आओ कसम खाएं अगली बार से हम एक भी corrupt और बिकाऊ MLA और MP ऐसा नहीं बनने देंगे जिसे खरीदने में हमारे टैक्स का पैसा खर्च हो, शत प्रतिशत बीजेपी के ही MLA और MP को जिताना है ताकि हमारे टैक्स का पैसा बेकार ना जाए😂
Your money is being used to buy MPs & MLAs.
You think Amit Shah is paying them from his savings account?
BJP steals your hard earned taxes. Traitor MPs & MLAs get crores.
The media praises this as “Chanakya Neeti”.
How long will the people silently tolerate this mockery?
यह पब्लिक आक्रोश था शायद इसके कुकर्मों के कारण, इसमें कोई सरकार, कोई सुरक्षा काम नहीं करती और ऐसा ये खुद भी मानता था और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर कह भी चुका था
अगर एक निर्वाचित सांसद यह कहने को मजबूर हो जाए कि "मुझे मारने की कोशिश की गई", और मामला अदालत व राज्यपाल तक ले जाने की नौबत आ जाए, तो यह सिर्फ़ राजनीतिक विवाद नहीं रह जाता।
लोकतंत्र में मतभेद का जवाब हिंसा नहीं, संवाद और कानून होना चाहिए। सत्ता हो या विपक्ष, किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
सवाल सिर्फ़ अभिषेक बनर्जी का नहीं है, सवाल यह है कि क्या राजनीति अब बहस से आगे बढ़कर टकराव और डर की भाषा में बदलती जा रही है?
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत असहमति है, और उसकी सबसे बड़ी हार हिंसा।
एक खिलाड़ी कभी भी नियम और अनुशासन से ऊपर नहीं हो सकता परंतु राजनीति के चक्कर में पड़कर विनेश फौगाट ने न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करके डोप टेस्ट नही कराया उल्टा कल हारने के पश्चात ग्राउंड पर ही धमकी देकर उन्होंने खिलाड़ी की मर्यादा को भंग किया है
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अदिति चौहान और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के एम.एम. सोमैया को इंदिरा गांधी स्टेडियम में विनेश फोगाट के ट्रायल के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे।
यह अपने आप में गंभीर सवाल खड़ा करता है कि देश की एक शीर्ष पहलवान के ट्रायल में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अदालत को हस्तक्षेप करना पड़े। विनेश फोगाट को बार-बार प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद न्यायिक निगरानी की आवश्यकता महसूस हुई।
खिलाड़ियों को अपने अधिकारों और निष्पक्ष अवसरों के लिए अदालतों का सहारा न लेना पड़े, यही किसी भी स्वस्थ खेल व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए।
@_sayema इन नालायको और बदतमिज़ो की पुरानी सभ्यता और मानसिकता जंगली और कबीलाई थी जो लगता है हजारों साल के विकास के बावजूद भी आज भी इन जानवरों को इंसान नही बना पाई जैसे कि आवारा कुत्तों को खम्बो पर इसी तरह की हरकत करते हुए देखा जा सकता है
आप लोगों से विशेष प्रार्थना है कि शहर के लगभग हर चौराहे पर टिर्री वाले, ढकेल, टेंपो, ऑटो, बस, कार, स्कूटर इत्यादि का जो अत्यधिक अतिक्रमण हो गया है उसको खाली करा दीजिए या थोड़ा कम करा दीजिए
Tried to Destroy Iran 🇮🇷 : FAILED
Tried to Sanctions China 🇨🇳 : FAILED
Tried to take Greenland 🇬🇱 : FAILED
Tried to Control the Hormuz : FAILED
Tried to Control inflation : FAILED
Tried to Control NATO : FAILED
#FII ownership in India has fallen from 19.9% to 14.7%
Lowest since 2012..
रूठे फूफा वापस तभी आएंगे जब रुपया मजबूत होगा। रुपया मजबूत करने के लिए सख्त कदम जरूरी है। ✅
जिन लोगों ने पथराव करके लोगों की सुरक्षा और शहर की शांति भंग करने की कोशिश की है उन पर कठोरतम कार्रवाई हो, जिन इमारत से पथराव हुआ है उन्हें जमीनदोंज कर देना चाहिए और जब तक सारे अपराधियों को कठोर दंड ना मिले उस पक्ष का कोई भी उत्सव, कोई भी खुशी सार्वजनिक जगह पर न मानने दी जाए
Hi, all. I’ve been seeing an inaccurate policy document going viral about Lenskart.
I want to speak directly that this document does not reflect our present guidelines.
Our policy has no restrictions on any form of religious expression, including bindi and tilak, and we continue to review our guidelines regularly.
Our grooming policy has evolved over the years and outdated versions do not represent who we are today. We apologize for the confusion and concern this situation has caused.
We as a company, continue to learn and build. Any lapses in our language or policies have and will continue to be addressed.
We have thousands of team members across Bharat who wear their faith and culture proudly every day at our stores. They are Lenskart.
Lenskart was built in Bharat, by Indians, for Indians. Every symbol and every tradition our people carry is a part of who we are as a company. I will never let that be compromised.
🙏
कमल है एक वेटरन स्वयंघोषित लीजेंड शेयर मार्केट एनालिस्ट इस जियो पोलिटिकल घटना को राहुल गांधी जैसी बुद्धि से एनालिसिस कर एक दलाल देश जो कि फ्रॉड से दो देशों के बीच हुए एग्रीमेंट बदलकर एक फेल्ड संधि कराने की कोशिश कर रहा है शंकर शर्मा की नजर में वह पाकिस्तान का मास्टर स्ट्रोक है 😡
Now a days CAs are not Happy with CA profession itself, before contradicting pl compare Attire, Life Style, Income, wealth, family Status in society, Vacation Destinations etc with others
खान सर को एक वीडियो इस बात पर जरूर बनाना चाहिए कि आजकल लड़कियां अपने परिवार से कम से कम 10-20 गुना स्टेटस वाले परिवारों के लड़कों से ही शादियां कर रही है और इसमें वेल्थ को प्रमुखता दी जा रही है ना कि लड़के की क्वालिटी और कपल के मैचिंग कॉन्सेप्ट को लेकर
दहेज प्रथा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, और इस बार इसकी वजह बने हैं खान सर।
एक इंटरव्यू में उन्होंने सुझाव दिया कि दहेज में मिलने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट गुलाबी रंग की होनी चाहिए, ताकि समाज में उनकी अलग पहचान हो सके।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, कुछ लोग इसे सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके जरूर बताएं।
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यह सभी प्रतीकात्मक और दिखावे का विरोध होता है कैमरे के आगे, किसने मना किया है अगर सही रेट में नहीं बिक पा रहा तो स्वतः ही इसे प्रोसेसिंग करके प्यूरी, सॉस या अन्य खाद्य पदार्थों में बदलकर सुरक्षित रखे और अच्छी कमाई करे, बिना पुरुषार्थ के कोई घर बैठे रोटी नहीं देने वाला
₹4/किलो रेट के चलते महाराष्ट्र में किसान ने 25 क्विंटल टमाटर फैंके।
जितना रेट मिल रहा है, उससे ज्यादा तो मंडी ले जाने का ट्रांसपोर्ट है, किसान के पास और कोई चारा भी नहीं।
यहां किसान टमाटर की फसल फेंक रहा है और वहां पार्लियामेंट में कृषि मंत्री किसान की आमदनी 8 गुना कर दिए हैं
Mr Analyst आप क्या चाहते हैं इसराइल परिवार के उस सदस्य की तरह व्यवहार करें जैसा विश्व युद्ध के पहले उसके साथ हिटलर ने किया था, लाखों लोगों को गैस चैंबर में मार डाला था और आज वह ईरान के परमाणु बम से मर जाए ताकि आपका पोर्टफोलियो ग्रीन रहे