदोलन में आइए।
अपने उन साथियों का हाथ पकड़िए, जो तीन दिन से आपके लिए भूखे बैठे हैं।
क्योंकि—
आज आप नहीं आए, तो कल शिकायत करने का अधिकार भी मत माँगिए।
वेतनमान चाहिए तो मैदान में आना होगा।
हक चाहिए तो आवाज उठानी होगी।
और जीत चाहिए तो संख्या बढ़ानी होगी।
अब भी नहीं जागे तो कब जागेंगे?
✊ वेतनमान लेकर रहेंगे।
✊ संघर्ष जारी रहेगा।
✊ शिक्षक एकता जिंदाबाद।
स्थानांतरण अपडेट।
अपडेट वही है जो आज से चार दिन पहले मैंने दिया था।
विभाग द्वारा चुनाव को लेकर स्थानांतरण में लेट की बात की सूचना पहले ही मिली थी हमें।
वेतनमान के लिए चल रहे हैं आंदोलन में आप सभी सहयोग दीजिए ।स्थानांतरण और वेतनमान दोनों हमारा ही मुद्दा है, हमसे ही जुड़ा हुआ है। आप सभी को वादा करते हैं स्थानांतरण भी हर हाल में पूरा कड़वा कर रहेंगे। स्थानांतरण ना लटकेगा न भटकेगा 🙏
रवि सिंह