कश्मीरी पंडितों का मुद्दा नूपुर शर्मा ने दबा दिया, नूपुर शर्मा का मुद्दा "अग्निवीर" ने दबा दिया, अग्निवीर का मुद्दा महाराष्ट्र में हो रही उथल पुथल ने दबा दिया...
पिछले 8 वर्षों से देश में यहीं चल रहा है, कुछ समझ आ रहा है???
भाजपाई बोलते है “मैं भी चौकीदार” और समझते है खुदको ठेकेदार!! देश की सरकारी सम्पत्ति,नौकरियाँ और देश के युवाओं का भविष्य ये लोग लगातार ठेके पर दे रहे हैं।एक एक करके समाज के हर तबके से उसका हक़-अधिकार छीन रहे हैं और ये सब ये लोग फ़र्ज़ी राष्ट्रवादी होने का ढोंग रचते हुए कर रहे हैं।
Happy birthday to the man who has often been right in his analysis and prediction about the path India is on..
Best wishes and more power to your fight @RahulGandhi ✨
लोग साहेब के कहने से ताली-थाली बजाते हैं, दिया-मोमबत्ती जलाते हैं, उनके मन की बात सुनते हैं, लेकिन जब भी देश में आग लगती है, साहेब “साइलेंट मोड” पे चले जाते हैं। लोगों का दुख-दर्द सुनना तो दूर,शांति की एक अपील तक नहीं करते। जनता इनके लिए बस एक वोट है,इनकी नीति और नियत में खोट है।
@vivekagnihotri@NupurSharmaBJP Vivek you were the real urban naxal in TSA M54 who never paid food bills of poor canteen boys and latter some of the suppliers. You were always been a vulture for money.
I am victimized too by this basterd Piyush Tiwary. I paid all money by cheque and in ibc process i have came to know that he already sold my flat D3/D2 to Tahseen Jamal.
Indian Supreme court: HOME LOAN EMI SHOULD BE STOPPED FOR DELAYED PROJECTS. BUYERS HAVE LOST FULL LIFE SAVINGS - Sign the Petition! https://t.co/Lu66xYeQC2 via @ChangeOrg_India
राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाज हित की भावनाओं के साथ आज से नए अध्याय का प्रारंभ करने जा रहा हूँ। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्र सेवा के भगीरथ कार्य में छोटा सा सिपाही बनकर काम करूँगा।
एक बार एक नेता से पूछा गया 100 प्याज़ खाओगे या 100 जूते। नेता जी सोचे प्याज़ ठीक रहेगा लेकिन 10-12 के बाद बोले जूता ही मार लो फिर दर्द हुआ तो बोले प्याज़ फिर 10-12 के बाद जूते ही खाऊंगा बोले ऐसा चलता रहा इसी तरह नेता जी 100 जूते भी खा गए और 100 प्याज़ भी।
India’s 10-lakh strong all-women ASHA workers are our pride. WHO’s award recognises their selfless service.
This visionary initiative of UPA from 2005 is the lifeline of our health infra.
GOI must ensure better wages and work conditions. ASHA workers deserve a life of dignity.
आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।