पंचायत सहायकों की मांगों की शर्तों में यह था कि समस्त निकाले गए पंचायत सहायकों की बहाली की जाएगी
तो ये तानाशाही क्यों व्याप्त है क्या फिर से आंदोलन को पनाह देना चाहते है आप
प्रशासक के पास ग्राम पंचायत समिति की ताकत कैसे आ गई??
प्रशासक सिर्फ सामान्य कार्य करवा सकते!
ये कर्मचारी को नियुक्त करना निकालना डीएम की अनुमति के बिना कैसे संभव हो गया ?? ये नियम विरुद्ध और मांगो की अवहेलना है तत्काल कार्यवाही हो।
पंचायत सहायक की सेवा तुरंत बहाल की जाए वरना पूरा मिर्जापुर धरने पर बैठेगा।
@DM_MIRZAPUR डीएम साहब संज्ञान लीजिए
@uppanchayatiraj
लखनऊ : लखनऊ के इको गार्डन में धरने का मामला
➡आप सांसद संजय सिंह धरना स्थल पहुंचे
➡8 दिनों से धरने पर बैठे हैं पंचायत सहायक
➡धरने को समर्थन देने पहुंचे सांसद संजय सिंह
#Lucknow#SanjaySingh#PanchayatSahayak@SanjayAzadSln
यूपी के पंचायत सहायक पिछले 8 दिन से लखनऊ में धरना दे रहे हैं.
यूपी में पंचायत सहायकों को 6 हजार रुपए महीना मिलता है, वो भी 5-7 महीने देर से आता है. सोचिए - महीने के सिर्फ 6 हजार रुपए.
अगर आपने पंचायत सीरीज देखी है, तो उसमें विकास का जो किरदार है वो पंचायत सहायक का है. उस किरदार की तस्वीर लगाई है, ताकि आप समझ सकें.
पंचायत सहायकों की मांग है कि इनका मानदेय 30 हजार रुपए किया जाए, क्योंकि इस महंगाई में 6 हजार से कुछ होता नहीं है.
साथ ही इन्हें हर साल कॉन्ट्रेक्ट बनवाना होता है, इस नियम को भी खत्म किया जाए.
पंचायत सहायकों की मांग जायज है, लेकिन BJP सरकार सुने तब तो. फिलहाल इन्हें लखनऊ के बाहर इको गार्डन में छोड़ रखा है, जहां से धरने की आवाज वहीं दब जाती है.
उत्तर प्रदेश की सरकार को क्या हफ्ते भर से धरने पर बैठे पंचायत सहायक साथियों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है।
कहां है पंचायती राज मंत्री, कहां है उत्तर प्रदेश के जिम्मेदार अधिकारी और मंत्री।
इस तरह से छोटे अधिकारियों को भेज कर उत्तर प्रदेश सरकार क्या यह साबित करना चाहती है कि उन्हें पंचायत सहायक साथियों और उनकी मांगों से कोई मतलब नहीं है।
@myogiadityanath@panchayatirajup@UPGovt@yadavakhilesh
#PanchayatSahayakUP
#पंचायत_सहायक_यूपी
जितने भी बीजेपी के नेता, विधायक और मंत्री हैं उनको चैलेंज है- वो अपने बच्चों को 6000 रुपए में पंचायत सहायक बनाकर गांव में नौकरी कराके दिखाओ... सभी पंचायत सहायक अपनी नौकरी छोड़ देंगे!
: @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP
यूपी में 58,000 पंचायत सहायक पिछले कई वर्षों से मात्र 6,000 रुपये प्रति माह में काम कर रहे हैं। 6,000 रुपये में कोई नौजवान अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर सकता है? इनकी मांग है कि मानदेय 30,000 रुपये प्रति माह किया जाए। @myogiadityanath जी को इनकी मांगें तुरंत मान लेनी चाहिए। @AamAadmiParty सड़क से संसद तक पंचायत सहायकों की मांगों का समर्थन करती है।
➡️कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर जी को जन्मदिन की बधाई।
➡️उत्सव के बीच उत्तर प्रदेश के लाखों पंचायत सहायकों का चरम शोषण और न्यूनतम मानदेय का दर्द मत भूलिए।
➡️आपसे आग्रह है कि केवल सत्ता का सुख न भोगें, बल्कि इन युवाओं के हक और भविष्य के लिए तुरंत ठोस कदम उठाएं।
@oprajbhar
क्या किया जाए आपके किए की आप हमारी दर्द को समझेंगे ।
हमने 7 तारीख से अपना शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन ईको गार्डन लखनऊ शुरू किया था लेकिन आपने हमे केवल दर्द दिया आपने हमे समझा ही नहीं 🥹🫡
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
@myogiadityanath जी कृपया हम पंचायत सहायक का शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन लखनऊ इको गार्डन में हो रहा है । हम लोग अल्प मानदेय 6000 में कैसे घर चलाएंगे ।
#पंचायत_सहायक_संघर्ष