एक माह का आश्वासन किसानों के संघर्ष की जीत नहीं, बल्कि सरकार के लिए अग्निपरीक्षा है।
अहिल्या पथ योजना रद्द कर किसानों की जमीन पर लगी रोक हटाना ही न्यायपूर्ण समाधान होगा।
किसानों के सब्र की परीक्षा अब और नहीं—समय-सीमा में ठोस निर्णय लेना होगा।
किसान एकजुट है,
इंदौर जिले में बीती रात हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचा है।
कई गांवों में तैयार फसल गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है, उम्मीद है जल्द उचित सहायता मिलेगी।
बेमौसम बारिश और तेज़ हवाओं से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
किसानों की मेहनत पर पानी फिरते देख मन बेहद व्यथित है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवज़ा दिलाया जाए।
आइए, हम सब मिलकर अन्नदाताओं के साथ खड़े हों और हर संभव सहयोग करें। @CMMadhyaPradesh@comindore
आने वाले बजट से किसानों को बड़ी उम्मीदें हैं
कर्ज़ माफी, कृषि उपकरणों से GST हटाने, फसल नुकसान पर उचित मुआवज़ा और MSP की कानूनी गारंटी जैसे अहम मुद्दों पर सरकार से ठोस नीति की मांग।
उम्मीद है आने वाला बजट किसान हित में बड़े फैसले लेकर आएगा। @PMOIndia
देश की समृद्धि का रास्ता गांवों के खेत-खलिहानों से होकर ही गुजरता है"- चौधरी चरण सिंह।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन।
आप सभी को राष्ट्रीय किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
@sanjaygupta1304 कानून और नियम सिर्फ आम लोगों के लिए हैं क्या?
जिस गर्भगृह में श्रद्धालु नहीं जा सकते, वहां सत्ता की वरमाला—यह भक्ति नहीं, सत्ता का दु��ुपयोग है।
शर्मनाक!
इंदौर के किसानों में भारी नाराज़गी।
रात में कृषि फीडरों की बिजली सप्लाई से ठंड और खतरे बढ़े हैं।
किसान नेताओं की मांग—दिन में 10 घंटे बिजली तुरंत बहाल की जाए।
वरना जिलेभर में बड़ा विरोध शुरू होगा।
खाद की किल्लत और अव्यवस्थित वितरण की वजह से एक आदिवासी महिला की जान चली जाना सिर्फ दुखद नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन की बड़ी नाकामी है।
कागज़ों में 15 हजार मीट्रिक टन खाद मौजूद बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान रातभर ठंड में लाइन में सोने को मजबूर हैं।
किसानों को प्याज़ के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि वे अपनी ख़ून–पसीने से उगाई फसल मवेशियों को खिलाने को मजबूर हैं।
जब अन्नदाता ही टूट जाएगा तो देश कैसे मजबूत रहेगा?
अन्नदाता से अन्याय!
भिंड के किसानों को खाद की ए��-एक बोरी के लिए रातभर लाइन में लगना पड़ रहा है,
और अफसरों ने 23 हज़ार बोरी खाद ब्लैक में बेच दी।
किसान खेत में पसीना बहा रहे हैं,
अफसर कुर्सी पर बैठकर लूट मचा रहे हैं।
ज़िम्मेदार चुप हैं — किसानों की सुनने वाला कोई नहीं!
जब बात अपनी तनख्वाह की आती है तो सबके सब विधायक एकजुट हो जाते हैं — कोई विरोध नहीं, कोई मतभेद नहीं।
लेकिन जब बात किसानों की फसल के दाम की आती है, तो ���बके सब चुप हो जाते हैं...!
#किसान #विधानसभा #सत्ता_की_सच्चाई #MadhyaPradesh
भावांतर योजना के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूटा ��� लक्ष्मी नगर मंडी रही 5 घंटे बंद।
व्यापारियों के सिंडिकेट और गिरते दामों से आक्रोशित किसान अब सड़कों पर उतर आए हैं।
सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे और खरीदी समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करे। @PMOIndia @RahulGandhi @DrMohanYadav51
8 अक्टूबर चल��ं इंदौर।
इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर निरस्त करो।
सोयाबीन समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए भावांतर योजना बंद की जाए।
घोड़ा रोज़ जंगली सूअर की समस्या का समाधान किया जाए आदि मांगों को लेकर किसान करेंगे बड़ा प्रदर्शन।