राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी की घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली गंभीर चेतावनी है। जब देश के प्रधानमंत्री श्री @narendramodi का दौरा प्रस्तावित हो और उससे ठीक एक दिन पहले इतनी संवेदनशील और रणनीतिक महत्व की जगह पर आगजनी हो जाए, तो यह महज संयोग नहीं माना जा सकता । मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं ,पीएम के दौरे से पहले आपने यहां की स्थिति का जायजा लिया था,मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आज भी आपका दौरा यहां प्रस्तावित है ऐसे में क्या शासन - प्रशासन केवल दिखावे की तैयारियों में व्यस्त है ? यह घटना न सिर्फ आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि निवेश और औद्योगिक विकास के माहौल को भी प्रभावित करती है। अगर प्रधानमंत्री के दौरे से पहले ऐसी जगहें ही सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में बड़े निवेश कैसे आएंगे ? इस आगजनी की घटना ने यह भी साबित कर दिया कि पीएम दौरे को लेकर भी राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आनन - फानन में तैयारियां की है,उन्हें केवल उद्घाटन करवाने की होड़ है | इस गंभीर चूक और आगजनी की जिम्मेदारी राजस्थान के मुख्यमंत्री को स्वयं सार्वजनिक रूप से लेनी चाहिए ,क्योंकि वो खुद इस कार्यक्रम की मोनिटरिंग कर रहे है |
@PMOIndia@RajCMO
राजस्थान सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जयपुर के मानसरोवर थाना क्षेत्र से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
देर रात तक प्रमोद शर्मा अपने जन्मदिन के अवसर पर समर्थकों से घिरे रहे। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जन्मदिन मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।
अलसुबह प्रमोद शर्मा ने एक वीडियो जारी कर अपने जन्मदिन का कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्थाओं को संभाल पाना संभव न होने का हवाला देते हुए कार्यक्रम टाल दिया।
हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद मानसरोवर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रमोद शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। इस एफआईआर में अवैध भूमि कब्जा, प्रभाव और संबंधों का दुरुपयोग, रिश्तेदारों के पद का गलत इस्तेमाल कर लोगों को धमकाने, उनसे अवैध धन वसूलने तथा ट्रांसफर आदि के नाम पर पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए, लेकिन मीडिया सूत्रों के अनुसार वे फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
अब देखना यह होगा कि पुलिस उन्हें कब तक गिरफ्तार कर पाती है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
भजनलाल सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस की नीति,
भूमाफ़िया प्रमोद शर्मा के ठिकानों पर जयपुर पुलिस के छापे,
उंचे राजनैतिक संबंधों के नाम पर झाँसा देकर अफ़सरों को था संपर्क में।
पुलिस ने आज बुलाया पूछताछ के लिेए तो जयपुर से फ़रार हुआ प्रमोद शर्मा।
@BhajanlalBjp#Rajasthan@8PMnoCM
ओरण सिर्फ ज़मीन का टुकड़ा नहीं है…
यह हमारी संस्कृति की पहचान, पूर्वजों द्वारा गौवंश व जीव-जंतुओं के स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ी गई एक विरासत और प्रकृति का जीवंत आधार है।
जब ओरण सुरक्षित रहेगी, तभी हमारी धरती सांस ले पाएगी…
और जब प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी हमारा कल सुरक्षित रहेगा।
“ओरण बचाओ पदयात्रा” में मैं स्वयं उपस्थित रहूंगा।
आप सभी से विनम्र आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस पुनीत अभियान को अपनी भागीदारी और समर्थन दें।
#ओरण_बचाओ
प्रिय नौजवान साथियों,
आपका अटूट स्नेह, विश्वास और समर्थन मुझे हमेशा ऊर्जा प्रदान करता रहा है। आज उसी विश्वास के साथ आपसे एक छोटी सी, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अपील कर रहा हूँ।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सूचनाओं को साझा करने का एक मजबूत स्तंभ है इसे हम समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच फैलाने और अच्छे कार्यों के लिए इस्तेमाल करें। अगर आप स्वयं को मेरा समर्थक मानते हैं, तो मेरी आपसे विनम्र अपील है कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या व्यक्ति विशेष के खिलाफ अमर्यादित टीका-टिप्पणी से दूर रहें।
मेरे राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी अपणायत, भाईचारा और आपसी सम्मान रही है जो कि मुझे मेरे पूर्वजों से मिली हैं। राजनीति और वोट से कहीं ऊपर हमारा सामाजिक सौहार्द है, जिसे बनाए रखना हम सबकी सामुदायिक जिम्मेदारी है।
बीते कुछ समय से हमारी इस पावन अपणायत की धरती पर सुनियोजित तरीके से नकारात्मकता फैलाकर आपसी वैमनस्य बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। लेकिन यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने स्वविवेक, समझदारी और संयम का परिचय देते हुए इन प्रयासों को सफल न होने दें।
बरसों से चली आ रही भाईचारे, अपनत्व और सामाजिक समरसता की इस परंपरा को बनाए रखना ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
आपका अपना,
रविन्द्र सिंह भाटी
माननीय @BarmerDurg जी केवल आलेखों में सिद्धांतवादी बनने से कोई पत्रकार नहीं बन जाता ? क्या अब सोने में भी जंग कहना शुरू हो गया है जो आपकी कलम ओरण बचाओ पदयात्रा पर चुप्पी साधकर परलोक सिधार गई है ?
#अधूरी_ओरण_स्वीकार_नही
यह बेहद दुखद है कि उदयपुर के स्वर्गीय श्री कन्हैयालाल के परिवार को भाजपा सरकार से न्याय के लिए गुहार लगानी पड़ रही है।गृहमंत्री श्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के समय जनता में भ्रम फैलाया कि राजस्थान सरकार ने स्पेशल कोर्ट नहीं बनाया, जबकि यह मुकदमा शुरू से ही NIA के पास है और NIA की स्पेशल कोर्ट में ही चल रहा है।
अमित शाह जी, भाजपा की राजस्थान में सरकार बने सवा दो साल हो चुके हैं। आपकी सरकार ने अभी तक इस मामले में वह स्पेशल कोर्ट क्यों नहीं बनाया है, जिसका आरोप आप कांग्रेस सरकार पर लगा रहे थे?
भाजपा ने इस मामले पर केवल राजनीति की है। अगर भाजपा सरकार चाहती तो इस मुकदमे की 'डे-टू-डे' हियरिंग (रोजाना सुनवाई) करवाती और अभी तक दोषियों को सजा हो जाती, परन्तु अभी तक भाजपा सरकार की NIA 160 गवाहों में से 40 गवाहों की गवाही तक नहीं करवा सकी है।
कन्हैयालाल जी के दोनों हत्यारे भाजपा के कार्यकर्ता थे, इसलिए भाजपा इनको सजा नहीं होने दे रही है। एक तरफ पूरे देश में सांप्रदायिकता का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा इतने संगीन मामले में अपराधियों को अभी तक सजा दिलाने में विफल रही है।