“Sach ye hai ki meri trigger pe ungli hai isliye tum khuli hawaa mein saans lete ho… Sach ye hai ki 7000 feet upar main apni haddiyan galata hoon isliye tumhe sahuliyat milti hai buddhi jeeviyon ki tarah baat karne ki… samvedansheel hone ki..Ishq Ladane Ki"
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
@ajeetbharti Ajeet bhai aapke bahut si baaton se shayad main in dino sehmat na raha hu but shayad mind neutrality itni asaan nahi hai so that we cant be baised!! Brilliant take on this one!
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।
This chutiya says “Desh tumhe hi bachana hai”
Of course BKL .. Modi is just an Indian like 1.4 Billion of us.
Har baar Desh hum Bharatiyon ko hi bachana hai, akele Modi ko nahi !!
Aliens nahi aayenge desh bachane chutiye !!
🚨 Glenn McGrath on Sachin Tendulkar's Adelaide dismissal
Sachin reckons the ball was going over the stumps by a foot and a half. I thought it was hitting. We even did a TV commercial about it his message was simple: McGrath needs an eye check.
Winning the World Cup twice in a row, the first time any team has done so in the T20 format. Totally deserving and rightful winners of the trophy.
What a fantastic performance by our team and a special brand of cricket on display.
Well done, Team India. Jai Hind! 🇮🇳🏆
Reservation for graduation, post-grad, jobs & even promotion- this is nothing but pure misuse.
It's time to rationalize this with:
1. One Family One Reservation
2. One Time Reservation
I hope this video reaches every General Category, so they too start raising these demands.