कैबिनेट मंत्री जीतनराम मांझी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि दलितों को हिंदू धर्म त्याग कर बौद्ध बन जाना चाहिए।
बहुजनों का बौद्ध बनना सही मायने में "घर वापसी" है। अतः मेरा सुझाव है कि मांझी जी को भी सपरिवार बौद्ध धर्म स्वीकार कर लेना चाहिए। इससे समाज में अच्छा संदेश जाएगा।
महोदय @myogiadityanath जी !!
इनको कौन सा कानून बताया गया है कि तुम खुलेआम किसी को थप्पड़ मार सकते हो ?
यह इतने ही ज्ञानवान होते तो दरिंदा बलात्कारी जिंदा क्यों है बाहर क्यों घूम रहा उस दरिंदे को कितने थप्पड़ मारे है SSP ने जिसने एक बाप की बेटी का बलात्कार किया है ?
ऐसे अधिकारियों को बर्खास्त करो जो आरोपियों को ही संरक्षण देते हो !!
@ramjigautambsp@SurajKrBauddh
रामराज्य आया है , स्वागत करो अपने को हिंदू कहने वाले दलितों।
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से छुआछूत की एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी क्लिनिक के बाहर रखे बर्तन से पानी पीने पर एक दलित मजदूर को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपी का दावा था कि दलित के छूने से पानी का घड़ा "अपवित्र" हो गया है।
कभी आपने देखा है कि छूआछूत की इन शर्मनाक घटनाओं के बाद किसी हिंदू संगठन का मुंह खुला हो। वैसे ये बताते नहीं थकते कि दलित भी हिंदू हैं।