दलित समाज की बेटी #रोशनी_अहिरवार को आज दिन दहाड़े UP में गोलियों से भून डाला गया।
@myogiadityanath जब आपसे प्रदेश संभल ही नहीं रहा तो आप मठ की तरफ़ क्यों नहीं चले जाते?
आम जनमानस को जीने दीजिए।
इसी जंगलराज को आप रामराज कहते है नही चाहिए आपका रामराज
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना में 13 छात्रों की दर्दनाक मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद, हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाला है।
अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर शिक्षा प्राप्त करने आए इन छात्रों का इस तरह असमय निधन पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
इस गंभीर घटना की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जाँच कर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, सभी शिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
@UPGovt से अपील है कि मृतक छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा घायलों के बेहतर और निःशुल्क उपचार की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पीड़ित परिवारों को हर संभव सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के लखनऊ के सभी कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों और घायलों की हर संभव मदद के लिए आगे आएं।
4 जून 2026 को जनपद बिजनौर से निकलने वाली “सत्ता परिवर्तन यात्रा” को ऐतिहासिक और जनभागीदारी से भरपूर बनाने के उद्देश्य से आज जनपद संभल में जनसंपर्क एवं सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान जनता से अधिक से अधिक संख्या में बिजनौर पहुंचकर परिवर्तन की इस लड़ाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
घर से निकलो अगर इज्जत सम्मान की ज़िन्दगी चाहिए मांगने से भीख मिलती है अगर अपनी गुलामी बेबसी लचारी को खत्म करना है तो 5 साल मै जितना जुल्म सह हो इस बार बटन दबाकर इलाज करो अन्याय करने वालों का
@BhimArmyChief
भीषण गर्मी में कद्दावर नेता अपनों के बीच खड़े हैं,
संघर्ष की यही ताकत आने वाले समय में बड़ा बदलाव लाएगी।ठाकुरद्वारा क्षेत्र के गांव नारायनपुर छंगा में पीड़ित परिवारों से मिलने जाने पर प्रशासन द्वारा स्वोहरा के मिल गेट हाउस पर रोके जाने के बाद सांसद@BhimArmyChief धरने पर बैठ गए.✍️
यूपी की राजनीति में बड़ा भूचाल! 🔥
भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद अब उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की हुंकार भर रहे हैं। तमिलनाडु के अभिनेता थलपति विजय के राजनीतिक मॉडल से प्रेरित होकर, चंद्रशेखर ने यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।
इस महायोजना को जमीन पर उतारने के लिए वह 4 जून से राज्यव्यापी 'सत्ता परिवर्तन यात्रा' शुरू करने जा रहे हैं। सभी 75 जिलों से गुजरने वाली इस यात्रा का रूट जानबूझकर टेढ़ा-मेढ़ा रखा गया है, ताकि विरोधी दल उनकी रणनीति को भांप न सकें।
चंद्रशेखर का यह कदम यूपी के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा रहा है। बसपा के कमजोर होने से बने शून्य को वह तेजी से भर रहे हैं। उनका सीधा निशाना दलित-मुस्लिम समीकरण पर है, जो राज्य की कम से कम 70 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। चंद्रशेखर का यह आक्रामक दांव सपा के 'PDA' फॉर्मूले और भाजपा के दलित वोट बैंक, दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है।
उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय(1.0-1.2 लाख रूपये ) आज भी राष्ट्रीय औसत (2.0-2.2लाख रूपये ) से काफी कम है, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पूरे देश में एक समान लागू की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आय में इतना बड़ा अंतर है, तो महंगाई का बोझ भी समान कैसे हो सकता है?
कम आय वाले राज्यों की जनता पर ईंधन मूल्य वृद्धि का प्रभाव कहीं अधिक गंभीर होता है। उत्तर प्रदेश की मेहनतकश और मध्यम वर्गीय जनता पहले ही महंगाई और आर्थिक दबाव झेल रही है। ऐसे समय में बढ़ी हुई ईंधन कीमतें लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को और कठिन बना रही हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, राज्य सरकार को अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए पेट्रोल और डीजल पर VAT में कटौती कर जनता को तत्काल राहत देनी चाहिए।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पेट्रोल और डीजल पर राज्य VAT में प्रभावी कमी कर आम जनता को महंगाई से राहत दी जाए।
अमेरिका की सड़कों पर @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद का काफिला 🔥
लग्जरी Rolls Royce गाड़ी में दिखे नगीना सांसद
भारत व भारत से बाहर बैठे कुछ जातिवादियों को ये तस्वीरें हजम नहीं होंगी 😅😂
परम प्रतापी योद्धा, अद्भुत साहस, दूरदर्शी रणनीति और जनकल्याणकारी शासन के प्रतीक, बहुजन प्रतिपालक राजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज के संबंध में यह कहना कि वे युद्धों से थककर अपना मुकुट किसी और को सौंपना चाहते थे, न केवल ऐतिहासिक रूप से असत्य है, बल्कि उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान का घोर अपमान भी है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी के ‘मुँहबोले छोटे भाई’ धीरेन्द्र द्वारा नागपुर में ऐसे मंच से, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस प्रकार का बयान दिया जाना, भाजपा-आरएसएस की उसी सोच का परिणाम है, जहाँ बहुजन नायकों के योगदान को कमतर दिखाने, उनके संघर्ष को कमजोर करने और उनके व्यक्तित्व को विकृत करने की कोशिश लगातार की जाती रही है।
इतिहास साक्षी है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी।उनका जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की सर्वोच्च मिसाल है-न कि थककर पीछे हट जाने की कहानी।
ऐसे भ्रामक और असत्य बयानों के माध्यम से न केवल समाज को गुमराह किया जा रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के सामने इतिहास की विकृत तस्वीर प्रस्तुत की जा रही है। यह सीधे-सीधे हमारे महापुरुषों के गौरव को ठेस पहुँचाने का प्रयास है।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि बहुजन समाज अपने महापुरुषों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। इस बयान के लिए धीरेंद्र पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और बहुजन अस्मिता के जीवंत प्रतीक हैं। उनके गौरव को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी सोच और साजिश को देश का जागरूक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों को शीघ्र लाभ दिलाने के संबंध में माननीय समाज कल्याण राज्य मंत्री @asim_arun जी को पत्र लिखा।
@UPGovt
फिर दलित दूल्हे की शादी में शान से निकल रही बिनौली में लाइट कटवा कर पत्थर फेंकने की साजिश को भीम आर्मी के जांबाज शेरों ने नाकाम कर दिया, @DrMohanYadav51 बात मंदसौर जिले के गांव की है।
भाजपा के “डबल इंजन” राज में बहुजन समाज न्याय के लिए अपनी जान देने को मजबूर है।
17 अप्रैल को मुजफ्फरनगर में हिमांशु जाटव के साथ जातंकवादी द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। पीड़ित द्वारा पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह प्रशासन की संवेदनहीनता और मिलीभगत को उजागर करता है।
हिमांशु ने इंसाफ की उम्मीद में आरोपी के परिजनों से भी दो बार शिकायत की। वहाँ से निराश होने पर 17 अप्रैल की ही रात तीसरी बार आरोपी के घर पहुँचकर उसने खुद को आग लगा ली। दिल्ली के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 22 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित सामाजिक हत्या है, जिसमें दोषी केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि वह तंत्र भी है जिसने समय पर न्याय नहीं दिया।
यह घटना अत्यंत दुखद और दंडनीय है। हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
@UPGovt से हमारी माँगें:- सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज हो।लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सुरक्षा प्रदान की जाए।
@CMOfficeUP
आज जनपद मुजफ्फरनगर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वाधान में एक सफल सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पार्टी की नीतियों और विचारधारा से प्रेरित होकर सदस्यता ग्रहण की।
जयंती पर सम्मान… और बाद में अपमान? आखिर कब तक चलेगा ये खेल… हद है इस दोगलेपन की!
जयंती आएगी तो महाराजा छीता पासी जी को सीतापुर का निर्माता बताकर माला पहनाओगे, मंच सजाओगे, पासी समाज के बीच बैठकर वाहवाही लूटोगे…
और जैसे ही काम निकल गया, असली चेहरा सामने, सीतापुर का श्रेय महाराजा विक्रमादित्य को दे दिया जाएगा!
ये भूल नहीं है, ये सीधा-सीधा धोखा है… समाज के साथ विश्वासघात है।
ऐसे लोगों की यही पुरानी आदत रही है - कभी बहुजन समाज को “नीला कबूतर” कहकर अपमान करना,
कभी बाबा साहब की जयंती पर सम्मान की जगह औपचारिकता निभाना, और अब हमारे महापुरुषों के इतिहास को ही बदल देना।
और सबसे बड़ा सवाल पासी समाज से है:-
👉 कब तक ऐसे दोगले लोगों को अपने कार्यक्रमों में बुलाते रहोगे?
👉 कब तक अपने ही महापुरुषों का अपमान सहते रहोगे?
👉 कब तक वोट के बदले अपना इतिहास गिरवी रखते रहोगे?
जयंती के दिन तुम्हारे बीच आकर ये तुम्हारी तारीफ करेंगे, तुम्हें सम्मान देंगे…
और चुनाव के बाद वही लोग तुम्हारी पहचान मिटाने का काम करेंगे।
अगर अब भी नहीं जागे, तो याद रखना, इतिहास पहले भी मिटाया गया है, और आगे भी मिटा दिया जाएगा।
इसलिए साफ शब्दों में कहता हूँ -
ऐसे दोगले नेताओं का बहिष्कार करो।
सामाजिक कार्यक्रमों को राजनीतिक मंच मत बनने दो।
जो हमारे महापुरुषों का सम्मान नहीं कर सकता, उसे हमारे बीच आने का कोई अधिकार नहीं।
पासी समाज जागो…
चमचागिरी छोड़ो…
अपनी पहचान बचाओ…
और अगर खुद नहीं लड़ सकते, तो कम से कम लड़ने वालों का साथ तो दो।
अब भी समय है… नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ नहीं करेंगी।
#पासी_समाज #बहुजन_एकता #इतिहास_की_लड़ाई #जागो_समाज #सच_कड़वा_है #दोगली_राजनीति
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की घटना को लेकर कुछ मीडिया संस्थानों, विशेषकर @aajtak द्वारा भीम आर्मी के नाम पर भ्रामक और भड़काऊ खबरें चलाई जा रही हैं। जिस प्रकार “उत्पात” और “जातीय तनाव” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, वह बेहद चिंताजनक है।
जबकि स्थानीय पुलिस ( https://t.co/MF2on2YNtP ) के अनुसार, यह मामला कुछ युवकों द्वारा चौक पर चढ़कर नारेबाजी करने तक सीमित है और किसी भी प्रकार की मूर्ति या धार्मिक संरचना को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।इसके बावजूद एक पूरे संगठन और विचारधारा को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।जो किसी भी रूप में उचित नहीं है।
हम @agrapolice से मांग करते हैं कि:
1. इस प्रकार की भ्रामक और एकतरफा खबरें चलाने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. बिना प्रमाण किसी संगठन विशेष का नाम जोड़कर सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
3. घटना की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सार्वजनिक किया जाए, ताकि अफवाहों पर रोक लग सके।
लोकतंत्र में मीडिया की जिम्मेदारी समाज को सच दिखाने की है, न कि नफरत फैलाने की।
हम सभी से अपील करते हैं कि अफवाहों से बचें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
@BhimArmyChief@UPGovt@CMOfficeUP@myogiadityanath@Uppolice@dgpup
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों व वंचितों के मसीहा, महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक और विश्व रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थल महू पहुँचकर उन्हें आदरांजलि एवं शत शत नमन किया..
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