जिन लोगों से SC ST और पिछड़ी का कटऑफ़ भी कभी जीवन मे पार नहीँ होता वो व्यक्ति सबसे ज्यादा आरक्षण का विरोधी होगा ।
अब आइये नौकरीयों मे कट ऑफ़ की बात कर लेते है |
सवर्ण लोगो को ये भ्रम रहता है की जनरल वर्ग का चयनित नहीँ हुआ छात्र SC वर्ग के चयनित सभी वर्ग के छात्रों से काबिल रहता है, जबकि ऐसा नहीँ है । SC वर्ग का चयनित छात्र भी 90% बाकी छात्रों से तेज रहता है काबिल रहता है ।
उदाहरण के लिए अभी UPSI का फाइनल रिजल्ट आया था, करीब 15 लाख लड़को ने फार्म डाला था जिसमे 4500 बच्चे चयनित हुए । 15 लाख का 4500 होता है 0.30%, मतलब आधे प्रतिशत से भी कम । 99.70% बच्चे जिन्होंने फार्म डाला था वो चयनित नहीँ हुए ।
अब आते है फाइनल कट ऑफ़ पर, फाइनल कट ऑफ़ जनरल का 93%, ओबीसी और EWS दोनी का 92% करीब और SC का कट ऑफ़ 89% गया था । जनरल और SC मे सिर्फ 4% का अंतर है ।
अब फैक्ट ये है की 95% लोगों का 88% नम्बर नहीँ आया रहा होगा, यानी SC का जो चयनित बच्चा है वो बाकी ( 95 % अचयनित जिसमे जनरल ओबीसी SC सभी है ) से बेहतर है ।
इसी तरह UPSC मे हर साल 10-12 लाख फार्म पड़ते है, प्री मैंस इंटरव्यू के बाद फ़ाइनल रिजल्ट आता है, उसमे 95% लोग तो प्री मे ही बाहर हो जाते है बाकी लोग मैंस मे, फिर इंटरव्यू मे ।
पिछले साल UPSC मे जनरल का कट ऑफ़ 963, ओबीसी का 932, EWS का 926, और SC का 905 कट ऑफ़ था ।
हा ये बात सच है की SC का कट ऑफ़ जनरल से कम है और उसे कम रैंक पर भी अच्छी पोस्ट मिलेगी, लेकिन एक सच तो ये है की SC से चयनित बच्चा बाकी 95 % लोगों से बेहतर था, वरना बताइए 905 नम्बर लाना क्या आसान काम है? 95 % लोग तो 800 भी पार नहीँ हो पाते है ।
इसीलिए ये सोचना की SC से चयनित बच्चा किसी भी अचयनित जनरल वर्ग के बच्चे से कमजोर है मानसिक दिवालियापन है और कुछ नहीँ ।
आखिरी बात आरक्षण प्रतिनिधित्व का विषय है न कि आर्थिक मजबूती या नौकरी प्राप्त करने का, इसे अगर आप स्वीकार्य कर लेंगे तो बेहतर होगा, वैसे भी EWS आ जाने के बाद से आरक्षण पर बहस करना समय की बर्बादी ही है । 😊
@RanjitIAS Namaste sir! Ye clear ni hai ki BPSC Teacher Recruitment me different categories k liye CTET(Total marks 150) kitna obtained marks me qualified mana jaayega. Sir please discuss about this.