#RajputSamratPrithvirajChauhan
Regards on the birth anniversary of such great Rajput warrior Prithviraj Chauhan, the warrior who saved the country from Islamization
@KshatraDharma
उतरप्रदेश पुलिस भर्ती में हमारी मांग है
सामान्य वर्ग की आयु सीमा कम से कम 28 वर्ष ओर ews की आयु सीमा 30 वर्ष होनी चाहिए।
हैशटैग :- #Justice_With_General#जनरल_का_सफाया
समय :- 9.30 बजे सुबह से 12.30बजे तक
दिनांक:- 16 जुलाई 2023
क्योंकि हम इस देश की सबसे श्रेष्ठतम सैनिक कौम हैं,क्योंकि हमने इस देश की अपने मस्तक कटा कर इसकी रक्षा की है। लेकिन बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि उसी कौम को आज के लोकतंत्र में उपेक्षित किया जा रहा है। सामान्य वर्ग की पुलिस भर्ती में आयुसीमा 28 वर्ष की जाए
#जनरल_का_सफाया
#जीजा_साली_गैंग की महिला उपाध्यक्ष #संगीता_फोगाट, आज 0-10 के बड़े अंतर से हार कर देश का नाम खराब किया।
और इन्हे खेलना सीधा #ओलंपिक है🤔
🙋मेरी चप्पल कहा है कोई लाना तो ।
मैं मां संसद✨️ बृजभूषण शरण सिंह जी के ट्रायल वाले फैसले का समर्थन करता हूं
#JijaSaaliSangharshSamiti#Shame
डिस्क्लेमर: यहाँ आरोपी क्षत्रिय नहीं है।
यहाँ आरोपी क्षत्रिय नहीं है। इसलिए देश के मीडिया के वो एंकर जो दिन रात दहाड़ते हैं अपने होंठ सिले हुए पायेंगे। कोई मीडिया ट्रायल नहीं कोई तमाशा नहीं।
नेता जो इसे सीढ़ी बनाना चाहते हैं वो इस घटना पर दुखी होंगे कि काश इसमें आरोपी कोई राजपूत जना होता तो कुछ काम आता। कोई रैली नहीं होगी कोई दुख बाँटने नहीं जाएगा।
पूरा लेफ्ट लिबरल ईकोसिस्टम जो अपने ग्रुप में वैलिडेट होने के लिए ऐसी खबर का इंतज़ार करता हैं। आरोपी की जात देखकर मायूस हो जाएगा। उनकी कलम की स्याही सूख जाएगी। दिलीप मंडल अपने हाथ ट्वीट करने से पहले बंधे पाएगा।
चंद्रशेखर रावण स्थिरमना शांत चित्त होकर ध्यान में लगा रहेगा। उसे ये घटना उद्वेलित नहीं करेगी। क्योंकि उसे जैसे ही आरोपी की जाति का पता चलेगा। वह पीड़ित की दलित जाति देख ही नहीं पाएगा ।
यहाँ तुरंत न्याय करने और सजा दिलाने की किसी को जल्दी नहीं रहेगी। ये घटना अख़बार में छपी हज़ारों घटनाओं में खो जाएगी, क्यों ? क्योंकि आरोपी क्षत्रिय नहीं है।
वो क्या है ना! कि किसी फ़िल्म में हीरो vs विलन न होने पर किसको मज़ा आता है? जनता में जोश ही नहीं पैदा होता। और इस देश में ठाकुर से बड़ा खलनायक कौन है बताओ ज़रा!
अब ना ब्राह्मणवादी मीडिया कुछ बोलेगी, ना जाट नेता कुछ बोलेंगे और ना जाट राजनेताओं का पिट्ठू भाई चंद्रशेखर कुछ बोलेगा।
हमारा विरोध किसी समाज से नहीं है, किंतु सार्वजनिक संस्थानों और मीडिया का उपयोग कर जातिय घृणा फैलाने के कुकृत्य से है।
खैर, हर अपराधी का हम विरोध करते हैं, भले ही वह हमारी जाति का हो मगर मीडिया ट्रायल नहीं होने देंगे।।