#सीतापुरबेल्टकांड@CMOfficeUP@myogiadityanath
निश्चित रूप से इसमें शिक्षक का घोर अपमान किया गया होगा तब इस तरह का दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम हुआ क्योंकि कोई भी शिक्षक कर्मचारी अपने अधिकारी पर बिना पताड़ना की पराकाष्ठा पर पहुंचे इस तरह का कोई कदम नहीं उठा सकता।और सवाल यह भी है की फुटेज उतनी देर का ही क्यों पूरे दिन का सीसीटीवी फुटेज सामने आना चाहिए। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगाl
साथ ही इस पत्र के माध्यम से और भी चीज क्लियर हो गई कि जब अनुपस्थित चल रही थी तो निलंबन क्यों नहीं अब क्यों? यह इशारा करता है कि में अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है।
इस पूरी घटनाक्रम की #न्यायिकजांच हो और दोषी को कठोर सजा दी जाए।
कर्तव्य निष्ठ शिक्षक के साथ इस तरह के घटना से शिक्षकों पर, शिक्षा पर और बच्चों पर बहुत नकारात्मक असर जाएगा इसकी जिम्मेदारी शासन ��र विभाग के उच्च अधिकारियों की बनती हैं कि शिक्षक और शिक्षार्थी को एक स्वस्थ व भयमुक्त वातावरण दे।
किसी भर्ती के पूर्व सरकार द्वारा संबंधित पद हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की जाती है उसको पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती किये जाते हैं ।प्रदेश सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों की भर्ती हेतु जो भी योग्यता निर्धारित की गई उसको पूरा करने पर ही शिक्षक भर्ती हुए हैं
जैसे हाईस्कूल बीटीसी,इण्टर बीटीसी,स्नातक बीटीसी/बिशिष्ट बीटीसी ,स्नातक बीटीसी/���िशिष्ट बीटीसी /बी एड इत्यादि
25- 30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती हेतु निर्धारित योग्यता थोपने हेतु बनाया गया कोई भी कानून केवल काला कानून ही कहा जायेगा ।
23 अगस्त 2010 की एनसीटीई की गाइड लाइन में संशोधन देश भर के शिक्षकों के साथ छल कपट व धोखा है जिसे देश का शिक्षक सहन नहीं करेगा ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस अन्याय के विरुद्ध देश के शिक्षकों को सड़क प��� उतरने हेतु मजबूर न किया जाये ।भारत सरकार इस काले कानून को वापस लेकर शिक्षकों के साथ न्याय क���े ।
#काला_कानून_वापस_लो
जिन गुरुओं से शिक्षा लेकर दैनिक जागरूक के मालिक और संपादक आज ख़बरें छाप रहे हैं आज उन्हीं का अपमान कर रहे हैं।
शर्म आनी चाहिए।
Shame.. Shame
#BoycottDainikJagran
@AnandBajpa777@DrDCSHARMAUPPSS शिक्षक है हम शिक्षक
लहरों से प्रतिदिन लड़ते हैं।
तूफ़ान लिए इरादो में,
आंधी में नहीं उड़ते हैं।।
मजबूत इरादे कर हम,
पथ को अपने चुनते हैं
समन्दर से शि��र तक चलने वाले
ठोकरों से नहीं डरते हैं।।।
शिक्षक एकता जिन्दाबाद।।।
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