🌸 हजारों घरों की खुशियों की पहचान—एएनएम सुमन लता 🌸
👶 सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की मिसाल...
श्रीगंगानगर के उप स्वास्थ्य केंद्र 4 एमएल की एएनएम सुमन लता ने 3000 से अधिक सफल संस्थागत प्रसव करवाकर सुरक्षित मातृत्व की नई पहचान बनाई है। उनकी कार्यशैली का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि मातृ मृत्यु शून्य रही है।
गर्भवती महिलाओं की नियमित देखभाल, समय पर जांच, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं की बेहतर देखरेख के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने हजारों परिवारों के जीवन में खुशियों की किलकारियां गूंजाई हैं।
💐 चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श्रीगंगानगर को ऐसी समर्पित स्वास्थ्यकर्मी पर गर्व है, जो हर दिन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को नई मजबूती दे रही हैं।
#SafeMotherhood #ANM #SumanLata #MaternalHealth #JanSeva #HealthcareHeroes #Sriganganagar #IEC_Sriganganagar #स्वस्थराजस्थान #सुरक्षितमातृत्व #स्वास्थ्यविभाग @RajCMO@DIPRRajasthan@RajGovOfficial@svoruganti1466@MoHFW_INDIA@JPNadda@GajendraKhimsar
🌅बेहतर दिन का राज!
स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत बड़े बदलावों से नहीं, बल्कि रोज़ किए गए छोटे-छोटे सही निर्णयों से होती है। संतुलित दिनचर्या अपनाकर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकते हैं।
Morning Routine | Healthy Habits | Self Care
#HealthyMorning#MorningRoutine #NHMRajasthan #HealthForAll #NHMRajasthan #IEC #iecsriganganagar #IECRajasthan #medicalandhealth @RajCMO@RajGovOfficial@DIPRRajasthan
📍ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य को मिलेगी नई मजबूती
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य है कि प्रत्येक गर्भवती महिला को आवश्यकता पड़ने पर समय पर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ राजस्थान। 🤰💙
#SafeMotherhood #MaternalHealth #ReferralSystem #RajasthanHealth #HealthyMotherHealthyBaby #IEC_Sriganganagar @RajCMO@DIPRRajasthan@RajGovOfficial@svoruganti1466@MeRajGovt@MoHFW_INDIA
हर गर्भवती महिला तक समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण मातृ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में 5 दिवसीय विशेष सघन निरीक्षण अभियान में 3,56,783 गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड का निरीक्षण तथा 37,558 उच्च जोखिम गर्भवतियों की समीक्षा की गई।
✅ 14,836 महिलाओं का रियल-टाइम सत्यापन
🏥 8,414 स्वास्थ्य संस्थानों एवं 7,731 MCHN सत्रों की मॉनिटरिंग
🤰 3,062 पीएमएसएमए सत्रों में 1,05,629 महिलाओं को विशेषज्ञ सेवाएं
🩸 निःशुल्क जांच, एनीमिया उपचार एवं 16,634 महिलाओं को मा वाउचर का लाभ।
#HealthForAll #NHMRajasthan #IEC #iecsriganganagar #IECRajasthan #medicalandhealth @RajCMO@GajendraKhimsar@MeRajGovt@DIPRRajasthan@svoruganti1466
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के निर्देश
- मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन ने स्वास्थ्य भवन में ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, वीसी के जरिए जिलों से जुड़े
श्रीगंगानगर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में वीसी के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला को आवश्यकता पड़ने पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्य सचिव ने बैठक में गत 24 घंटों के दौरान प्रदेश में हुए प्रसवों की समीक्षा करते हुए संतोष व्यक्त किया कि इस अवधि में कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई। उन्होंने उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं वाले जिलों के सीएमएचओ से वन टू वन जानकारी ली,जिलों के सीएमएचओ ने बताया कि प्रदेशभर में सभी एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) एवं आशा सहयोगिनियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित कर प्रत्येक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की नामवार सूची तैयार कर संबंधित एएनएम से मैपिंग की गई है। इससे ऐसी महिलाओं की नियमित निगरानी एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा जा रहा है । उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में गंभीर एनीमिया के मामलों की विशेष निगरानी की जाए तथा त्वरित उपचार के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य स्थिति में शीघ्र सुधार लाया जाए। इसके लिए सभी आवश्यक दवाइयों, रक्त एवं अन्य चिकित्सकीय संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि रेफरल की आवश्यकता होने पर संबंधित संस्था प्रभारी 104 अथवा 108 एम्बुलेंस की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करें तथा जिस चिकित्सा संस्थान में मरीज को भेजा जा रहा है, वहां पूर्व सूचना देकर उपचार की समुचित तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रेफरल प्रणाली मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण आधार है। मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में स्थानीय स्तर पर दवाइयों एवं आवश्यक सामग्री की खरीद राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) द्वारा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल के अनुरूप करने के निर्देश दिए। साथ ही दवाइयों, टीकों एवं इंजेक्शनों के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन को पूरी सतर्कता के साथ बनाए रखने पर भी जोर दिया।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने निर्देश दिए कि मुख्यालय स्तर से नियुक्त जिला प्रभारी अधिकारी नियमित रूप से एएनएम, सीएचओ एवं बीसीएमओ से संवाद स्थापित करें तथा प्रतिदिन प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग एवं समीक्षा सुनिश्चित करें। बैठक में मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. जोगाराम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, प्राचार्य एसएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. दीपक माहेश्वरी, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
#HealthForAll #NHMRajasthan #IEC #iecsriganganagar #IECRajasthan #medicalandhealth @RajCMO@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@svoruganti1466@MeRajGovt@RajGovOfficial@MoHFW_INDIA
🍽️ बारिश के मौसम में फ़ूड पॉइज़निंग होना सामान्य है, लेकिन समय रहते सावधानियाँ अपनाकर इसके कारण होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
छोटी-छोटी सुरक्षित आदतें आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी सुरक्षा हैं।🛡️
Food Poisoning | Food Safety | Safe Drinking Water | Healthy Eating
#FoodPoisoningAwareness #FoodSafety #SafeFood #NHMRajasthan #iecsriganganagar
🔴 उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों (High Risk Pregnancy - HRP) की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार उच्च जोखिम वाली (एचआरपी) गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षित मातृत्व को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री @GajendraKhimsar एवं मुख्य सचिव श्री @svoruganti1466 के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही हैं।
✅ राज्य स्तर से प्रतिदिन मॉनिटरिंग
✅ फील्ड में अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय निगरानी
✅ एचआरपी गर्भवतियों की समय पर पहचान एवं स्क्रीनिंग
✅ आवश्यक जांच, उपचार एवं नियमित फॉलो-अप
✅ सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर
आशा, एएनएम, सीएचओ एवं चिकित्सा संस्थानों की टीमें घर-घर संपर्क कर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि प्रत्येक मां और शिशु को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ भविष्य — यही हमारी प्रतिबद्धता।
#SafeMotherhood #iecsriganganagar #HighRiskPregnancy #HRP #MaternalHealth #NHMRajasthan #HealthDepartment #Sriganganagar #HealthForAll @RajCMO@DIPRRajasthan@WhoslOrg@MeRajGovt@JPNadda@PMOIndia@narendramodi@RajGovOfficial
प्रसव के बाद अगले 24 घंटे धात्री महिला की गहन निगरानी की जाए
- उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की नामवार लिस्ट को एएनएम से करें मैप, वीसी में मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने दिए निर्देश
श्रीगंगानगर। मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि प्रत्येक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की नामवार लिस्ट तैयार करें। साथ ही एएनएम व सीएचओ को प्रत्येक हाईरिस्क गर्भवती महिला के साथ नियमित मॉनिटरिंग के लिए अटैच करें। आवश्यकता होने पर रेफरल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रदेशभर के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों एवं जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारियों को सोमवार को सुबह एएनएम की बैठक लेकर लाईनलिस्ट और उसके कारणों की समीक्षा के निर्देश दिए। ताकि समय रहते आवश्यक इंटरवेंशन किया जा सके। ये निर्देश उन्होंने रविवार को वीसी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलास्तर से सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों एवं गायनी विभागाध्यक्ष गत 24 घंटों में सामान्य व सिजेरियन प्रसव एवं उनकी वर्तमान हालत के बारे में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रत्येक चिकित्सालय में प्रसव सहित विभिन्न ऑपरेशन्स के लिए स्टेंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर्स की पालना सुनिश्चित करें। इस दौरान विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों ने लेबर रूम प्रोटोकॉल, इंफेक्शन कंट्रोल, एनस्थीसिया, बोयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, कोल्ड चैन मैनेजमेंट, रैफरल प्रोटोकॉल आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के सभी अस्पतालों में आवश्यक प्रोटोकॉल्स की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रसव के बाद अगले 24 घंटे धात्री महिला की इंटेसिव निगरानी रखने एवं उसके पोषण का समुचित रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित किए गए अभियान में विभिन्न गतिविधियां संचालित की गयी हैं। जुलाई माह में सीकर, नागौर, जालौर, बांसवाड़ा एवं चूरू जिले में सबसे अधिक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं चिन्हित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि जिन गर्भवती महिलाओं के सीवियर एनीमिया है और जिनकी ड्यू डेट आने वाली है, उन्हें अगले आवश्यकता अनुसार ब्लड ट्रांस्फ्यूजन या एफसीएम इंजेक्शन या अल्टरनेट दिवस में आयरन शुक्रोज इंसर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें माईल्ड या सामान्य स्थिति में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिस भी जिले में 6 ग्राम या इससे कम हीमोग्लोबिन या और कोई उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नामवार जानकारी एएनएम के साथ-साथ जिले के आरसीएचओ एवं सीएमएचओ द्वारा रखी जाए। इन गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एएनएम द्वारा प्रत्येक तीसरे दिन जांच की जानी आवश्यक है।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए प्रसव नियोजन जैसे उनकी स्वास्थ्य स्थिति के मुताबिक आवश्यक अस्पताल का चयन, प्रसव की तिथि की जानकारी एवं रेफरल जैसी व्यवस्थाओं का समुचित प्रबंधन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि गर्भवती महिला के ममता कार्ड पर पूर्ण एवं सही जानकारी स्पष्ट भाषा में अंकित की जानी आवश्यक है।
#WomenHealth #HealthForAll #NHMRajasthan #IEC #iecsriganganagar #IECRajasthan #medicalandhealth @RajCMO@BhajanlalBjp@RajGovOfficial@svoruganti1466@DIPRRajasthan
#स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सेक्टर बैठकें आयोजित
- #मातृ_एवं_शिशु_स्वास्थ्य सेवाओं पर रहा विशेष फोकस
#श्रीगंगानगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विभिन्न सेक्टरों में सेक्टर स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान एवं बेहतर फॉलोअप सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठकों में चिकित्सा अधिकारियों, सेक्टर प्रभारियों, एएनएम, सीएचओ, एलएचवी, आशा सहयोगिनियों एवं अन्य स्वास्थ्य कार्मिकों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक स्वास्थ्य सेवाओं का समय पर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच, बच्चों का पूर्ण टीकाकरण तथा जन्म के बाद नवजात शिशुओं की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए क्षेत्रवार चुनौतियों पर चर्चा की गई तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सेक्टर बैठकें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, बेहतर समन्वय तथा फील्ड स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम हैं। बैठक में स्वास्थ्य कार्मिकों से जनसामान्य को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने, समय पर स्क्रीनिंग एवं जांच सुनिश्चित करने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। वहीं जिलास्तर के अधिकारियों ने निरीक्षण कर बैठकों जा जायजा लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
#SectorMeetings #womenshealth #Health #iecsriganganagar #nhmrajasthan #HealthForAll @RajCMO@DIPRRajasthan@WhoslOrg@RajGovOfficial@MeRajGovt@svoruganti1466
हाई रिस्क गर्भवती महिला की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी
- मुख्य सचिव ने वीसी में दिए विशेष निर्देश, मातृ मृत्यु ऑडिट कमेटी में विभागों के विशेषज्ञों को शामिल कर प्रति सप्ताह समीक्षा करें
श्रीगंगानगर। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि प्रत्येक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिला को संबधित अस्पताल यथा सीएचसी, उपजिला अस्पताल, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज आदि से मैप किया जाए तथा हाई रिस्क गर्भवती महिला की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हाई रिस्क महिला को एक एएनएम के साथ निगरानी में रखे और आवश्यकता पर डॉक्टर को तुरंत दिखाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ये निर्देश उन्होंने शनिवार राज्यस्तर से आयोजित वीसी में दिए। जिलास्तर से सीएमएचओ, आरसीएचओ, पीएमओ, संयुक्त निदेशक-जोन, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व अस्पताल अधीक्षक शामिल हुए।
वीसी के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि लेबर रूम एवं ओटी प्रोटोकॉल की पालना प्रतिदिन सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मातृ मृत्यु की समीक्षा संस्था स्तर पर एवं सामुदायिक स्तर पर रहे कारणों के साथ की जाए तथा अस्पतालों में बनाई गई मातृ मृत्यु ऑडिट कमेटी में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए भी समीक्षा की जाए। गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व, दो बच्चों के अन्तर, एनीमिया तथा पूर्व प्रसव के दौरान होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए गुड कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन अस्पतालों में ओटी, आईसीयू, लेबर रूम आदि की क्रियाशीलता, उनमें उपचारित मरीजों की संख्या सहित अन्य जानकारी की प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। किसी भी मरीज की मृत्यु चिकित्सकीय लापरवाही से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के न्यूट्रिशन एवं सुरक्षित प्रसव के संबंध में स्त्री रोग विशेषज्ञों से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सर्जन के रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रतिदिन होने वाले प्रसव, भर्ती गर्भवती महिलाओं की स्थिति, लेबर रूम, ओटी, बेड की उपलब्धता सहित अन्य जानकारियां स्टैंण्डर्ड फार्मेट में मंगवाया जाना सुनिश्चित करावें। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि पूर्व में प्रोटोकॉल पालना से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और विभाग की ओर से 15 जुलाई से अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक गर्भवती महिला को ट्रेक कर स्क्रीनिंग की जा रही है। एएनएम, सीएचओ एवं आशा वर्कर को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विभाग द्वारा अब तक उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री बाबूलाल गोयल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी.शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, आरएमएससीएल के कार्यकारी निदेशक जयसिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
#VC #womenshealth #iecsriganganagar #nhmrajasthan @RajCMO@DIPRRajasthan@svoruganti1466@RajGovOfficial@WhoslOrg@MeRajGovt@MoHFW_INDIA
गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच माँ और शिशु - दोनों के स्वस्थ भविष्य की कुंजी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9, 18 और 27 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।
समय पर जांच कराएं और किसी भी संभावित जोखिम की पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करें। स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु और स्वस्थ समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 💖
#SafeMotherhood #MaternalHealth #PregnancyCare #AntenatalCare #HealthyPregnancy #NHMRajasthan #HealthForAll @RajCMO@DIPRRajasthan@RajGovOfficial@svoruganti1466
👨👩👧👦 परिवार नियोजन अपनाकर अनचाहे गर्भधारण से बचाव, सुरक्षित मातृत्व और बच्चों के बीच उचित अंतराल सुनिश्चित किया जा सकता है। यही स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु और खुशहाल परिवार की पहचान है।
उचित अंतराल, बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाल परिवार।
#FamilyPlanning#HealthyMother#HealthyFamily #NHMRajasthan #iecsriganganagar #HealthForAll
🤰 शुरू हुई गर्भवती महिलाओं की सघन स्क्रीनिंग
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से माननीय मुख्यमंत्री महोदय श्री Bhajanlal Sharma जी निर्देशन में जिले में 5 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है। जिसके संबंध में जानकारी दे रही हैं डॉ. शिल्पा चाहर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल श्रीगंगानगर।
सुरक्षित मातृत्व राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गर्भावस्था का प्रारंभिक पंजीकरण कराएं, नियमित जांच कराएं और संस्थागत प्रसव को अपनाएं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रीगंगानगर
#SafeMotherhood #ANC #HRP #NHM #sriganganagar #HealthForAll #NHMRajasthan #iecsriganganagar @RajCMO@MoHFW_INDIA@svoruganti1466@DIPRRajasthan@WhoslOrg@WHO