ECI & TCS Row: टाटा के गद्दार, वोट चोरों के यार?
सरकारी सॉफ्टवेयर को 2022 में हटाकर TCS से नया सॉफ्टवेयर बनवाने का फैसला ECI लेता है, लेकिन उस वक्त टाटा समूह में क्या चल रहा था?
इसके लिए सिर्फ 2 नामों पर फोकस कीजिए जिन्हें आज लोग टाटा का गद्दार कहने से नहीं चूकते।
1. एन० चंद्रशेकरन 2. वेणु श्रीनिवासन
अब इन दोनों की एक टाइम लाइन भी देखिए:-
◆जनवरी 2022- टाटा संस के चेयरपर्सन चंद्रसेकरन की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात होती है और एयर इंडिया का टेकओवर टाटा ग्रुप करता है।
◆जून 2022- टाटा ट्रस्ट के नॉमिनी वेणु श्रीनिवासन को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का गैर सरकारी निदेशक बनाया जाता है गौरतलब है इन्हें नवंबर 2021 में पद्म भूषण भी दिया गया था।
◆दिसम्बर 2022- एन चन्द्रशेकरन को G20 के अंतर्गत B20 का अध्यक्ष चुना जाता है।
◆जनवरी 2023- महाराष्ट्र की आर्थिक सलाहकार समिति का अध्यक्ष एन चन्द्रशेकरन को चुना जाता है।
आज की तारीख में टाटा संस पर कब्जा जमाने की तैयारी और टाटा ट्रस्ट को कमजोर करने की कवायद में लगे ये दोनों नाम सत्ता के कितने करीबी हैं ये टाइम लाइन उसकी मात्र एक झलक है।
दरअसल 2022-23 के बीच मे ही TCS का सॉफ्टवेयर सरकारी सॉफ्टवेयर को रिप्लेस करता है और ये फैसला चुनाव आयोग में बैठे डेपुटेशन पर आए मोदी भक्त अधिकारी लेते हैं पर जानकारी गोपनीय रखते हैं।
ये सब संयोग है या प्रयोग अब आप ही बताइए...
Mass deletion of Muslim votes via Form 7. Confession by BJP workers in Karnataka. Hope the govt takes immediate actions against the people filing mask deletion requests and against the BJP BLAs involved.
@DKShivakumar@RahulGandhi@HariprasadBK2@PriyankKharge@ArshadRizwan
चीफ जस्टिस सूर्यकांत कह रहे हैं कि "उप चुनाव ही तो है". मताधिकार को सुप्रीम कोर्ट इतने हल्के में ले रहा है? इसी मताधिकार के लिये आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई थी.
सुप्रीम कोर्ट के 13 जुलाई से लागू रोस्टर के हिसाब से ज्ञानेश कुमार की बेटी और गौतम बुद्ध नगर की DM और ज्ञानेश की बेटी मेधा रूपम के जुर्माने का मामला जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच में सुनवाई के लिए जाना चाहिए था।
यह मामला ऐन मौके पर जस्टिस एस.सी. शर्मा और एन. के. सिंह की बेंच में भेजा गया और वहां से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आर्डर को स्टे करवा लिया गया।
यह रोस्टर सीजेआई सूर्यकांत महोदय तय करते हैं। अब आप इनसे उम्मीद करते हैं कि ज्ञानेश को लेकर कोई जनता के पक्ष में फैसला देंगे तो आप बेवकूफ हैं।आज अगर चुनाव आयोग स्वेच्छाचारी है तो इसके जिम्मेदार महोदय भी हैं।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी, सादर निवेदन है कि 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल के पद पर चयनित होकर सेवा दे रहे उन अभ्यर्थियों के विषय में कृपापूर्वक विचार करें, जिनका चयन 2025 की दरोगा (SI) भर्ती में हो चुका है।
इन अभ्यर्थियों को कांस्टेबल पद से त्यागपत्र देकर दरोगा पद पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए ₹8 लाख की धनराशि जमा करनी पड़ रही है।
हमारा आपसे विनम्र निवेदन है है कि 2023 कांस्टेबल भर्ती से चयनित होकर 2025 SI भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को ₹8 लाख की बॉन्ड/क्षतिपूर्ति राशि जमा करने से पूर्णतः छूट प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के दरोगा पद पर जॉइन कर सकें।
माननीय मुख्यमंत्री जी, इन युवाओं ने पहले भी प्रदेश की सेवा की है और अब पदोन्नत जिम्मेदारी के रूप में पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। कृपया इनके हित में सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें।
@UPGovt@Uppolice
#UPPolice #UPSI #UPSI2025
UP Police के जवान CM Yogi से रहम चाहते हैं…
सिपाही से दारोगा बने 1700 लोगों से सरकार 127 करोड़ रुपये क्यों वसूलना चाहती है UP सरकार? इस नियम को क्या बदला नहीं जा सकता है?
वाह 👌 इंडियन एक्सप्रेस ने ये क्लिप Unedited चलाई 😂😂
वरिष्ठ पत्रकार (एडिटर) श्यामलाल जी ने जब बताया कि अप्रैल 1967 में चौधरी चरण सिंह संयुक्त विधायक दल के नेता के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, उनकी गैर-कांग्रेसी सरकार के घटक दलों में जनसंघ भी शामिल था. इस दौर में अचानक उत्तर प्रदेश में ज़मीनों पर कब्जे होने लगे. चौधरी चरण सिंह इससे बहुत परेशान हुए और बाद में जब उन्होंने कांग्रेस के साथ सरकार बनाई, तो इन्हीं संघी लोगों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ लेकर आए थे.
जब श्यामलाल जी यह बात कह रहे थे, तो नीरज चौधरी (वरिष्ठ पत्रकार कह लें) और सौरभ द्विवेदी के दिल में होते हुए कष्ट को दोनों के चेहरों पर आसानी से पढ़ा जा सकता है 🙄
और तो और, श्यामलाल जी ने उन्हें आखिर में भी नहीं छोड़ा और बिना चूके कह दिया कि आप लोग संघियों से बातें तो करते ही रहते हैं.
श्यामलाल जी के अनुसार पहले इन संघियों के भ्रष्ट कुकृत्य छिप जाया करते थे क्योंकि इनकी सरकार की पारी alternate होती थी, लेकिन अब इनकी निरंतर सत्ता से इनके भ्रष्ट आचरण की पोलें खुल रही है!
Imagine the level of brainwashing being attempted in this country that a man born in 1950 ( 3 years after India’s independence) is being shoved into textbooks as a Freedom Fighter along with actual freedom fighters.
This isn’t funny and is extremely alarming, one step towards becoming North Korea. https://t.co/0HyJoONMdk
BBC हिन्दी की खोजी पत्रकारिता का जबाब नही. बीबीसी हिंदी की पत्रकार शुभांगी मिश्रा ने सनसनी खेज खुलासा किया है.
क्या आप लोगों Aam Janmat Party का नाम सुना है.
इस पार्टी को 2023-24 में 620 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
सभी बड़ी विपक्षी पार्टी Congress को 2023-24 में 281 करोड़ रुपए चंदा मिला है.
यानी Congress पार्टी से भी 339 करोड़ रुपए ज्यादा चंदा Aam Janmat Party को मिला है.
जब Shubhangi Mishra गुजरात के अहमदाबाद गयीं तो पार्टी का दफ्तर बंद निकला. पार्टी के अध्यक्ष Gaurav Mishra फ़ोन नही उठा रहे हैं.
स्रोत : चुनाव आयोग & ADR
न्यूज़ सौजन्य : BBC Hindi
पूर्व वित्त्त सचिव सुभाष गर्ग से एक चैनल पर पूछा गया, आप यह मुद्दा क्यों उठा रहे हैं !
गर्ग ने कहा,किसी को कभी तो बोलना होगा! फैक्ट्स पर चीजे तो रखनी होगी! सही तस्वीर तो देश के सामने रखनी होगी!
यही बात अहम् है! लोग पूछते हैं की देश में जुलाई क्रांति के बाद क्या बदला है? यही बदला है! अब लोग सही बात बोलने से परहेज नहीं करेंगे!
सुभाष गर्ग एक "नयी शुरुआत" का संकेत हैं! और देशहित में सवाल करना ही सच्ची देशभक्ति भी है! भले सत्ता में कोई हो!
इस देश का सबसे बड़ा दुश्मन गोदी मीडिया है!
उनके कारनामे से देश की अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही है। आपका पैसा बैंक और LIC मेंबाब सेफ़ नहीं।
आपको क्या लगता है गोदी मीडिया दिन रात पापा का गुणगान और विपक्ष को गालियां क्यों देता है? ये खबर पढ़िए।
Zee TV वाले सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का लोन सेटल हो गया सिर्फ 6.5 करोड़ में। आम आदमी की एक EMI मिस हो जाए तो बैंक वाले खून निकाल लेते हैं और यहां खेल देखिए और खेल की धार देखिये।
बाकी आपके लिए जी टीवी दिन रात सुबह शाम नफरत की खबर का प्रसारण करेगा!
Trump didn’t forget what Narendra Modi said. He just didn’t listen. A compromised PM is not taken seriously.
It is painful to see what India has been reduced to under Narendra Modi.
Once a formidable force. Today, taken for granted.
PS: Why is Modi so afraid of press freedom — at home and abroad?
Irony has left Earth's orbit.
The person who screamed that Congress would sell your Mangalsutra has now gone ahead and sold ISRO itself.
Happy #NationalSpaceDay.
@htTweets और @TOIIndiaNews ने ही नही हिंदी के सबसे बड़े पेपर @DainikBhaskar ने भी @RahulGandhi के छात्रो की गूंज का संपूर्ण बहिष्कार किया है।एक कॉलम भी खबर नही।फ्रंट पेज छोड़िये महाराष्ट्र के पेज पर भी नहीं।ऐसे अखबारों के संपादक अपने माथे पर छपवा क्यों नहीं लेते BJP के एजेंट हैं।
राष्ट्रगान का अपमान देश का अपमान है देश के प्रति ग़द्दारी है।
ये ग़द्दारी उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक सतीश महाना ने की है।
राष्ट्रगान गाया जा रहा है और सतीश महाना चल दिये उनके साथ वो सब अधिकारी भी ग़द्दार जैसे हैं जिन्होंने राष्ट्रगान गाते समय जाते महाना को अभिवादन किया।
नरेंद्र मोदी जी अमित शाह जी और भाजपा वालो इस देशद्रोही को क्या सजा दोगे?
The excuse for hiding the names of those behind ₹35,715 crore in Bank of Baroda loan write-offs during just 6 years is “privacy” under Section 8(1)(j) of the RTI Act.
If that is the logic, why are small borrowers publicly shamed and subjected to public recovery action?
These are public funds, and the public has a right to know who benefited from such massive write-offs.
One can’t help but ask: are these big borrowers, who have caused considerable losses to the bank, connected to the BJP - and is that why they are being shielded?