प्रदेश के लाखों युवाओं की मेहनत और तैयारी पर सरकार की चुप्पी भारी पड़ रही है।
RAS परीक्षा की तारीख को लेकर बना असमंजस, भीतर तालमेल की कमी और संवादहीनता ने अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव में डाल दिया है।
सरकार अभ्यर्थियों की वाजिब मांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की बजाय उदासीन और गैर-जिम्मेदार रवैया अपना रही है।
भ्रम की यह स्थिति युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।
पूर्व में घोषित परीक्षा तिथि अब बेहद निकट है — ऐसे में सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करे और धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से संवाद कर कोई ठोस समाधान निकाले। @BhajanlalBjp@CMORajsthan
RAS-Mains 2024 के RPSC ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं...!
मैं भजनलाल, मैं मदनलाल
पहली बार जोश में वादा किया उसकी हवां निकाल दी है
लड्डू खट्टे है
#RAS_MAINS_स्थगित_करो 😆🙏
माननीय किरोड़ी लाल मीणा से विनम्र अपील है की या तो सभी धरनों से दिए आश्वासन वापस ले लें या सरकार से समर्थन वापस ले लें !🙏🏻🙏🏻
क्योंकि आप के विश्वास पर बेरोजगारों का भविष्य दिनोदिन ख़राब हो रहा है।
@DrKirodilalBJP#RAS_MAINS_POSTPONE_2025
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RAS मुख्य परीक्षा 2024 को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जी द्वारा युवाओं को आश्वासन दिया जाता है और RPSC की और से अलग ही निर्देश जारी होते है। भाजपा अध्यक्ष ने प्रदेश के युवाओं को गुमराह क्यों किया?
ऐसा प्रतीत होता है कि राजस्थान सरकार युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है।
राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्रियों और कई विधायकों ने RAS भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को यह भरोसा दिलाया कि उनकी मांग पूरी हो जाएगी, जिसके चलते उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बातों का एक राजनीतिक वजन होता है।
इन घटनाक्रमों के चलते अभ्यर्थियों में यह धारणा बन गई कि परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई जाएगी, और उन्होंने अपनी तैयारी उसी अनुसार ढाल ली। लेकिन अब RPSC द्वारा परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से चर्चा किए बिना ही यह आश्वासन दे दिया? क्या मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्रियों और भाजपा प्रदेश नेतृत्व के बीच आपसी संवाद की इतनी कमी है कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी बातों पर भी गंभीर विचार नहीं हो रहा? यदि विषय इतना संवेदनशील है, तो उपमुख्यमंत्रियों को केवल पत्राचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात कर कोई ठोस निर्णय कराना चाहिए।
भाजपा अपनी आंतरिक राजनीति में जितना भी उलझी हो, लेकिन युवाओं की उम्मीदों और भविष्य से ऐसा खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे तेज गर्मी में धरना दे रहे अभ्यर्थियों से संवाद करें और शीघ्र ही कोई स्पष्ट निर्णय लें।
@INCIndia@INCRajasthan@ashokgehlot51@GovindDotasra@TikaRamJullyINC
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना देकर ही अपनी मांगों को मनवाया जा सकता है फिर भी एक महीने के धरने का कोई नतीजा नहीं निकलता है तो फिर क्या ही मतलब 🙏🙏
वाजिब मांगों के बावजूद भी एग्जाम आगे ना करते हुए RAS के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए आरपीएससी द्वारा💔🙏
RAS-2024 की मेन्स परीक्षा को लेकर सरकार में अनिर्णय और असमंजस की स्थिति क्यों हैं? वो भी तब, जब परीक्षा में महज़ 4 दिन बचे हैं।
प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष, दोनों उप-मुख्यमंत्री, कई मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी तक मुख्यमंत्री को #RAS_मुख्य_परीक्षा को आगे बढ़ाने के लिए पत्र लिख चुके हैं, सोचिए हालात कितने गंभीर होंगे कि सत्ता पक्ष के ही लोग परीक्षा स्थगन की मांग कर रहे हैं।
लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक कोई जवाब तक नहीं आया।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सरकार के ही मंत्री, जनप्रतिनिधि परीक्षा को टालने की अपील कर रहे हों और फिर भी सरकार के मुखिया मूक दर्शक बने बैठे हों।
- RAS भर्ती 2023 अभी अधूरी है, उसके इंटरव्यू चल रहे हैं।
- वही अभ्यर्थी अब 2024 की प्री परीक्षा में चयनित हैं और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
- एक साथ इंटरव्यू और मुख्य परीक्षा की तैयारी करना न तो व्यावहारिक है और न ही न्यायसंगत।
छात्रों की यह मांग पूरी तरह वाजिब है कि RAS 2024 की मुख्य परीक्षा को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि आंदोलनरत अभ्यर्थियों की भावनाओं को समझें, उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लें।
अन्यथा कांग्रेस पार्टी इन बेरोज़गारों की आवाज़ को सड़कों से लेकर सदन तक उठाएगी और उनके अधिकार की लड़ाई लड़ेगी।
@RajGovOfficial@RajCMO@BhajanlalBjp
RAS परीक्षा की सही तारीख जानना अभ्यर्थियों का हक है। भाजपा सरकार ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं पर केवल अपनी घोर लापरवाही व उदासीनता दिखाई है।
जिसका खामियाजा युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
पूर्व में घोषित परीक्षा की तिथि निकट है, इसलिए धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से बातचीत कर एक स्पष्ट और पारदर्शी तरीक़े से निर्णय लेना चाहिए।
पर्ची से बेवकूफ़ मुख्यमंत्री न पहले कभी बना था, न आगे बनेगा। घर बैठे इतनी बड़ी ऑपर्च्युनिटी मिली, जिसका लाभ सिर्फ़ पाँच बार मुफ्त भोजन करने तक ही सीमित रह गया। न अपनी छवि की चिंता, न अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्रियों की, और न ही विधायकों की। कोई इतना ख़राब प्रदर्शन कैसे कर सकता है? कोई इतना नकारात्मक परफ़ॉर्म कैसे कर सकता है? पर्ची राम को बस पाँच बार फ्री का खाना मिल जाए, बाकी जनता, छात्र और राजस्थान सब जाएँ भाड़ में। राजस्थान ने ऐसा क्या पाप किया था, जो ये पर्ची में मिला? @AmitShah क्या देखा था ये निर्णय लेते टाइम, थोड़ा इन्फो बाकी के साथ भी शेयर कर दो . #राजस्थान #Rajasthan
राजस्थान यूनिवर्सिटी मुख्य द्वार पर चल रहे धरने में शामिल हुआ
आज राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के मुख्य द्वार पर आरएएस मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की माँग को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से मुलाक़ात कर उनकी बात सुनी।
इन मेहनती युवाओं ने दिन-रात तैयारी की है और अब परीक्षा तिथि में उचित समय की माँग कर रहे हैं, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।
मैं सरकार से अपील करता हूँ कि अभ्यर्थियों की इस उचित माँग पर गंभीरता से विचार करे और परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई जाए, जिससे हज़ारों बेरोज़गार युवाओं को न्याय मिल सके।
@RajCMO@BhajanlalBjp
राजस्थान यूनिवर्सिटी में चल रहे #RAS_Mains_पोस्टपोन_धरने में आमरण अनशन पर बैठ हुए हैं।
अब या तो सरकार भर्ती को स्थगित करेगी, या फिर इनके बलिदान को पूरा राजस्थान देखेगा।
जब तक निर्णय नहीं आता कोई भी पीछे नही हटेंगे। ✊#RASMAINSPOSTPONE