उत्तर प्रदेश के छात्र बहुत ही परेशान हैं,
UPSSSC आयोग द्वारा जल्द वेटिंग लिस्ट को लागू करना चाहिए,
छात्रों का कहना है कि हर भर्ती में काफी संख्या में सीटें खाली रह जाती है,
ऐसे में वेटिंग लिस्ट से दूसरे योग्य अभ्यर्थीयों को मौका मिलेगा।
प्रिय UPSSSC अभ्यर्थियों,
नौकरी के लिए Wait करते-करते थक गये आप सब बेरोज़गारों की ये माँग जायज़ है कि UPSSSC की सभी भर्तियों में Waiting List की व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे अगर कोई चयनित अभ्यर्थी अपनी सीट छोड़ दे तो उसके बाद किसी अन्य को वो सीट मिल सके। इस फ़ैसले से लाखों अभ्यर्थियों को फ़ायदा मिल सकेगा और भाजपा पर लगा ‘महा-बेरोज़गारी’ फैलाने का दाग़ भी थोड़ा कम होगा लेकिन भाजपा सरकार ये काम कभी नहीं कर���गी क्योंकि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप सब युवक-युवतियों की असीम ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के काम में न लगकर, अपने लिए काम-रोज़गार-नौकरी पाने की गुहार-पुकार में व्यर्थ हो रही है।
हम UPSSSC के आप सभी अभ्यर्थियों की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाकर आपकी हर माँग के समर्थन में हर हाल, हर हालात में साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
हम नई सरकार बनाने पर इस माँग की पूर्ति करने के लिए वचनबद्ध हैं। आप सबने इतने साल संघर्ष करके देख लिया है कि असंवेदनशील-हृदयहीन भाजपाइयों से ‘पीड़ा’ के अलावा और कुछ भी हासिल नहीं होगा। अब आप भी पीड़ितों की श्रेणी में गिने जा रहे हैं, इसीलिए आप भी पीडीए ही हुए क्योंकि हम हमेशा कहते हैं और आज फिर कह रहे हैं :
जो पीड़ित, वो पीडीए!
आपका
अखिलेश
भाजपा जाएगी, नौकरी आएगी!
अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSSSC
#UPSSSC_Waiting_List
समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश
19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ
प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 15.09.2026
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से आज प्रतियोगी छात्र एवं अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर उन्हें यूपी एसएसएससी की सभी पेट आधारित भर्तियों में प्रतीक्षा सूची का प्रावधान लागू कराने का ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान म��ं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित पेट आधारित विभिन्न भर्तियों में चयन के पश्चात अनेक अभ्यर्थी अन्य परीक्षाओं अथवा बेहतर पदों पर चयनित होने के कारण सम्बन्धित पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं करते है। इसके परिणाम स्वरूप द्वारा विज्ञापित अनेक महत्वपूर्ण पद रिक्त रह जाते हैं। जबकि दूसरी ओर उन्हीं पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी चयन की प्रतीक्षा करते रह जाते है। यदि आयोग में प्रतीक्षा सूची का स्पष्ट प्रावधान होता अथवा सम्मान जनक जन्मतिथि से बाहर अभ्यर्थियों का अवसर मिल सकता था और सरकारी पदों को रिक्त रहने से बचा जा सकता था।
ज्ञापन में मांग की गई कि पारदर्शी प्रतीक्षा सूची अनिवार्य रूप से जारी की जाए। इस सूची को 1-2 वर्ष के लिए बैध रखा जाए, दस्तावेज सत्यापन एवं आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए ताकि किसी भी स्तर पर सीटें खाली न रहे।
ज्ञापन पर सर्वश्री शुभम यादव, पूजा पाल, अनुज कुमार, उमा श्रीवास्तव, सौरभ यादव, पवन यादव, अनूप कुमार, मयंक, अंजनी पाण्डेय, राम गोपाल, धनेश साहनी, सिद्धांत यादव, राज��श चौरसिया, रंजना मौर्य, सत्येंद्र, एसपी सिंह, सर्वेश, विजय कमलेश कुमार, राजेन्द्र पटेल, राहुल सिंह, आदेश कुमार, प्रशांत, किसन शुक्ला, बीर सिंह यादव, अभिषेक, दयाशंकर आदि तमाम अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर हैं।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
उत्तरप्रदेश की सभी भर्तियों में सरकार द्वारा वेटिंग लिस्ट का शासनादेश जारी करना खासकर UPSSSC मे- कई बेरोजगार हो रोजगार मिल जाएगा
#We_Want_Waiting_List_in_upsssc
#WAITING_LIST_IN_UPSSSC_EXAMS
उत्तर प्रदेश के युवा लगातार लखनऊ में अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी हजारों पद खाली रह जाते हैं। @brajeshpathak जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि UPSSSC रिजल्ट के साथ 15-25% की वेटिंग लिस्ट लागू कर���।