"अरे तू यादव है, जाओ भैंस चराओ"
"अरे तू छोट जात का हो के खटिया पर कैसे बैठ गया?"
"अरे तू हमर दुवारी पर से गुजरा तड़े और चप्पल कैसे पहनले?"
ये 1990 तक बिहार में आम बात हुआ करता था. "SC ST OBC का हिम्मत कैसे हुआ पढ़ाई करने का?"
अब ये नीचे यूनिवर्सिटी का लिस्ट देखिए.
📌वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी, आरा
📌जे पी यूनिवर्सिटी, छपरा
📌सिदो कानू मुर्मू यूनिवर्सिटी, दुमका
📌बी एन मंडल यूनिवर्सिटी, मधेपुरा
📌विनोवा भावे यूनिवर्सिटी, हज़ारीबाग
📌नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी (एक्ट के जरिए)
📌मौलाना मज़हरुल हक़ उर्दू फ़ारसी विश्वविद्यालय, पटना
ये लालू जी की देन है. इसी को अभिजात वर्ग जंगलराज बोलता है. अभिजात वर्ग के हिसाब से ये यूनिवर्सिटी से जंगलराज आ गया.
30% लिटरेसी रेट वाला बिहार 1990 में मिला था जिसमे पटना का गांधी मैदान तक गिरवी था.
लिटरेसी रेट 15 साल में दो गुना से ऊपर हो गया यही तो चुभ गया!
1990 तक हर बिहार सरकार का बजट घाटे में पेश होता था. राबड़ी जी ने पहली बार बिहार सरकार का फायदे वाला बजट पेश किया था.
चाहे कितना भी कोशिश कर लो लालू बिना चालू अब देश ना होई!!
#HappyBirthdayLaluJi
@thakuramitk@RatanRanjan_ वही तो बोल रहा हो लालू जी ने तुम सब का वोट का अधिकार छीन लिया है 😅चहा कर भी तुम्हें भाँटा को वोट करना पड़ेगा,आदि तुम अभी तक यादव से डरते हो तो तुम ठाकुर कहलाने के लाइक नहीं हो ,तुम से बहादुर तो नीला कबूतर है वह अपनी मन से वोट देता है किसी कर दर से नहीं,पीके को dar से वोट न्ही kr
@thakuramitk@RatanRanjan_ बिहार में यादव किसी caste के डर से वोट न्ही करता but other caste यह डर से करता है की फिर से लालू न आजाए,इसी को फ़ौकल कहते है 😅
@thakuramitk@RatanRanjan_ Vote to tum हाफ़िडीफ़िट वाला को ही दोगे चुगू प्रशांत किशोर को कहा जीता दिए यह बात याद रखना जिस दिन यादव प्रशांत किशोर को वोट करेगा वह जीत जाएगा,wait kro बाकीपुर election है यादव वोट कर रहा है प्रशांत किशोर को
@thakuramitk@RatanRanjan_ Tum हाफ़िडिफ़्ट वाला सीएम के लाइक हो 😅खुश रहो जहाँ भी रहो मैंने क़सम खाया है कोई ठाकुर को गाली भी डिगा कृष्णा और सुदामा को अब फॉलो करूँगा और UGC के लिए तेरे साथ लड़ूँगा और एससी/एसटी एक्ट साथ दुगा 🙏🏻
@thakuramitk@RatanRanjan_ पिता जी से पूछ महाराष्ट्र के अजित पवार को चोर बोलता था फिर बीजेपी में मिल गया और वह महापुरुष हो गया वेस्ट बंगाल में जिसको सीएम बनाया है previous recording देख ले पाने मोदी जी का और असम के सीएम को भी,मेरे बोलने का मतलब समझा जो तुम्हरा मोदी जी को जॉइन के ले वह महापुरुष और न्ही तो
आज लालू यादव का जन्मदिन है…
लालू यादव होना आसान नहीं है।
और दूसरा लालू यादव बन जाना, शायद उससे भी ज़्यादा मुश्किल।
उनसे प्यार करने वाले भी हैं, उनसे नफ़रत करने वाले भी। लेकिन दुनिया में ऐसा कौन है जिसे हर कोई सिर्फ़ प्यार करे या हर कोई सिर्फ़ नफ़रत? यही राजनीति है।
फिर भी एक बात पूरे विश्वास से कही जा सकती है—लालू यादव जैसा किरदार बार-बार पैदा नहीं होता।
मुझे आज भी 26 जुलाई 2017 का वह दिन याद है। बिहार की राजनीति में भूचाल आया था। महागठबंधन टूट चुका था, सरकार चली गई थी और कुछ ही घंटों बाद लालू यादव को रांची जाकर जेल में सरेंडर करना था।
राबड़ी देवी आवास के बाहर हज़ारों समर्थकों की भीड़ थी। कोई नारे लगा रहा था, कोई रो रहा था, कोई उम्मीद बँधा रहा था। अंदर तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे, रघुवंश प्रसाद सिंह कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे थे। माहौल ऐसा था कि किसी भी परिवार का मुखिया उस दिन टूट सकता था।
इसी बीच जब लालू यादव रांची के लिए निकले, तो मुझे उनकी गाड़ी में बैठकर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू करने का मौका मिला।
सच कहूँ तो मैं सोच रहा था कि शायद उनके चेहरे पर मायूसी होगी, चिंता होगी, हार का दर्द होगा। लेकिन गाड़ी में बैठा वह आदमी बिल्कुल अलग था। चेहरे पर वही ठहराव, वही आत्मविश्वास .!
करीब 20–25 किलोमीटर पटना से आगे जाने के बाद इंटरव्यू हुआ। उतरते समय मैंने उनसे पूछा—
“दुख नहीं होता? आपका बेटा पहली बार सत्ता तक पहुँचा, सरकार चली गई… और अब आपको भी जेल जाना पड़ रहा है। घर और राजनीति संभालेगा कौन?”
उन्होंने बिना एक पल रुके मेरी तरफ देखा और कहा—
“इस सब से कोई फ़र्क नहीं पड़ता। बहुत कुछ झेला है। फिर से खड़े होंगे, फिर से सरकार में आएँगे। राजनीति में यह सब आता-जाता रहता है।”
उनकी आवाज़ में गुस्सा नहीं था, शिकायत नहीं थी, डर नहीं था। बस एक अजीब-सा विश्वास था—कि हार स्थायी नहीं होती।
उस दिन मुझे समझ आया कि कुछ लोग चुनाव से नेता बनते हैं, लेकिन कुछ लोग संघर्ष से पहचान बनाते हैं।
आज उनके जन्मदिन पर सुबह से लोग उनसे मिलने पहुँच रहे हैं। समर्थक उन्हें अपना मसीहा मानते हैं, विरोधी उनकी आलोचना करते हैं। लेकिन इतना तो दोनों मानेंगे कि लालू यादव सिर्फ़ एक नेता नहीं, भारतीय राजनीति का एक ऐसा अध्याय हैं जिसे नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं है। #bihari #laluyadav #laluyadavbirthday