माननीय मुख्यमंत्री योगी जी आपका प्रोफाइल लगा कर आपका छवि खराब कर रहा हैं।
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी एवं @Uppolice@cyberpolice की कृपया इस मामले में संज्ञान लें।
सोशल मीडिया पर @MAIZIDDILADKA नामक ID से कमलेन्द्र जी और उनके समाज को लेकर आपत्तिजनक, अपमानजनक एवं जातिगत टिप्पणी की जा रही है।
ऐसी भाषा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाती है। कृपया संबंधित पोस्ट और अकाउंट की निष्पक्ष जाँच कर उचित कानूनी कार्रवाई करें तथा सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और जातिगत अपमान के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाएँ।
https://t.co/Jgu2wkDi6K
@Uppolice@cyberpolice
@MAIZIDDILADKA गंदी नाली के कीड़े हो तो तुम लोग, मुग़लों की औलाद पहले अपने पैदा होने की रसीद अपने बाप से मांग और अपने बाप के बाप की भी मांगना कहां से पैदा हुए थे तुम लोग।
नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी से मांग है कि मप्र विधानसभा में 27% OBC आरक्षण की बहाली हेतु निजी विधायक विधेयक प्रस्तुत करें।
तमिलनाडु की तर्ज पर इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र की @narendramodi सरकार को भेजें।
@DrMohanYadav51
27% OBC आरक्षण बहाल करो! सामाजिक न्याय सुनिश्चित करो! ✊ @baagi_kamlendra
@MAIZIDDILADKA@baagi_kamlendra@MAIZIDDILADKA कमलेंद्र भाई तेरा गा.... का गुब्बारा बना दिए हैं। मां किसी की भी मां, मां होती है। लगता है तूने अपनी मां देखी ही नहीं होगी अनाथ होगा इसलिये ऐसी बातें कर रह है।
मध्यप्रदेश में OBC वर्ग को 27% आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु संवैधानिक एवं विधिक कार्रवाई की मांग को लेकर आज माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा।
पत्र के माध्यम से अनुरोध किया कि OBC आरक्षण संबंधी प्रावधानों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की संभावनाओं पर विचार करते हुए केंद्र सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल के लिए राज्य शासन को निर्देशित करने की कृपा करें।
आशा है कि सामाजिक न्याय के इस महत्वपूर्ण विषय पर संवैधानिक मर्यादाओं एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@GovernorMP@BJP4India@INCIndia@INCMP
#US13090
-40 बोलने से सच झूठ में नहीं बदल जाता! 💥
आरक्षण के नाम पर मेरिट पर सवाल उठाने वालों, पहले यह देखो कि चयन में जनरल और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के बीच कितने अंकों का अंतर है।
जब चयन लिखित परीक्षा के अंकों से हो सकता है, तो इंटरव्यू के नाम पर मनमानी की गुंजाइश क्यों?
🔥 इंटरव्यू बंद करो, पारदर्शी और निष्पक्ष चयन लागू करो! @narendramodi@GaneshSingh_in
#obc_हक_हुंकार #OBCएकता #OBCअधिकार #CasteistCollegium #CasteistJudiciary #सामाजिक_न्याय
लोल @neha_laldas, आपको EWS का 10% आरक्षण दिखाई नहीं देता क्या? 🤔
EWS के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान हुआ, जिसके बाद 50% की पारंपरिक आरक्षण सीमा से आगे जाने का संवैधानिक रास्ता बना और सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में इसे वैध माना।
मध्यप्रदेश में SC 16% + ST 20% + OBC 14% = 50% था। OBC को 27% करने पर यह 63% और EWS के 10% को जोड़ने पर कुल 73% होता है।
फिर EWS के 10% आरक्षण पर चुप्पी और OBC के 27% आरक्षण पर ही सवाल क्यों?
EWS के पात्र गरीबों से विरोध नहीं है। सवाल समान कसौटी और OBC के अधिकारों की पैरवी का है।
नेहा, स्पष्ट जवाब दीजिए—EWS के लिए संविधान संशोधन से आरक्षण का प्रावधान हो सकता है, तो OBC के 27% आरक्षण की बहाली के लिए सरकार की ठोस कानूनी पैरवी पर सवाल क्यों नहीं?
मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर विरोध तेज हो रहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद 28 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन की तैयारी है। जबलपुर हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े संशोधन को असंवैधानिक ठहराया था। अदालत ने 14 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था बरकरार रखी है। इसके बाद ओबीसी वर्ग से जुड़े संगठनों में नाराजगी है। प्रदर्शन के जरिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग सरकार तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
#OBCReservation #MPNews #27PercentReservation #MadhyaPradesh #OBCProtest
PM @narendramodi जी, CM @DrMohanYadav51 जी—27% OBC आरक्षण पर जवाबदेही तय कीजिए!
1️⃣ तुषार मेहता की भूमिका व उपलब्ध वीडियो की निष्पक्ष जाँच हो।
2️⃣ महाधिवक्ता प्रशांत सिंह द्वारा पेश तथ्यों व आंकड़ों की समीक्षा हो।
3️⃣ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर ठोस कार्ययोजना पेश हो।
@AmitShah
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी ने कहा है कि आप तत्काल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाइए। अध्यादेश लेकर आइए 27 प्रतिशत आरक्षण का कानून पास कराइये इन सबके लिए कांग्रेस तैयार है
प्रधानमंत्री @narendramodi जी और मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी—OBC आरक्षण पर जवाबदेही तय कीजिए!
मध्य प्रदेश में 27% OBC आरक्षण का मामला केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है।
ओबीसी महासभा की मांगें:
1️⃣ तुषार मेहता की भूमिका स्पष्ट हो: OBC आरक्षण से जुड़े पूर्व अदालती वक्तव्यों, दलीलों और वर्तमान कानूनी सलाह का रिकॉर्ड के आधार पर परीक्षण कराया जाए। मेरे पास उपलब्ध वीडियो की भी निष्पक्ष जांच हो।
2️⃣ महाधिवक्ता प्रशांत सिंह की जवाबदेही तय हो: हाईकोर्ट में सरकार की ओर से प्रस्तुत तथ्यों, आंकड़ों और कानूनी दलीलों की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए। यदि कोई गंभीर चूक प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई हो।
3️⃣ मुख्यमंत्री मोहन यादव जवाब दें: 27% आरक्षण के पक्ष में सरकार ने कौन-से ठोस तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत किए? फैसले के बाद उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर क्या निर्णय लिया गया है?
4️⃣ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग: केंद्र सरकार और संबंधित विधिक प्राधिकारियों के स्तर पर उपलब्ध संवैधानिक विकल्पों की समीक्षा कराई जाए तथा नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रस्ताव पर नियमानुसार विचार किया जाए।
5️⃣ समयसीमा घोषित हो: मुख्यमंत्री कार्यालय प्रत्येक मांग पर जिम्मेदार अधिकारी, कार्रवाई की समयसीमा और प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
6️⃣ विशेष सत्र और विधायी पहल: विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 27% OBC आरक्षण के लिए संवैधानिक रूप से टिकाऊ समाधान की कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
हमारा सवाल स्पष्ट है: यदि सरकार OBC आरक्षण के पक्ष में है, तो उसकी कानूनी रणनीति, प्रस्तुत आंकड़ों और अधिकारियों की जवाबदेही सार्वजनिक क्यों नहीं होनी चाहिए?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मोहन यादव जी—इस मामले में स्पष्ट जवाब दीजिए। OBC समाज को केवल आश्वासन नहीं, समयबद्ध कार्रवाई चाहिए।
जवाबदेही तय हो—तथ्यों के आधार पर, और कार्रवाई हो—नियमों के अनुसार!
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, अब सुप्रीम कोर्ट–हाईकोर्ट के नाम पर केवल तारीखों और आश्वासनों का सिलसिला बंद कीजिए!
मध्यप्रदेश के OBC युवाओं को 27% आरक्षण के सवाल पर स्पष्ट जवाब चाहिए।
@narendramodi, @AmitShah,
@BjpBiplab, @GaneshSingh_in,
@Hkhandelwal1964 सरकार अपनी जिम्मेदारी तय करे और हर मांग पर समयबद्ध कार्रवाई का हिसाब दे।
हमारी 10 जवाबदेह मांगें:
1. विधानसभा का विशेष सत्र: 15 दिनों के भीतर विशेष सत्र बुलाने की तारीख घोषित करें और 27% OBC आरक्षण पर सरकार का लिखित पक्ष सदन में रखें।
2. 27% आरक्षण पर स्पष्ट निर्णय: आरक्षण की संवैधानिक बहाली के लिए प्रस्तावित विधायी कदम, कानूनी आधार और कार्रवाई की समय-सीमा सार्वजनिक करें।
3. सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई का हिसाब: अपील की वर्तमान स्थिति, दाखिल दस्तावेजों, कानूनी आधार और अगली कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करें। यदि अपील दाखिल नहीं हुई है, तो निर्णय की समय-सीमा बताएं।
4. 13% होल्ड पदों पर जवाब: भर्तीवार पदों, प्रभावित अभ्यर्थियों और न्यायालय के आदेश के अनुपालन की स्थिति सार्वजनिक करें। नियुक्तियों की प्रक्रिया के लिए लागू समय-सीमा स्पष्ट करें।
5. 9वीं अनुसूची पर औपचारिक पहल: 30 दिनों के भीतर विधिक राय लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने अथवा प्रस्ताव भेजने में बाधा होने पर उसका लिखित कारण सार्वजनिक करें।
6. महाधिवक्ता और अधिकारियों की जवाबदेही: आरक्षण मामले की कानूनी तैयारी की स्वतंत्र विशेषज्ञ समीक्षा कराएं। प्रमाणित लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करें।
7. OBC आंकड़ों का सार्वजनिक विवरण: सामाजिक-शैक्षणिक पिछड़ेपन और सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व से जुड़े उपलब्ध प्रमाणित आंकड़े तथा उनकी कमियों को सार्वजनिक करें।
8. जिम्मेदार अधिकारी तय करें: मुख्यमंत्री (CM Madhya Pradesh) कार्यालय एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो सभी मांगों पर हुई कार्रवाई की निगरानी करे और नियमित प्रगति रिपोर्ट जारी करे।
9. केंद्र सरकार को पत्र और अनुवर्ती कार्रवाई: प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय विधि मंत्रालय को भेजे गए पत्र, प्रस्ताव और प्राप्त जवाब की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
10. जनता के सामने जवाबदेही: 15 दिनों के भीतर कार्ययोजना जारी करें और प्रत्येक 30 दिनों में प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करें। समय-सीमा पूरी न होने पर कारण और संशोधित समय-सीमा बताएं।
मुख्यमंत्री जी, सवाल साफ है: कौन जिम्मेदार है, क्या कार्रवाई होगी और कब तक होगी?
OBC युवाओं को केवल आश्वासन नहीं—लिखित निर्णय, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए।
27% आरक्षण की मांग हमारा मुद्दा है, युवाओं का भविष्य हमारा सवाल है और सरकार से जवाब मांगना हमारा अधिकार है।
— कमलेंद्र सिंह
राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य, OBC महासभा
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भाजपा सरकार 20 वर्षों से पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के साथ अन्याय कर रही है, कांग्रेस द्वारा दिए गए 27% ओबीसी आरक्षण को वर्षों से कोर्ट में उलझाकर रखा ।
मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, अब बहाने नहीं, ठोस कदम उठाइए, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर 27% ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित करने का रास्ता साफ कीजिए ।
ओबीसी आरक्षण के मामले में पूरा विपक्ष आपके साथ खड़ा होने को तैयार है ।