क्या बीट में काम करने वाला पुलिस कर्मी ही केवल मोबाइल का प्रयोग करता है, आफिस में नियुक्त पुलिस कर्मी क्या सरकारी काम के लिए मोबाइल का प्रयोग नहीं करता जो केवल बीट में नियुक्त पुलिस कर्मियों को SIM भत्ता दिया जा रहा है @myogiadityanath@yadavakhilesh@RahulGandhi@kpmaurya1
क्या बीट में काम करने वाला पुलिस कर्मी ही केवल मोबाइल का प्रयोग करता है, आफिस में नियुक्त पुलिस कर्मी क्या सरकारी काम के लिए मोबाइल का प्रयोग नहीं करता जो केवल बीट में नियुक्त पुलिस कर्मियों को SIM भत्ता दिया जा रहा है। @dgpup@Uppolice@CMOfficeUP@CMYogiAdityaNat@yadavakhilesh
@CMOfficeUP@myogiadityanath क्या बीट में काम करने वाला पुलिस कर्मी ही केवल मोबाइल का प्रयोग करता है, आफिस में नियुक्त पुलिस कर्मी क्या सरकारी काम के लिए मोबाइल का प्रयोग नहीं करता जो केवल बीट में नियुक्त पुलिस कर्मियों को SIM भत्ता दिया जा रहा है
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@CopSunilShukla@DgPrisons@agrapolice@myogiadityanath@bstvlive क्या बीट में काम करने वाला पुलिस कर्मी ही केवल मोबाइल का प्रयोग करता है, आफिस में नियुक्त पुलिस कर्मी क्या सरकारी काम के लिए मोबाइल का प्रयोग नहीं करता जो केवल बीट में नियुक्त पुलिस कर्मियों को SIM भत्ता दिया जा रहा है
बस्ती: छुट्टी नहीं मिली, इलाज में देरी से महिला सिपाही की मौत का आरोप
सड़क हादसे में घायल महिला सिपाही केसरी वर्मा ने इलाज के लिए छुट्टी मांगी थी। सिर पर 4 टांके लगे थे और छुट्टी की अर्जी के साथ CT स्कैन की रिपोर्ट भी लगाई थी।
परिवार का आरोप है कि SP ऑफिस से छुट्टी नहीं मिली। इलाज में देरी के बीच हादसे के 7 दिन बाद केसरी की मौत हो गई।
पत्नी की मौत के बाद सिपाही पति नागेंद्र वर्मा पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर फूट-फूटकर रो पड़े। उनका आरोप है कि अगर समय पर छुट्टी मिल जाती तो केसरी का इलाज हो सकता था और शायद आज वह जिंदा होतीं।
नागेंद्र ने SP ऑफिस में तैनात दीपक मिश्रा और एक अन्य कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है।
❓सवाल यह है—अगर घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए भी छुट्टी नहीं मिलेगी, तो आखिर व्यवस्था किसके लिए है?
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बस्ती में महिला कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस विभाग पर गंभीर सवाल उठे हैं। मृतका का पति भी पुलिस विभाग में सिपाही है। पति का आरोप है कि पत्नी के इलाज के लिए उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली।
पत्नी की मौत के बाद पति ने पीएम हाउस पर हंगामा करते हुए विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अब सवाल है—क्या समय पर छुट्टी मिल जाती, तो हालात कुछ और होते?
⚠️ पति द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
बस्ती में 7 दिन पहले सड़क हादसे में घायल महिला सिपाही केसरी वर्मा की मौत हो गई। एक्सीडेंट के बाद उनके सिर पर 4 टांके लगे थे। महिला सिपाही केसरी ने इलाज कराने के लिए एसपी ऑफिस में एप्लिकेशन दी थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली थी।
केसरी के पति नागेंद्र वर्मा भी पुलिस में सिपाही हैं। पत्नी की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर नागेंद्र फूट-फूटकर रोए। कहने लगे- इलाज नहीं होने से केसरी की मौत हुई है। 2 दिन से छुट्टी के लिए एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली।
सिपाही नागेंद्र वर्मा ने कहा-
अगर एसपी ऑफिस से छुट्टी मिल जाती और समय पर पत्नी का इलाज हो जाता, तो आज वह जिंदा होती। छुट्टी की एप्लिकेशन में सीटी स्कैन की कॉपी भी लगाई थी। सिर में 4 टांके लगे होने की बात भी लिखी थी। फिर भी एसपी ऑफिस में तैनात दीपक मिश्रा और एक अन्य कर्मचारी ने छुट्टी नहीं दी। कहा था कि न EL मिलेगी, न ही मेडिकल लीव। दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पूरी खबरः https://t.co/Abg7edAbZH