अख़बार में खबर छपी…
छात्रा से अश्लील हरकत..
प्रिंसिपल की पिटाई…
चेहरे पर क���लिक पोती…
खबर पढ़ते ही सारे लोग जज बनकर फ़ैसला सुनाने पहुँच गए…
कोई फाँसी दे रहा है…
कोई उम्रक़ैद घोषित कर रहा हैं…
कोई चौराहे पर नंगा करके लटका रहा हैं…
कोई भीड़ के हवाले करने का फ़रमान सुना रहा है…
लेकिन किसी ने ये जानने की को��िश नहीं की…
प्रिंसिपल की गलती थी या उसे फँसाया जा रहा है…
आए दिन हम ऐसे झूठे केस के बारे मे सुनते रहते है…
लेकिन फिर भी जनता की मानसिकता ही ऐसी हो गई है…
छेड़खानी की खबर सुनते ही आरोप साबित करके फाँसी पर लटका देते हैं…!!!
और षड्यंत्रकारियों को उनके मंसूबों में कामयाब बना देते हैं…!!
थोड़ा विवेक इस्तेमाल किजीए…
हम नहीं कहते कि सब मामले झूठे ही होते हैं…
लेकिन हर बात इतनी सीधी नहीं होती…!!!
यह मामला व्यक्तिगत नहीं बल्कि समस्त शिक्षा समाज ,आम जन के शिक्षकों के प्रति विश्वास से जुड़ा हुआ है l
गहनता से जांच होनी चाहिये ताकि मामले का निष्पक्ष पता चल सके ll
प्रिसिपल आरोपी है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए लेकिन क्या ऐसे वीडियो बनाने वालों ने शिक्षा विभाग के नियम तोड़कर निजता नहीं भंग की ? क्या इन लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ ? ये सवाल गंभीर है और शिक्षा विभाग के साथ साथ पुष्कर पुलिस भी सवालों के घेरे में हैं ?
2020-21 में निदेशालय के तत्कालीन निदेशक सौरभ स्वामी जी द्वारा कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सोच के साथ "कंप्यूटर शिक्षक" का कैडर प्रस्ताव बनाया गया था परंतु उसे अप्रत्याशित तौर पर हटा दिया गया था।
आज कंप्यूटर अनुदेशक पढ़ाने से ज्यादा ऑपरेटर बनकर रह गए हैं।
@ethareldex
कड़ेल, पुष्कर प्���िंसिपल मामला 🙏🙏
प्रिंसिपल श्री सुशील कुमार शर्मा वाले मैटर के बारे में गहनता से जांच होनी चाहिए.....क्योंकि यह मामला सिर्फ एक स्कूल का नहीं है यह मामला टीचर्स की इज्जत और बच्चों के भविष्य का सवाल है।
स्कूल में आने वाली हर बेटी हमारी अपनी बहन-बेटियों से भी बढ़कर है ये ध्येय हर शिक्षक का होना चाहिए!
ल���किन छुट्टी पर होने के बावजूद ऑन ड्यूटी आकर सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह एक पल में एकतरफा सजा का अंतिम फैसला देने वाली मैडम की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए?
@RajCMO @madandilawar
माननीय शिक्षा मंत्री @madandilawar जी से शिक्षक साथियों की ओर से विनम्र निवेदन।
शिक्षा विभाग की मुख्य वेबसाइट शाला दर्पण पर विभाग के लगभग 90% कार्य जैसे—ऑनलाइन उपस्थिति, परीक्षा परिणाम अपलोड, स्थानांतरण प्���माण पत्र (TC), प्रपत्र-10, अपार (APAAR) सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होते हैं।
दुर्भाग्यवश, यह पोर्टल अधिकांश समय तकनीकी समस्याओं से जूझता रहता है। वर्तमान में प्रपत्र-10 भरने की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित है, लेकिन वेबसाइट न दिन में ठीक से चल रही है और न ही रात में। ऐसे में शिक्षक समय पर कार्य कैसे पूर्ण करें?
माननीय मंत्री जी से विनम्र आग्रह है कि शाला दर्पण पोर्टल की तकनीकी क्षमता और सर्वर व्यवस्था में शीघ्र सुधार कराया जाए, ताकि शिक्षक अनावश्यक परेशानी से बचें और विभागीय कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे हो सकें।
समय पर कार्य की अपेक्षा तभी उचित है, जब व्यवस्था भी समय पर साथ दे।
@RajCMO
@rajeduofficial
@Dadarwal7
@JATbera1
@UdtaPanchi__
@MohanSihag24
@RESMA_7
@Ramududi07
#shala_darpan
शिक्षकों के प्रयास सोशल मीडिया पर हर रोज हो रहे है वायरल
कभी ट्विटर ट्रेंड तो कभी यूट्यूब और न्यूजपेपर
शिक्षा मंत्री जी से निवेदन है शिक्षकों के ट्रांसफर करे
धन्यवाद
@Apnigovt
2018 के बाद से केवल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले नहीं होने से नाराजगी,पिछले 31 सालों से नहीं बनी ट्रांसफर पॉलिसी, तृतीय श्रेणी शिक्षकों ने कहा - हमें वरिष्ठता नहीं, ट्रांसफर चाहिए। @rajeduofficial