इस युवा रिपोर्टर सूरज की भाषा और तेवर की जितनी भी तारीफ की जाए , कम है . सूरज जैसे युवाओं से ही उम्मीद है .
लेकिन
नीतीश कांड का एक पहलू मोदी और शाह की पलटी और मौकापरस्ती भी है . बीजेपी नेताओं ने नीतीश के लिए क्या नहीं कहा है .
अब एक सवाल
अगर नीतीश को कोसने वाले मोदी और शाह के बयानों के साथ बीजेपी के दोमुहेंपन पर इसी तेवर साथ स्टोरी हो तो क्या आप इसी तरह से तारीफ करेंगे ?
जब तक निशाने पर सिर्फ नीतीश हैं , तब तक तो ये सभी चैनलों के लिए उपयुक्त है , जिस दिन निशाने पर मोदी की सत्ता होगी , उसी दिन इस रिपोर्टर के लिए नौकरी मुश्किल हो जाएगी.
लिखकर रख लीजिए .