दास्तां प्यार का......💐
शुरुवात कहाँ से करू कुछ समझ नही आ रहा, क्योंकि मेरे प्यार की शुरुआत किस लम्हे में हो हमको भी पता न लगा, एक दिन था ख़ास उस दिन उनके दिदी की शादी थी उस रात खाना खाने के वक्त उन्होंने जाते वक्त कहा मेरी थाली लेकर खा लीजिए, कार्यो की ब्यस्तता ने...1/2
उसके नफरत के जज्बातों को अगर कुछ बया करू तो इन्ही से समझो मित्रो....
उसने आज #instagram के फॉलोवर्स लिस्ट से भी #remove कर दिया..
माना हम बुरे है #Following लिस्ट में नही रह सकते लेकिन बुरे इतने भी नही की फॉलोवर्स के काबिल भी नही😭
#बेख्याली
केई दिन तक उसे देखा नहीं जब उसकी खिड़की पर
तो अपनी आंखों में खिड़की का पर्दा हो गया था मैं
सो ख़ुदको ढूंढकर इक रोज़ गोली मार दी मैंने
जिसे चाहा उसी की जां का ख़तरा हो गया था मैं
- शकील आज़मी