अगर डॉ अंबेडकर जी के संविधान के बाद भी SC-OBC वर्ग का अभ्यर्थी लखनऊ में 640 दिनो से #69000_आरक्षण_घोटाला में धरना, भूख-हड़ताल करने को विवश है और न्याय के बदले लाठियां मिल रही है तो सोचो संविधान लागू होने से पहले दलित-पिछड़ों की स्थिति क्या रही होगी?
#दलित_पिछड़ों_के_नेता_शर्मकरो
@ramesh_ruyal
69000 में आरक्षण पीड़ित B.ed, जो नयी list में आयेगा।
उसके joining की कितनी सम्भावना रहने वाली है।।
Joining होगी या नहीं????,,, कृपया इसको लेकर विडियो के माध्यम से confusion दूर किजिए......
69000 शिक्षक भर्ती के OBC अभ्यर्थी पाँच साल से सड़क पर न्याय मांग रहे है...
जो युवा कल बच्चों का भविष्य बनाने वाले थे!
वो आज खुद जमीन पर तपती धूप में कीड़े-मकोड़ों की अपना भविष्य बचाने के लिए घसीट घसीटकर रेंगने को मजबूर होकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं!
#69000_शिक्षक_भर्ती #LucknowProtest
@myogiadityanath
लखनऊ में सोमवार को 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास तक सड़क पर लेटकर-रेंगते हुए प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों ने कहा, "सरकार की नजर में हम कीड़े-मकौड़े हो गए हैं। सुनवाई नहीं है, इसलिए ऐसे पहुंचे।" भीषण गर्मी में कई अभ्यर्थी बदहवास हो गए, पुलिस ने पानी पिलाया।
बनारस के कैलाश नाथ मौर्या बोले, "धैर्य खत्म हो चुका है। घर से हार चुके, सरकार से उम्मीद नहीं। यह अंतिम फरियाद है।" उन्होंने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
''हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है''
- लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं
दरअसल यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया है।
ये युवा बीते 4 साल से संघर्ष कर रहे हैं, नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। यही BJP सरकार का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा है, जो नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को नौकरी मिले, उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिले।
आज लखनऊ का दृश्य हृदय को झकझोर देने वाला था जहां चिलचिलाती धूप में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने रेंगकर इस काले अंग्रेजों की बहरी हुकूमत तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।
लेकिन योगी सरकार दलित-पिछड़े युवाओं को उनका हक देने के बजाय लगातार दमन का रास्ता अपना रही है। कभी इन पर लाठियाँ बरसाई जाती हैं, तो कभी इन्हें 'डिटेन' कराया जाता है।
यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा का सवाल है।
#69000_शिक्षक_भर्ती #advanjali #राष्ट्रीय_फूले_संघ #बहुजन_समाज #Constitution
लखनऊ में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर धरना।
शिक्षक भर्ती युवा लंबित भर्तियों वाले हों या नई प्राथमिक शिक्षकभर्ती के इंतजार वाले हों सबको कीड़ा मकोड़ा बना दिया है! भविष्य बर्बाद करदिया है!
@myogiadityanath@thisissanjubjp "हम लोगों को कीड़े-मकोड़े बना दिया है... हमारा करियर खराब हो चुका है भीख मांग रहे हैं लंबित भर्तियों का निपटारा करकर नई प्राथमिक शिक्षकभर्ती जारी करदो!
@GovindMishraMrj@meevkt@askrajeshsahu@rajendradev6
लखनऊ में 70 हजार शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन हुआ।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी सड़क पर रेंगते हुए पहुंचे।
उनका कहना है कि सरकार ने उन्हें “कीड़ा” समझा, इसलिए वे उसी तरह रेंग कर विरोध जता रहे हैं।
अभ्यर्थी लंबे समय से शिक्षक भर्ती पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर व्यवस्था ने मानो “कॉकरोच” की तरह रेंगने पर मजबूर कर दिया है। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले ने हजारों प्रतिभाशाली SC, ST और OBC अभ्यर्थियों का संवैधानिक हक़ छीन लिया। ये युवा किसी से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त अपना अधिकार मांग रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर किसके बच्चों का भविष्य संवारने के लिए बहुजन युवाओं के सपनों को कुचला जा रहा है? जब न्याय के रास्ते बंद किए जाते हैं, तब संघर्ष ही एकमात्र विकल्प बचता है। अब यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और संविधान बचाने की है।
@myogiadityanath अब तो एक कार्यकाल पूरा होने को है अब तो इन्हे भी न्याय दे दीजिए जब कोर्ट ने दे दिया है तो आपको देने में क्या जाता है, 69,000 शिक्षक भर्ती घोटाला भ्रष्ट system का हिस्सा थी उनकी वजह से अन्य भर्तियां आज तक पेंडिंग पड़ी है रहम करिए महाराज
@Mahamud313 कितना दुखद है भाई, इस तपती गर्मी में। 69000 शिक्षक भर्ती में हुए आरक्षण घोटाले के खिलाफ़ छात्र सालों से प्रदर्शन कर रहे हैं कोई देखने सुनने वाला नहीं है।
चिलचिलाती गर्मी में सड़कों पर बैठे #69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला के अभ्यर्थी अपने संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहे हैं।
लेकिन योगी सरकार दलित-पिछड़े युवाओं को उनका हक देने के बजाय लगातार दमन का रास्ता अपना रही है। कभी इन पर लाठियाँ बरसाई जाती हैं, तो कभी इन्हें 'डिटेन' कराया जाता है।
यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा का सवाल है।
आरक्षण के नाम पर घोटाला BJP की पिछड़ा /दलित/आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
ये शिक्षक भर्ती में हुए आरक्षण घोटाले के अभ्यर्थी हैं।
इनके पक्ष में न्यायालय का निर्णय भी आ चुका है मैंने देश की संसद में इनका मुद्दा उठाया था।
लखनऊ में शिक्षामित्र की घर के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को आज बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने लेटकर, रेंगकर अपने हक की भीख मांगनी पड़ रही है।
सोचिए, जिस समाज ने इस देश को शिक्षा दी, आज वही समाज नियुक्ति के लिए सड़कों पर अपमान झेल रहा है।
पिछले तीन वर्षों से पिछड़े, दलित और वंचित समाज के अभ्यर्थी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सत्ता के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
यह कैसी सरकार है, जो संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को कुचलकर जातिवादी अहंकार में डूबी हुई है?
69000 शिक्षक भर्ती सिर्फ नौकरी का मुद्दा नहीं है, यह सामाजिक न्याय और बहुजन सम्मान की लड़ाई है।
सरकार ने बहुजन समाज को इतना मजबूर कर दिया कि आज युवा अपने हक के लिए सड़कों पर रेंगने को विवश हैं। लेकिन सत्ता यह ना भूले —
जिस दिन यही शोषित, वंचित और बहुजन समाज अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ने उतर गया, उस दिन सत्ता का घमंड, अहंकार और अन्याय सब धराशाई हो जाएगा।
जिस सरकार ने दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकार छीने, आरक्षण को मज़ाक बनाया और युवाओं का भविष्य लूटा - जनता उसे कभी माफ़ नहीं करेगी।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला सिर्फ भर्ती घोटाला नहीं, सामाजिक न्याय पर हमला है। जितना अत्याचार बढ़ेगा, सत्ता उतनी दूर जाएगी।
आज फिर 69000 शिक्षक भर्ती वाले पिछड़े दलित छात्र अपने हक के लिए इस भीषण गर्मी में शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर गिड़गिड़ा रहे हैं
ये वो पिछड़े दलित छात्र है जिनका अगर आरक्षण न छीना गया होता तो आज इनको 6 साल हो गए होते सरकारी शिक्षक बनें
69k शिक्षक भर्ती में इनका आरक्षण छीनकर सामान्य वर्ग के छात्रों को दे दिया गया
हाईकोर्ट ने भी माना की पिछड़े दलित छात्रों का आरक्षण लूटा गया है जिसके बाद हाईकोर्ट ने इन नियुक्ति देने का आदेश दिया था
सरकार ने होशियारी करते हुए सवर्ण छात्रों को सुप्रीम कोर्ट भेज दिया ताकि मामला फँस जाये
वो सरकारी शिक्षक बन गए और पिछड़े दलित छात्र आज भी सड़क पर अपने अधिकार के लिए गिड़गिड़ा रहे है ।
अब तो साबित हो गया ना,
देश के युवा कॉकरोच हैं,
CJI महोदय ऐसे ही नहीं बोले थे !
5 साल से 69000 शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवा !
#May18#TRE4#NEET#Cji#BulldozerYug#gameoverse
दलित-पिछड़ों का हक़ लूटोगे, तो सड़कें सवाल पूछेंगी।
योगी सरकार बार-बार “सब ठीक है” का प्रचार करती रही, लेकिन 69000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण घोटाला उसकी सबसे बड़ी सच्चाई बन चुका है।
6800 दलित-पिछड़े अभ्यर्थियों का हक़ छीनकर सत्ता आखिर किसका भविष्य बना रही है? ये युवा भीख नहीं, संविधान से मिला अधिकार मांग रहे हैं।
लखनऊ की सड़कों पर गूंजती आवाज़ पूछ रही है - जब भर्ती पूरी हुई, तो 6800 नियुक्तियाँ अब तक गायब क्यों हैं?
सामाजिक न्याय पर चुप्पी अब नहीं चलेगी।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
69 हज़ार शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी सब नौकरी मांग रहे हैँ,
रेंग रेंगकर सड़क पर, मंत्री जी के आवास के बाहर
48 डिग्री सेल्सियस में,
इन लोगों का केस उन्हीं My Lord की कोर्ट में है जिन्होंने युवाओं को कॉकरोच कहा था,
दो साल होने जा रहा है
My Lord इन लोगों का केस में पता नहीं कब फैसला देंगे,