D.Ed व B.Ed walo को बराबर मौका मिला था। जो Merit में आए चाहे D.Ed या B.Ed के हो उनकी नियुक्ति उस समय प्रचलन में रहे छत्तीसगढ के राजपत्र के अनुसार हुई। ये दर्द सिर्फ उन D.Ed वालो का है जो मेरिट में स्थान नही बना सके। जलो मत बराबरी करो। अंत में न्याय B.Ed के साथ होगा। जय हिंद
कुछ बाते साफ होनी चाहिए:
1. Vikas Kaushik 5788/2023 के D.Ed के याचिकाकर्ता की 11 में से 4 रैंक इतनी कम थी की वो 4 चरण में अब तक हुए appointment के बावजूद मेरिट के दाम पर नियुक्ति नहीं पा सके। और 7 ने तो शिक्षक भर्ती परीक्षा भी नही दी है।
ये लोग किस प्रकार से योग्य है ?
2. क्या 85-110 नंबर ला कर B.Ed डिग्री धारी शिक्षक बच्चो को गुणवक्ता पूर्ण शिक्षा दे पाएगा या 30-50 नंबर ला कर D.Ed डिग्री धारी शिक्षक जिनकी रैंक भी हजारों में होगी?
3. B.Ed Appointed शिक्षकों ने भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (CGTET/TET) पेपर-I उत्तीर्ण किया। जिसे पास किए बिन कोई primary का शिक्षक नही बन सकता। उसके बाद सहायक शिक्षक का exam पास किया। जिसे से ये सिद्ध होता है की B.Ed Appointed शिक्षक पूरी तरह से well qualified है।
4. आम तौर पर B.Ed के शिक्षक ही DIET में D.Ed के अभ्यर्थियों को पढ़ते हैं। तो क्या गुरु अज्ञानी हो सकता है।
5. अब तक नियुक्त करीब 5500-5800 पद में करीब 4000-4500 पद B.Ed well qualified चयनित सहायक शिक्षकों के पास है।
अभी लड़ाई बाकी है। कल MP के सहायक शिक्षक को न्याय मिला। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ (CG) के सहायक शिक्षकों को न्याय मिलेगा।
जीत अंत में सच की ही होती है।
जय हिंद 🇮🇳🇮🇳
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