समृद्धि, सौभाग्य और पुण्य प्राप्ति का प्रतीक, पावन पर्व अक्षय तृतीया की सभी भक्तों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्री विष्णु जी एवं माँ लक्ष्मी जी से प्रार्थना है कि यह पावन तिथि सभीके जीवनमें सुख, समृद्धि और मंगलमयता का संचारकरे तथा हरघर में आनंद और उन्नतिका प्रकाश फैलाए
सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है।
यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है।
प्रभु श्री राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।
जय जय श्री राम
मां चंद्रघंटा को प्रणाम! माता से प्रार्थना है कि वे हर किसी को सशक्त, समृद्ध और सौभाग्यपूर्ण जीवन का आशीष दें।
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
जगज्जननी माँ दुर्गा की आराधना एवं उपासना के पावन पर्व 'चैत्र नवरात्रि' के प्रथम दिवस पर माँ शैलपुत्री सभी भक्तों के जीवन में शक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें, उनसे यही प्रार्थना है।