NEET वालो की आवाज़ उठा रहा है विनोद जाखड़ उल्टा उसी को परेशान किया जा रहा है हेमंत बिस्वा सरकार द्वारा . ज़मीन पर साथ नहीं दे सकते कम से कम रीट्वीट कर के बात पूरे देश में तो पहुँचा दो या इतने लायक भी नहीं रहे हो भाइयो
प्रदीप मेघवाल का यह साधारण सा आवास उनकी आर्थिक परिस्थितियों और संघर्षपूर्ण जीवन की गवाही देता है। सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखने वाला एक मेहनती छात्र, जो सिस्टम की लापरवाही का शिकार हो गया।
#neetpaperleak@RahulGandhi@INCIndia@VinodJakharIN
राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की छात्र राजनीति तक पहुंचे @VinodJakharIN इन दिनों NEET मुद्दे पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। दिन में सीकर में प्रदर्शन और रात में झुंझुनूं के गांवों तक पहुंचकर पीड़ित परिवारों की आवाज राहुल गांधी तक पहुंचाना, आर्थिक मदद देना और 11 लाख रुपए तक का कर्ज उतारने का ऐलान-इन कदमों ने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है। मजदूर परिवार से आने वाले विनोद जाखड़ को छात्र आंदोलन की जमीन से निकला चेहरा माना जा रहा है। लगातार आंदोलन, युवाओं के मुद्दों पर सक्रियता और जमीनी राजनीति के कारण उन्हें कांग्रेस की नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनकी कार्यशैली और संघर्ष की चर्चा तेज हो गई है।
करेंगे तुम्हारा मेरिट से भी मुकाबला 🔥
हरियाणा बोर्ड 👇
रेवाड़ी जिले की एससी वर्ग से आने वाली दीपिका मेघवाल 500 में 499 अंकों के साथ प्रदेश में टॉप किया है।
राजस्थान के 12% जाट चाहते हैं कि गोविंद सिंह डोटासरा CM बने
राजस्थान के 7% गुर्जर चाहते हैं कि सचिन पायलट CM बने
6% राजपूत चाहते हैं कि वसुंधरा CM बने।
4% माली भी चाहते हैं कि अशोक गहलोत CM बने
लेकिन दलित समाज चाहता क्यों नहीं कि उसका कोई CM बने राजस्थान में दलित आबादी 19% है लेकिन उनके पास CM का कोई उम्मीदवार ही नहीं। वो इन्हीं 4,5 लोगों को ही CM के रूप में देखता रहता है।
राजस्थान में दलित लीडरशिप कहां है? हमारे पास दो विकल्प मौजूद है विनोद जाखड़ और संजना जाटव। अगर हम इनका समर्थन करेंगे तो ये अन्य नेताओं से हटकर खुद की अलग पहचान बना पाएंगे।
@VinodJakharIN@IncSanjanajatav
गंगानगर में पानी के संकट के बीच विधायक–इंजीनियर प्रकरण में आख़िर क्या हुआ, किसने - किसको पीटा भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और इंजीनियरों के बीच मारपीट के बारे में नए खुलासे भरमाने वाले हैं, एक दिन पहले विधायक ने आरोप लगाए और अब इंजीनियर यह आरोप लगा रहे हैं कि विधायक ने उनके साथ मारपीट की। AEN जगनलाल बैरवा की चोट लगे शरीर की तस्वीरें चौंकाने वाली हैं, जहां उनकी आंख के साथ साथ शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं।
पिछले दिनों श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक द्वारा अधिकारियों पर मारपीट के संगीन आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। अब जो घटनाक्रम सामने आया है, उसमें संबंधित अधिकारी AEN श्री जगनलाल बैरवा ने जमानत मिलने के बाद प्रेस वार्ता के दौरान विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें अभद्र भाषा का प्रयोग, कपड़े फाड़ना, प्रताड़ित करना तथा शरीर पर चोट के निशान दिखाना शामिल है। इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह निंदनीय है।
यह मामला बेहद गंभीर है। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
पानी के संकट से उठा विवाद अब ‘किसने किसे पीटा’ की लड़ाई बना
श्रीगंगानगर में सात दिन से पानी की किल्लत झेल रहे इलाकों की शिकायत पर शुरू हुई एक बैठक अब श्रीगंगानगर की सबसे गरम प्रशासनिक-राजनीतिक भिड़ंत में बदल गई है। गुरुवार को भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने आरोप लगाया था कि आरयूआईडीपी और एलएंडटी से जुड़े अधिकारियों ने विधायक सेवा केंद्र में उनके साथ मारपीट की, उनका चश्मा तोड़ा और आंख के नीचे चोट पहुंचाई। विधायक की शिकायत पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा, एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज हसन और एक अन्य अधिकारी को गिरफ्तार किया था।
लेकिन शुक्रवार को जमानत पर बाहर आने के बाद कहानी ने बिल्कुल दूसरा मोड़ ले लिया। RUIDP के AEN जगनलाल बैरवा फटी बनियान में मीडिया के सामने आए और दावा किया कि हमला उन्होंने नहीं, विधायक और उनके समर्थकों ने किया। बैरवा ने आरोप लगाया कि उन्हें बैठक के नाम पर बुलाया गया, पहुंचते ही थप्पड़ मारे गए, जमीन पर गिराकर लातों और पाइप से पीटा गया और बाद में नई शर्ट पहनाकर पुलिस को सौंप दिया गया, ताकि मारपीट के निशान छिप सकें। उन्होंने आंख में चोट और शरीर पर निशान दिखाते हुए कहा कि अब एक आंख से ठीक से दिखाई भी नहीं दे रहा।
मामले की जड़ शहर की पेयजल व्यवस्था है। विधायक बिहाणी का कहना है कि RUIDP और एलएंडटी की अधूरी कार्यशैली ने पुरानी आबादी और करणपुर रोड जैसे इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित कर दी है। उनके अनुसार, लोगों को बाथरूम जाने तक का पानी नहीं मिल रहा, जबकि RUIDP और कंपनी अपनी जिम्मेदारी PHED पर डाल रहे हैं। विधायक का दावा है कि इसी समस्या पर मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन अधिकारी समय पर नहीं आए और बाद में सवाल पूछने पर AEN ने उन पर हमला कर दिया।
दूसरी ओर, इंजीनियरों का पक्ष है कि वे बुलावे पर विधायक सेवा केंद्र पहुंचे थे और वहां आते ही माहौल बिगड़ गया। राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि बैरवा को न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार और आंदोलन किया जाएगा।
अब यह मामला केवल एक विधायक और एक इंजीनियर की झड़प नहीं रह गया है। इसके केंद्र में तीन सवाल हैं।
पहला, 550 करोड़ की जल योजना समय पर पूरी क्यों नहीं हुई? दूसरा, शहर की पानी सप्लाई के संकट की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है? और तीसरा, विधायक सेवा केंद्र में उस दिन सचमुच पहले हाथ किसने उठाया? जांच अब चश्मे, चोट, फटी बनियान, मोबाइल जब्ती, कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के बीच सच तलाशेगी। लेकिन श्रीगंगानगर के नागरिकों के लिए असली सवाल अभी भी खुद पानी ही पूछ रहा है कि जब नेता और अफसर एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगा रहे हैं, तब लोगों के घरों में वह किन नलों से जाए? वह कह रहा है कि जब सबका पानी उतर गया है तो वह ऊपर कैसे चढ़े?
BJP विधायक जयदीप बिहाणी नहीं पीटे गए...बल्कि दलित AEN के साथ हुई मारपीट!
श्रीगंगानगर MLA जयदीप बिहाणी पर RUIDP के AEN छगन लाल बैरवा ने मारपीट के आरोप लगाए हैं.
बैरवा ने कहा - उन्हें विधायक सेवा केंद्र पर बुलाकर थप्पड़ मारे गए और लात-घूंसों व पाइप से मारा गया. #Rajasthan
घटना बेहद गंभीर है, जिसने भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता पूरी तरह उजागर कर दी है।
इस बयान के अलावा एक और वीडियो देखा, जिसमें AEN श्री जगनलाल बैरवा के शरीर पर चोटों के निशान हैं, आँख के पास सूजन है।
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। AEN की चोटों की मेडिकल बोर्ड से जांच हो, और जो भी दोषी पाया जाए, उन पर कड़ी कार्रवाई हो। @RajCMO
भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने दलित सरकारी इंजीनियर छगनलाल बैरवा के साथ मारपीट कर उन्हें ही गिरफ्तार करवा दिया। राजस्थान के निर्लज्ज मीडिया ने बिना किसी पड़ताल और तथ्य-जांच के इंजीनियर को दोषी ठहराते हुए मनगढ़ंत सुर्खियाँ गढ़ दीं।
बीजेपी विधायक होने का फायदा भरपूर उठाया जयदीप बियानी ने... अधिकारियों को पीट भी लिया और आरोप लगाकर जेल भी भेज दिया... जमानत के बाद अधिकारी चोट दिखा रहे हैं...सच्चाई भी बता रहे हैं
गंगानगर में पानी के संकट के बीच विधायक–इंजीनियर प्रकरण में आख़िर क्या हुआ, किसने - किसको पीटा विवाद की गहन जांच होना अति आवश्यक है जिससे पता चल सके कि आख़िर हुआ क्या था।
भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और इंजीनियरों के बीच मारपीट के बारे में नए खुलासे भरमाने वाले हैं, एक दिन पहले विधायक ने आरोप लगाए और अब इंजीनियर यह आरोप लगा रहे हैं कि विधायक ने उनके साथ मारपीट की।
AEN श्री जगनलाल बैरवा जी की चोट लगे शरीर की तस्वीरें चौंकाने वाली हैं, जहां उनकी आंख के साथ साथ शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं।
मेरा माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए AEN श्री जगनलाल बैरवा जी की चोटों की मेडिकल बोर्ड से जांच हो और उच्चस्तरीय जांच करके सच्चाई सामने लाई जाए।
राजस्थान में विधायक ने दलित आधिकारी के साथ बुरी तरह मारपीट की है!
ये पहला मामला नही है इससे पहले एक विद्यायक मलिंगा ने एक दलित अधिकारी को इतना मारा था कि उसको 22 फ्रैक्चर्स आये थे !
विद्यायकों को इतनी हिम्मत देता कौन है?