जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में दो निर्दोष प्रवासी मजदूरों की आतंकवादियों द्वारा की गई निर्मम हत्या अत्यंत दुखद, कायरतापूर्ण और निंदनीय है। इस अमानवीय हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ निवासी दीपक रात्रे और भूपेंद्र के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवारों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हाल के वर्षों में आतंकियों ने प्रवासी श्रमिकों और पर्यटकों को भी लगातार निशाना बनाया है। पिछले छह वर्षों में टारगेट किलिंग की घटनाओं में 46 प्रवासियों की जान जा चुकी है। गांदरबल, पहलगाम और अब कुलगाम की घटनाएँ बताती हैं कि आतंकवाद की चुनौती अभी भी बरकरार है। ये घटनाएँ सरकार की स���रक्षा व्यवस्था, खुफिया तंत्र और “सब सामान्य है” के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सरकार को यह जवाब देना होगा कि आखिर आतंकी बार-बार जम्मू-कश्मीर में घुसकर निर्दोष भारतीयों की जान कैसे ले रहे हैं। देश केंद्र सरकार से जानना चाहता है कि आखिर कब तक निर्दोष भारतीय आतंकवाद का शिकार होते रहेंगे।
निर्दोष नागरिकों और रोज़ी-रोटी कमाने आए मजदूरों की हत्या मानवता पर हमला है। आतंकवाद के खिलाफ पू��ा देश एकजुट है, लेकिन सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रश्न पर जवाबदेही से बच नहीं सकती। निर्दोष भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
@mygovindia
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief नगीना से लोकप्रिय सांसद भाई चन्द्र शेखर आजाद जी के निर्��ेश एवं प्रदेश कमेटी की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों क�� दृष्टिगत निम्नलिखित विधानसभा क्षेत्रों हेतु प्रभारियों की नियुक्ति की जाती है।
नवनियुक्त सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
आप सभी से अपेक्षा है कि पूरी निष्ठा, समर्पण और मेहनत के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे तथा सामाजिक न्याय, संविधान और बहुजन हितों की आवाज़ को जन-जन तक पहुँचाएंगे।
#ASP_K_Mission2027 #UPMaangeChandraShekharAzad
@news24tvchannel @TimesNow
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
अब सीधा मोदी जी का इस्तीफा होना चाहिए,
क्���ोंकि सरकार ने एकदम शर्मसार कर दिया है।
अगर चाहते तो कब का इस्तीफा हो गया होता, लेकिन बीजेपी वाले घमंड में है सब।🥺
धन्यवाद बहुजन समाज आज जनपद हरदोई में भीम आर्मी चीफ ��ाई चन्द्र शेखर आजाद जी की रैली में उमड़ा जनसैलाब अब भरोसा करो हम सरकार बनाएंगे। @BhimArmyChief
@Jogindermanani1
उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के छात्रों के साथ हुए अपमान और छात्रवृत्ति में भेदभाव से मैं अत्यंत व्यथित और आक्रोशित हूँ।
अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ न केवल छात्रवृत्ति के अधिकार को लेकर अन्याय किया गया, बल्कि उन्हें अपमानित करने का प्रयास भी हुआ।
छात्रों के अनुसार उन्होंने जब अपनी छात्रवृत्ति फॉर्म रिजेक्ट किए जाने के संबंध में कुलपति जी के कार्यालय में वार्ता की, तो:
उन्हें उनके पहनावे और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर नीचा दिखाया गया
एक छात्र से कहा गया: "तू मजदूर का बेटा है, तुझे हवाई चप्प��� में होना चाहिए था।"
छात्रों को धमकी दी गई कि "मैं ऐसे क्षेत्र से आता हूँ जहाँ से लोगों को उठवा लिया जाता है।"
यह व्यवहार न केवल गंभीर रूप से अमानवीय है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 और 17 का स्पष्ट उल्लंघन है। छात्रवृत्ति कोई अनुग्रह नहीं है, यह वंचित समाज के छात्रों का अधिकार है, जिसे उन्हें उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र दिया जाता है।
मैं @UPGovt और विश्वविद्यालय प्रशासन से यह ���ाँग करता हूँ कि:
1. सभी रिजेक्ट छात्रवृत्ति फॉर्मों की उच्चस्तरीय जाँच हो।
2. अपमान और धमकियों की स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो।
3. सभी छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति तत्काल दिलाई जाए और उन्हें मानसिक प्रताड़ना से राहत दी जाए।
4. विश्वविद्यालयों को जातिवादी मानसिकता से मुक्त करने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएँ।
इस देश का संविधान हमें बराबरी का अधिकार देता है — कोई भी पद या कुर्सी ��तनी बड़ी नहीं कि वह दलित, पिछड़े या गरीब छात्र की मेहनत को अपमानित कर सके।
मैं सदन से सड़क तक इस मुद्दे को उठाऊँगा। यह केवल छात्रों की नहीं, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।
@CMOfficeUP
@myogiadityanath
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों-वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध अंबेडकरवादी अधिवक्ताओं द्वारा किया गया था। 19 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इस अनुरोध को स्वीकृति प्रदान की, जो कि न्यायालय के अभिलेख में दर्ज है।
बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापना को रोकने हेतु जातिवादी तत्वों ने हर संभव प्रयास किया। इसके पश्चात, 26 मार्च 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधीश ने एक आदेश पारित किया कि यदि कुछ अधिवक्ता इसका वि��ोध कर रहे हैं तो उन्हें नजरअंदाज किया जाए, और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा के अनुरूप कार्य पूर्ण किया जाए।
माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, ग्वालियर खंडपीठ में प्रतिमा स्थापना में हो रही बाधा न केवल न्यायालय की अवमानना है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध हिंसक मानसिकता का भी प्रमाण है। इस गंभीर स्थिति में सबसे पहले मेरे द्वारा ट्वीट (14 मई और 18 मई को) कर इस मुद्दे को उठाया गया। साथ ही, 27 मई को सर्वोच्च न्यायालय के माननीय प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्रद्धेय ��ूषण रामकृष्ण गवई जी को पत्र भी प्रेषित किया गया। इसके अतिरिक्त, 31 मई को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन के अवसर पर 11 जून को ग्वालियर में एक बड़ी जनसभा (अंबेडकर महापंचायत) आयोजित करने की घोषणा की गई।
11 जून को, ग्वालियर में भीम आर्मी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई विनय रत्न जी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के माननीय राष्ट्रीय महासचिव भाई रविन्द्र सिंह भाटी जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक माननीय प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्रद्धेय संजीव सचदेवा जी के नाम ज्ञापन देकर विनम्र अपील की गई।
अब बाबा साहेब के विरोधियों ने यह कहना आरंभ कर दिया है कि परम पूज्य बाबा साहेब संविधान निर्माता नहीं हैं। यह दावा न केवल ऐतिहासिक सत्य का अपमान है, बल्कि राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र का हिस्सा भी है। इन षड्यंत्रकारियों के असत्य को खंडित करने हेतु, भीम आर्मी औ�� आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) मध्य प्रदेश के प्रत्येक गाँव - गाँव गली - गली जाकर में बाबा साहेब के सम्मान में जनजागरूकता यात्राएं निका��ेंगी।
परम पूज्य बाबा साहेब के मान-सम्मान से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे!
#संविधान_निर्माता_परम_पूज्य_बाबा_साहेब
#AmbedkarIsOurPride
मैं इसका विरोध करता हूँ .....
जब पैसा समाज ने दिया ��ै गुरु महाराज जी के नाम पर उसी पैसे से भवन प्रागण गेट बन रहा है तो लोकापर्ण क्यो? गुरु जी का मिशन राजनीति की भेंट? गुरु दरबार मे कोई भी आ सकता है स्वगत है लेकिन इस तरह का कदम गुरु जी का अपमान है।
@BhimArmyChief @myogioffice