सभी कर्मचारियों से निवेदन है अपनी जायज मांगों को लेकर एकजुटता के साथ मनाने का प्रयास करें ऐसे हम कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दे सकते !@CantonmentI @CBMorarUnion @dhirajsonaje@drajaykumar_ias @canttindia@rajnathsingh @pddesc@pdde_wc @ceo_delhi@RakshaSampada
माननीय महोदय @rashtrapatibhvn@PMOIndia@rajnathsingh@RahulGandhi रक्षा मंत्रालय द्वारा 16 अगस्त को 11 कैंट को खत्म करने हेतु मीटिंग फिर से रखी गई है लेकिन आज दिनांक तक कर्मचारियों की मांगों पर विचार तक नहीं किया गया है। सभी छावनी परिषद के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है
निवेदन हैं विलय के दौरान कर्मचारियों और नागरिकों के हितों का हनन ना हो।IDES और सेना दोबारा मुद्दों को सही तरीके से नहीं रखा गया।क्योंकि विलय को रोकना चाहते थे.हर बिन्दुओं पर ध्यान रखें जाए।कहीं IDES और सेना की वजह से विलय के दुष्प्रभाव कहीं ज्यादा दिखें @sonamley@adgcantts_dgde
कैट बोर्ड विलय को IDES और सेना ने मिलकर ऐसे विषय बना दिया है न तो जनता को कुछ मिले गा न कर्मचारियों को ।दोनों का पहले से ज्यादा बुरा हाल करने में लगे हैं। क्यों पूर्ण हक नहीं देना चाहते।जनता को मालिकाना हक दो। इनसे कोई पूछे करना क्या चाहते हो। @BJP4India@adgcantts_dgde@ddg_it
जो भी कर्मचारी यूनियन IDES के कहने पर विलय का विरोध कर रही थी। उन्हीं IDES की वजह से अब कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। करो न अब विरोध, क्या हुआ। उठाओ अपनी आवाज।कर्मचारियों की एक मांग है केंद्र में मर्ज करो।क्यों नहीं पूर्ण हो सकती। @sonamley@ddg_it@adgcantts_dgde
कुछ कर्मचारियों को ब्रिगेडियर और सैन्य अधिकारियों का बंगला साफ करने रख रहे है पूरे कर्मचारियों को राज्य को नही दे रहे
क्या गजब IDES अधिकारी है पहले आपको ही विरोध करने प्रेरित करते है और मीटिंग में आपके विरोध में बोलते हैं।सौंपो अब विरोध ज्ञापन क्या हुआ। @adgcantts_dgde@ddg_it
हिमाचल के कैंट खत्म करने की कार्यवाही शुरू।
सभी छावनी परिषद् के कर्मचारियों को एक साथ आना चाहिए और यही मांग रखनी चाहिए की यदि छावनी परिषद् का विलय नगर निगम मे किया जा रहा है तो कर्मचारियों को केंद्र सरकार के विभाग मे ही स्थानत्रित किया जाये।
@PMOIndia@narendramodi@rajnathsingh
निवेदन है विलय के कार्य को जल्दी पूर्ण किया जाए ।साथ में नागरिकों और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए।कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होने चाहिए। ARMY दिशा निर्देशों के अनुसार दोनों के हितों का शोषण होगा। पुनः विचार किया जाए। @BJP4India@ddg_it@adgcantts_dgde
Merger of civil area with municipality may be right from the point of view of the government.
But why is the future of the Cantt Board employees being left in the dark like this?
Cantt Board employee should be merged in any department of the center govt.@RakshaSampada@pdde_wc
@CanttWorriers जब से कैंट बोर्ड स्थापित हुए हैं उसी समय से कर्मचारी अपनी नियंत्रण सेवाएं वहां के नागरिकों को और पूर्ण छावनी क्षेत्र को दे रहे हैं जहां तक दिखा जाए हमारी मांगे जायज है ताकि हमारे हितों का हनन ना