उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के मछरेहटा थाना क्षेत्र के ग्राम ग्वाली पुरवा में 12 वर्षीय मासूम बच्ची का शव गन्ने के खेत में मिलना बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। परिजनों ने अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
आखिर उत्तर प्रदेश में मासूम बच्चियां कब तक असुरक्षित रहेंगी? अपराधियों के मन में कानून और पुलिस का भय कायम होना चाहिए। ऐसी घटनाएं प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, लेकिन गोदी मीडिया को शायद यह जंगलराज दिखाई नहीं देता!
भीम आर्मी के साथी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। हम पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।
@UPGovt और @Uppolice से हमारी प्रमुख मांगें हैं:
* घटना का 24 घंटे के भीतर अनावरण किया जाए।
* दोषियों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
* मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच हो।
* यदि @sitapurpolice की लापरवाही सामने आए, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
* पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
मासूम बच्ची को न्याय मिलना चाहिए। इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। न्याय की इस लड़ाई में भीम आर्मी परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
मध्य प्रदेश के दमोह जिला अस्पताल का यह मामला बेहद शर्मनाक और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। बीमार बेटे के इलाज के लिए अस्पताल पहुंची एक मां से कथित तौर पर फर्श साफ करवाए जाने का दृश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
@DrMohanYadav51 जी, क्या गरीब और मजबूर मरीजों के परिजनों के साथ यही व्यवहार होगा? अस्पताल इलाज और राहत देने के लिए हैं, न कि मजबूर मांओं की विवशता का फायदा उठाने के लिए।
मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई हो तथा पीड़ित महिला और उसके बेटे को समुचित उपचार एवं सम्मानजनक सहायता सुनिश्चित की जाए। सरकार जवाबदेही तय करे—किसी भी गरीब की मजबूरी उसके सम्मान से समझौते का आधार नहीं बन सकती।
@CMMadhyaPradesh
चित्रकूट के जोरवारा गांव में दलित परिवार पर गोलीबारी में एक महिला की हत्या और उनके पति के गंभीर रूप से घायल होने की घटना बेहद दुखद एवं चिंताजनक है।
भीम आर्मी की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और घायल व्यक्ति को बेहतर उपचार मिले। SC/ST एक्ट सहित सभी लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
@chitrakootpol@Uppolice@ChitrakootDm@dig_ajay46632
NHM के संविदा कर्मचारियों ने करीब 20 वर्षों तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती दी, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यह बेहद चिंताजनक है।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी NHM कर्मचारियों की जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा पर तत्काल ठोस निर्णय ले। कर्मचारियों को आश्वासन नहीं, उनका अधिकार मिलना चाहिए।
#UPNHM #NHMprotest #ASP_K_Mission2027
सुरेश पासवान के मामले में यदि बहराइच पुलिस न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं करती, तो 6 अक्टूबर को सभी साथी बहराइच कूच करेंगे और जिला मुख्यालय पर लोकतांत्रिक प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासन समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे।
@Uppolice@bahraichpolice@DIGDevipatan@CMOfficeUP
हर कदम पर विश्वास बनकर साथ खड़े रहते हैं आप,
हर दिल में उम्मीद बनकर बसे हैं आप।
मुश्किल घड़ी में हौसला बढ़ाते हैं आप,
तभी तो सबसे खास कहलाते हैं आप।
हमारा नेता, हमारा अभिमान।
ऐसा नेता मिलना मुश्किल है जो मुसीबत में आपका हाथ पकड़कर खड़ा रहे...🙏
बहराइच में कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न की घटना बेहद चिंताजनक है। मैं जल्द ही बहराइच जाऊंगा। कार्यकर्ता हमारा परिवार हैं और उनका उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सेवा में महोदय
@rampurpolice "विजेंद्र राजपूत जो गांव गोसमपुर थाना पटवाई" का निवासी है!!
यह सोशल मीडिया पर "संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी" की फोटो को एडिट कर अभद्र टिप्पणी कर रहा है,जो निन्दनीय कृत्य है😡
उत्तर प्रदेश की आशा वर्कर्स बहिनें अपनी जायज मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलनरत हैं। इसी क्रम में लखनऊ के ईको गार्डन में भी हजारों की संख्या में बहिनों ने प्रदर्शन कर सरकार से अपने अधिकारों की मांग की।
आशा वर्कर्स बहिनें प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जमीनी कड़ी हैं। इसके बावजूद महज 2,000 से 3,500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलती है। टीकाकरण के लिए 75 रुपये और प्रसव के लिए 600 रुपये जैसी प्रोत्साहन राशियों पर काम करना पड़ता है, जबकि भुगतान में लंबे समय तक देरी की शिकायतें भी सामने आती हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आशा कर्मी बहिनों का कहना है कि आज की आसमान छूती महंगाई में इतनी कम राशि में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
24 घंटे उपलब्ध रहने वाली इन बहिनों के काम के घंटे तक तय नहीं हैं। वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें राज्य स्वास्थ्यकर्मी का दर्जा, न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, ESI, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
@UPGovt आशा वर्कर्स बहिनों की वर्षों से चली आ रही मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल संवाद करे और उनके लंबित भुगतान, उचित वेतन तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करे।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आशा वर्कर्स बहिनों की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 25,000 रुपये प्रतिमाह वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
आशा बहिनों का सम्मान, उनके अधिकार और सम्मानजनक वेतन की गारंटी हमारी प्रतिबद्धता है।
#ASHAWorkers #ASHAWorkerProtest #AshaWorkersDemand #AshaWorkersStrike
Sir @Uppolice@unnaopolice@dgpup
करन राजपूत पुत्र प्रकाश राजपूत, निवासी सैदपुर, उन्नाव द्वारा Instagram पर बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ प्रसारित कर दंगा भड़का रहा है और समाज में आक्रोश पैदा कर रहा है कृपया इसे जल्द कानूनी कार्यवाही करे🙏
6 अक्टूबर को मैं बहराइच आ रहा हूं।
सुरेश पासवान और बृजेश पासवान के खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमों, उनके परिवार के उत्पीड़न तथा पयागपुर थाना प्रभारी दीपक सिंह की कथित मनमानी के खिलाफ अब आर-पार की लोकतांत्रिक लड़ाई होगी।
बहराइच प्रशासन यह समझ ले-सुरेश और बृजेश अकेले नहीं हैं, उनके साथ पूरा राष्ट्रीय नेतृत्व व प्रदेश संगठन खड़ा है।
मैं अपने सभी साथियों और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करता हूं कि आपकी आवाज़ को बुलंद करना मेरी जिम्मेदारी है और मैं बहराइच प्रशासन को वो पूरी शक्ति के साथ सुनाऊंगा। प्रशासन यदि जनता की आवाज़ सुनने को तैयार नहीं है, तो 6 अक्टूबर को बहराइच की धरती से लोकतांत्रिक आंदोलन की आवाज़ मजबूती से उठेगी।
बहराइच प्रशासन तैयार रहे - भीम आर्मी/आसपा के कार्यकर्ता न्याय की मांग लेकर आ रहे हैं।
6 अक्टूबर
📍बहराइच जिला मुख्यालय
अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष।
साथी शान मोहम्मद जी के विरुद्ध मेरठ प्रशासन द्वारा की गई जिला-बदर की कार्रवाई के विरोध में आज भीम आर्मी स्टूडेंट फेडरेशन एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रशासन तक पहुँचाई।
मेरठ प्रशासन से स्पष्ट कहना है, यदि हमारी न्यायसंगत मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की गई और शान मोहम्मद जी के विरुद्ध की गई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा नहीं हुई, तो इस मुद्दे को मेरठ तक सीमित नहीं रखा जाएगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
@ccsushan@meerutpolice@UPPOLICE@DmMeerut
बहराइच के पयागपुर में सुरेश पासवान प्रकरण में दोनों पक्षों की FIR दर्ज है। आरोप है कि SHO दीपक सिंह पुलिसकर्मियों के साथ बृजेश पासवान के घर पहुंचे और परिवार से अभद्रता, मारपीट, बुजुर्गों को गाली देने व बच्चों-महिलाओं को डराने का काम किया।
@Uppolice आरोपों की निष्पक्ष जांच कर यह सुनिश्चित करें कि कानून का पालन कराने वाली पुलिस स्वयं कानून और मानवीय गरिमा की सीमाओं का उल्लंघन न करे अन्यथा जनपद बहराइच में पूरे उत्तर प्रदेश से भीम आर्मी प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
@bahraichpolice @IGDevipatan @CMOfficeUP
बहराइच: थाना पयागपुर में पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान पर @bahraichpolice द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर FIR 370/2026 दर्ज की गई है।
दोनों पक्षों के विवाद में केवल सुरेश जी को आरोपी बनाकर परिवार का भी उत्पीड़न क्यों?
@Uppolice दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच करे, अन्यथा आंदोलन होगा।
@Drkuldeepbhargv बहराइच: थाना पयागपुर में पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान पर @bahraichpolice द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर FIR 370/2026 दर्ज की गई है।
दोनों पक्षों के विवाद में केवल सुरेश जी को आरोपी बनाकर परिवार का भी उत्पीड़न क्यों?
@Uppolice दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच करे, अन्यथा आंदोलन होगा।
@VinayRatanSingh बहराइच: थाना पयागपुर में पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान पर @bahraichpolice द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर FIR 370/2026 दर्ज की गई है।
दोनों पक्षों के विवाद में केवल सुरेश जी को आरोपी बनाकर परिवार का भी उत्पीड़न क्यों?
@Uppolice दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच करे, अन्यथा आंदोलन होगा।
बहराइच: थाना पयागपुर में पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान पर @bahraichpolice द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर FIR 370/2026 दर्ज की गई है।
दोनों पक्षों के विवाद में केवल सुरेश जी को आरोपी बनाकर परिवार का भी उत्पीड़न क्यों?
@Uppolice दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच करे, अन्यथा आंदोलन होगा।
जनपद बहराइच के थाना पयागपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान एवं जिला सह-संयोजक बृजेश पासवान के विरुद्ध FIR संख्या 370/2026 में BNS की धारा 115(2), 352, 351(3), 191(2) व 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले का दूसरा पक्ष समझना भी बेहद जरूरी है।
सुरेश पासवान के अनुसार, दीपक राव, आकाश गुप्ता, राहुल पाण्डे एवं अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर संगठन और सुरेश पासवान व बृजेश पासवान को बदनाम करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट/बैनर प्रसारित किए जा रहे थे। इसी संबंध में 08 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे पूछताछ करने पर विवाद हुआ और कथित रूप से गाली-गलौज व मारपीट की स्थिति बनी। इस मामले में सुरेश पासवान की ओर से थाना पयागपुर में मुकदमा संख्या 368/2026 दर्ज कराया गया था।
आरोप है कि इस शिकायत पर पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद 10 सितंबर 2026 को शाम करीब 5–6 बजे, जब सुरेश पासवान एवं बृजेश पासवान खुटेहना-गिलौला मार्ग पर जा रहे थे, तो गोबर मंदिर के पास दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हुआ। सुरेश पक्ष का आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिसके बाद गाली-गलौज और हाथापाई हुई। इसी दौरान वहां से गुजर रही कांवड़ यात्रा की भीड़ की मदद से एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस चौकी ले जाने की बात भी सामने रखी गई है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और सुरेश पासवान की ओर से पहले ही शिकायत/मुकदमा दर्ज कराया गया था, तो बाद की कार्रवाई में केवल सुरेश पासवान और बृजेश पासवान को ही आरोपी बनाकर उनके परिवार को कथित रूप से परेशान क्यों किया जा रहा है?
यदि पहली शिकायत पर ही पुलिस ने समय रहते निष्पक्ष संज्ञान लेकर दोनों पक्षों को बुलाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की होती, तो संभव है कि विवाद आगे नहीं बढ़ता।
हम मांग करते हैं कि—
🔹 FIR 368/2026 और FIR 370/2026 दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
🔹 घटनास्थल के CCTV, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाए।
🔹 दोनों पक्षों के मेडिकल एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएं।
🔹 किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव में एकतरफा कार्रवाई न हो।
🔹 यदि पुलिसकर्मियों द्वारा किसी पक्ष के साथ अनुचित व्यवहार/उत्पीड़न किया गया है तो उसकी भी जांच हो।
कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। किसी संगठन के कार्यकर्ता होने के कारण किसी को फंसाया भी न जाए और किसी को संरक्षण भी न मिले।
यदि मामले में समय रहते निष्पक्ष जांच एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जनपद बहराइच लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
@Uppolice@bahraichpolice @IGDevipatan @CMOfficeUP
आज जनपद मुजफ्फरनगर के पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बड़कली में नगीना सांसद आदरणीय एड. चन्द्रशेखर आज़ाद जी एवं भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय विनय रतन सिंह जी ने सतगुरु रविदास जी महाराज के सत्संग में पहुंचकर गुरुजी के श्रीचरणों में माथा टेका।
बारिश हो, कीचड़ हो या रास्तों में कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों, एड. चन्द्रशेखर आज़ाद रुकने वाला नहीं।
मुश्किल रास्ते ही बताते हैं कि इरादे कितने मजबूत हैं।