🚨"ममता बनर्जी "ने वोट बैंक को खुश करने के लिए पुलिस भेज दी
👉क्या Freedom of Speech सिर्फ एक वर्ग के लिए है?
👉जो पुलिस मुर्शिदाबाद में अपना घर नहीं संभाल पाईं
👉वो 1500 KM दूर दिल्ली जाकर 19 साल की लड़की को गिरफ़्तार कर रही हैं
ये कैसी न्याय व्यवस्था है?
भाषाई युद्ध की बकलोली का अंतिम परिणाम यह होगा कि हर राज्य में 100% नौकरी स्थानीय लोगों के लिए हों। किसी भी राज्य का व्यक्ति दूसरे राज्य में शिक्षा या व्यापार आदि के लिए जा ही न सके।
ऐसा संभव होता, यदि हर राज्य में केन्द्रीय विश्वविद्यालय, IIT, IIM, AIIMS से ले कर हर स्तर के विद्यालय और ISRO जैसे संस्थान हों। जब बिहार में टाटानगर, डालमियानगर, बोकारो, धनबाद, राँची, बरौनी, मुजफ्फरपुर, पटना जैसे कई उन्नत नगर और उद्योगों की भरमार थी, तब किसी दक्षिण भारतीय को उसकी भाषा नहीं पूछी गई।
आज भी झारखंड-बिहार आदि में भाषा का विवाद नहीं है जबकि कई केन्द्रीय संस्थान हैं। लोगों को काम से मतलब है, वो चाहे कन्नड़ बोल कर कोई कर दे या तमिल। यूपी में तमिल समागम हो रहा है, साइनबोर्ड कई अन्य भाषाओं में हैं। यूपी में तो किसी बजरंग दल ने तमिल और कन्नड़ में लिखे बोर्ड पर कालिख नहीं पोती?
अपनी घृणा या अनभिज्ञता को ‘लेकिन वहाँ काम करते हैं तो सीखना चाहिए’ में मत लपेटो। ‘सीखना चाहिए’ एक सुझाव है, ‘सीखो या भागो’ एक धमकी। यहाँ मामला धमकी का है क्योंकि राजनीति में मसाला चाहिए।
विकल्प होने पर व्यक्ति आवश्यकता ��ेख कर सीख ही लेगा। जिसका काम वहीं है, वो सीखेगा। जो दो साल के लिए, पाँच साल के लिए आया वो नहीं सीखेगा। वो काम चलाएगा। पर, जैसे-जैसे ये घृणा मुख्यधारा में आएगी, ऐसे नगर नीचे जाएँगे।
आज ही गूगल ने रीयल-टाइम अनुवाद की घोषणा की है। तकनीक ऐसे विवादों को पाट सकती है यदि लक्ष्य ‘कार्य का निष्पादन’ हो। यदि आपको फल के ठेले वाले के हिन्दी बोलने से अपनी संस्कृति बर्बाद होती दिखती है और MNC की अंग्रेजी से आबा���, तो मैं आपको बता दूँ कि कन्नड़ हो या तमिल, सहस्रों वर्षों का इतिहास है, वो फलवाले की अनभिज्ञता के कारण नष्ट हो ही नहीं सकती।
इस दादा का दर्द इतना रिपोस्ट करो की देश के प्रधानमंत्री @narendramodi जी के कानों तक जाये । सिर्फ़ ममता बनर्जी को दोष देने से क्या फ़ायदा? जब देश का मुखिया भी मूक बन कर बंगाल में अपने ही लोगों का पलायन देख रहा है । अपनी घर की महिलाओं का इज्जत लुटते देख रहा
Muslims attacked a Shobha Yatra in Hazaribagh, Jharkhand, which was organized for a Yagya.
When was the last time Hindus were able to celebrate their festivals without disruptions or attacks by Islamists?
🚨 Hindus UNITE in Hazaribagh, Jharkhand..!
MASSIVE sloganeering against Jharkhand govt — "We won’t tolerate ATTACKS on Hindu festivals. Unite, Ram Bhakts."
बरकट्ठा के झुरझुरी में चल रहे महायज्ञ के शोभायात्रा में दो संप्रदायों के बीच पथराव,पुलिस मामले को शांत कराने में जुट��,NH2 हुआ जाम
Hazaribagh - Barkatha city
What’s unfolding in Murshidabad has left me both speechless and outraged. The central government must intervene — West Bengal cannot continue to suffer under the misgovernance of Mamata Banerjee. This wave of communal violence must be crushed with brute force. What we are witnessing is a complete breakdown of law and order.
#WestBengal
A Hindu family has lost everything in #Samserganj of #Murshidabad district.
A sweets shop was their only source of income.
Islamists targeted and vandalised the shop and everything inside the shop was looted.