ट्रैफिक पुलिस लड़के की बाइक का चालान काट रही थी। शायद साइलेंसर मोडिफाइड था या और कुछ कमी रही होगी। एक नागरिक के तौर पर उसने बहस की, तो पुलिसवाले ने तुरंत गाली दे दी।
लड़के ने कहा, "तुमने गाली कैसे दी?"
फिर उन्होंने पीटकर बताया कि गाली की छोड़ो, हम तुम्हें पीट भी सकते हैं।
पुलिस के सामने एक नागरिक के अधिकार बस इतने ही होते हैं कि वह चुपचाप उनकी बात मानता रहे।
इस बार खाकी वालों ने गलत पंगा ले लिया है। पूरे देश में रेलवे एसोसिएशन अब उन सारे पुलिस वालों की बर्खास्तगी के बिना मानेगा नहीं । इस देश में सबसे मजबूत संगठन रेलवे कर्मचारियों का हैं जो अक्सर सरकार को अपनी ताकत दिखाता रहता है।
इधर काफी समय से उसको अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं मिला । अब रेलवे एसोसिएशन इन पुलिस वालों की बर्खास्तगी भी करवाएगा और इनके खिलाफ कोर्ट केस भी चलेगा और इनको जेल भी जाना पड़ेगा ।
@Arpitfmnew58938@rpfncragc@rpfpcagc@RPF_INDIA@DRM_Agra यात्री द्वारा दिया गया बयान पढ़ो, 1000 रुपए रिश्वत मांगे गये यात्री से स्टेशन मास्टर ने विरोध किया तो उसे ही गुंडागर्दी दिखाते हुए rpf ने पीट दिया। इन लोगों को बर्खास्त कर देना चाहिए।
“लाडकी बहीण” योजनेच्या संदर्भात इंडियन एक्सप्रेसची आजची बातमी अस्वस्थ करणारी आहे.
१) चौकशी अंती ह्या योजनेतून ९२ लाख लाभार्थींना वगळण्यात आलं आहे.
२) ह्याचा अर्थ, चुकीच्या लाभार्थींना १४,००० कोटी रुपयांची उधळण झाली आहे.
३) ह्यात सरकारी कर्मचाऱ्यांच्या कुटुंबांतील सदस्य ४ लाख ४२ हजार आहेत.
४) २९,००० पुरुष आहेत.
५) थेट सरकारी कर्मचारी ८,००० आहेत.
६) कॅगच्या अहवालात योजलेल्या खर्चापेक्षा ३,५४१ कोटी रूपयांचा अतिरिक्त खर्च झाल्याचं म्हटलं आहे.
योजना जून २०२४ ला जाहीर झाली. ॲागस्टमध्ये दोन हप्ते देण्यात आले. त्यानंतर लगेचच विधानसभा निवडणूक झाली. त्याच निवडणुकीत नंतर सत्तेत आलेल्या महायुतीनं ह्याच योजनेत महिना दीड हजार वरून ती रक्कम दोन हजार करण्याचं आश्वासन दिलं होतं.
सुज्ञ आणि जागरूक नागरिकांना ह्यातून अर्थ काढणं सोपं आहे. @IndianExpress
#महाराष्ट्र #वित्तनियोजन
I would like express my sincere gratitude to the Aazad Samaj party for extending their support to CJP’s protest at Jantar Mantar and standing with the students.
जो बोलते हैं आंदोलन से कुछ नहीं होता वो इसे देखे 👇🏻
कल नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद द्वारा मेरठ के ललिता गौतम मामले पर आंदोलन किया गया। जिसके बाद अब प्रशासन द्वारा दलित समाज के लोगों पर लगाई गयी गंभीर धाराओं को हटाया जा रहा है
कुछ नेता न्याय को 4-5 लाख रूपए से तौलते हैं तो कुछ तो आंदोलन को ही नकार देते हैं, इसके विपरीत एक नेता ऐसा है जो नफा-नुकसान की परवाह किये बगैर वास्तविक न्याय के लिए लड़ता है...!!
आज बहुजन समाज के कुछ नेताओं का असली चेहरा समाज के सामने आ गया है
भाजपा-आरएसएस के इशारे पर नाचने वाले उन नेताओं का हिसाब 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता करने जा रही है, चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में अब यूपी में राज-काज स्थापित होगा...!!✊🏻
बसपा सुप्रीमो बहन @Mayawati जी की प्रेस कांफ्रेंस👇🏻
मेरठ ललिता गौतम मामले का जिक्र किया? - नहीं ❌
सरकार की दलित विरोधी नीतियों पर सवाल? - नहीं ❌
SSP के थप्पड़कांड पर सवाल? - नहीं ❌
फिर क्या उद्देश्य था प्रेस कॉन्फ्रेंस का?
-भीम आर्मी पर हमला ✅
- चन्द्रशेखर आजाद पर हमला ✅
- भीम आर्मी की समाज में नकारात्मक इमेज बनाना ताकि भीम आर्मी कमजोर हो ✅
राज्यात लाखो किलो बनावट पनीर आणि खवा तयार होत होता हे आता उघड झालेय. हा खवा आणि पनीर विकत घेणारी एक साखळी राज्यभरात कार्यरत होती. राजस्थान तसेच उत्तरप्रदेश मधून इकडे आलेल्या बिकानेर स्वीट्स, जयपूर मिठाई, राजस्थान स्वीट्स, आग्रा मिठाई, अग्रवाल स्वीट्स, शर्मा स्वीट्स, पुरोहित नमकीन, राजपुरोहित स्वीट्स आणि तत्सम स्वीट्स मेकर्सची झाडाझडती एफडीएने घेतली पाहिजे! खूप मोठे सत्य समोर येऊ शकते.
राज्यभरात लग्न कार्ये, संमेलने अथवा वेगवेगळ्या औचित्यावर भोजनावळी दिल्या जातात त्याचे काम घेण्यासाठी स्थानिक आचारी लोकांत राजस्थानी गुजराती महाराज घुसले, त्यांची एक खासियत आहे की झोपडपट्टीमधील लग्न असो की महालात राहणाऱ्याचे लग्न असो, ते किमान एक तरी पनीर डिशचा आग्रह धरतात! ह्या पनीर भाज्यांचे खरे स्वरूप आठवून आता पोटात कालवतेय! ह्या केटरिंगवाल्यांची चौकशी व्हायला हवी!
हे लोक काय विकत होते हे इथल्या ग्राहकांना कळाले पाहिजे, कारण बिफोर तुकाराम मुंढे आणि आफ्टर तुकाराम मुंढे असे यांच्या पदार्थांच्या चवीचे, रंगांचे, टेक्श्चरचे पॅटर्न आहेत.
पुर्वी कधी तुम्ही जर ह्या लोकांकडून काही खरेदी केली असेल तर, आता यांच्या स्वीट होमला भेट दिली तर फरक कळेल, तो पुर्वीचा गंध, रंग आणि स्वरूप आता तसेच जाणवत नाही, त्यात आमूलाग्र बदल झालाय!
पुर्वी कसलेही तिखटजाळ खाऊन अथवा अगदी कालच्या दिवसाचे शिळ्या चपातीचे तुकडे खाऊनही पोट टकटकीत असणाऱ्या मराठी माणसाचे पोट नाजुक का झाले याच्या मुळाशी अशा पनीरगोष्टीही निघू शकतात!
कोणत्याही वृत्तवाहिनीने अथवा वर्तमानपत्राने याविषयी स्टिंग किंवा वृत्तमालिका केल्याचे माझ्या तरी पाहण्यात नाही. याचे काय कारण असेल?
- समीर गायकवाड #Facebook post
भारत में जजों को जज बोलना कब शुरू होगा? ये किस बात के मी लॉर्ड हैं. लॉर्ड सब आजादी के बाद इंग्लैंड चले गए. अब ये उनकी पूंछ रह गए यहां. इज्जत से बात करें तो इज्जत दीजिए. लॉर्ड-फॉर्ड क्या होता है?
मिलार्ड, की जगह अब जजो को "My Judicial Servant" बोला जाना चाहिए इस शख़्स ने देश को बताया है, बाकी आप जज भी बोल सकते हैं कोई समस्या नहीं है,
अमेरिका में जज को जज या योर ऑनर ही बोलते हैं. इज्जत घटती नहीं है इस बात से.
CJI को गाली नहीं देनी चाहिए थी हम निंदा करते हैं।
21 तोपों की सलामी और नमन रहेगा भाई तुमको, 150 करोड़ जनता की आवाज़ को आपने न्यायपालिका में उठाया है 🔥
इस भाई का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाना चाहिए, मिलार्ड, योर हॉनर की जगह अब जजो को "My Judicial Servant" बोला जाना चाहिए इस शख़्स ने देश को बताया है,
हालांकि CJI को गाली नहीं देना चाहिए थी ।
अहंकार देखो SSP पांडे का . "सड़क तुम्हारे पिता की नहीं- सड़क गंदी कर दी "! ऐसे महानुभाव निकल रहे हैं Civil Services से? ये हिम्मत धार्मिक जुलूस में सड़क जाम और गन्दा करने वालों पर क्यों नहीं दिखाई देती . पुलिस में ऐसी सामंती सोच की कोई जगह नहीं!
अक्सर पीड़ित ग़रीब न्याय मांगने जाता है और थाने से मुजरिम बनकर निकलता है।
थानों को अपनी जागीर समझने वाले इन वर्दीधारी अहंकारियों को कानून का डर कब होगा? वर्दी की आड़ में छिपे इन 'गुंडों' का हिसाब होना ही चाहिए! रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो जनता कहाँ जाए?
मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने भाजपा की डबल इंजन सरकार का महिला एवं दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनक़ाब कर दिया है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सरकार उसकी आवाज़ सुनने के बजाय न्याय की माँग करने वालों को ही कुचलने में लगी है।
NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के विरुद्ध दर्ज अपराध लगभग 42.6% और अनुसूचित जातियों के विरुद्ध अपराध लगभग 41% बढ़े। देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में अनुसूचित जाति (SC) की एक महिला के साथ बलात्कार होता है, यानी हर दिन 12 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले दर्ज होते हैं। ये केवल आंकड़े नहीं, भाजपा शासन में महिलाओं, दलितों और वंचितों की बढ़ती असुरक्षा का प्रमाण हैं।
जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने पहुंचते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार, नजरबंद और लाठियों से रोका जाता है। आखिर योगी सरकार किस सच को छिपाना चाहती है? विपक्ष को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है? परिवार की बात सुनकर उसे न्याय देने के बजाय पुलिसिया दमन क्यों किया जा रहा है?
हाथरस और उन्नाव में भी देश ने देखा था कि भाजपा सरकार ने किस तरह पीड़ितों की आवाज़ दबाई और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। अब मेरठ में वही दमनकारी रवैया दोहराया जा रहा है।
पीड़िता के परिवार को न्याय चाहिए, लाठियां और नजरबंदी नहीं। दोषियों को कठोरतम सजा मिले और पीड़ित परिवार की आवाज़ दबाना तत्काल बंद हो!
याद रहे…दलितों-वंचितों-मजलूमों की आवाज़ का उफान भाजपाई सत्ता के सिंहासन को जल्द उखाड़ फेंकेगा !!
दलित समाज की बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने वाले प्रदर्शनकारियों के साथ मेरठ के SSP अविनाश पांडेय ने मारपीट की! गाड़ी में चढ़कर थप्पड़ मारा।
इसे दो स्तरों पर समझिए।
जिस बेटी की हत्या हुई, वह दलित तबके से है।
जो लोग न्याय की गुहार लगा रहे थे, वे बहुजन हैं।
इसलिए अन्याय का जवाब न्याय से नहीं मिला, बल्कि दोहरे अन्याय से मिला! अगर प्रशासन में भी डाइवर्सिटी होती, तो कुछ लोग ऐसे भी होते जो वंचितों की पीड़ा समझ पाते।
न्याय व्यवस्था हो या पुलिस प्रशासन, राजनीति हो या शिक्षा व्यवस्था, जब तक दलित, पिछड़े और आदिवासियों को उनकी आबादी के हिसाब से भागीदारी नहीं होगी, उनका प्रतिनिधित्व नहीं होगा, तब तक ऐसे SSP आते रहेंगे और वंचित दोहरे अन्याय का शिकार होते रहेंगे!
अगर आज इस देश मै गरीबो दलितों की आवाज को मजबूती से उठा रहा वे सिर्फ सांसद चंद्रशेखर है दलित समाज के बड़े नेता तो दंगे से जोड़ रहे ये है असली नेता @BhimArmyChief
मरना एक दिन तय है वो चाहे किसी अप्रिय घटना से हो या बीमारी से हो या जुल्म के खिलाफ लड़ते हुए हो ...!!
लेकिन जुल्म के खिलाफ न झुकेंगे न रुकेंगे ,,,
हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे ✊
आज बड़े भाई मेरठ में 🔥🔥