लिखने की कला हमें सम्राट असोक ने दिया। लेकिन वर्तमान यूजीसी सिलेबस में इसका जिक्र ही नहीं है। असोक का जिक्र भी बहुत कम है। लिखने का आर्ट जिसने हिन्दुस्तान (भारत) में फैलाया उस तथ्य का सिलेबस में कहीं जिक्र ही न हो, यह अजीब है।
बीबीसी के साथ इंटरव्यू में दिग्गज इतिहासकार इरफान हबीब
#IrfanHabib #ashoksamraat
आज स्वयम् सैनिक दल SSD के माध्यम से बौद्ध गया बिहार मै महाबोधि महाविहार को मुक्ति कराने के आंदोलन के समर्थन में गुजरात के सूरत जिल्ले में कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।
तारीख - 3/3/2025
सूरत ,गुजरा
#महाबोधि_मुक्ति_आंदोलन
स्वयम् सैनिक दल (SSD)
बौद्धोंकी विरासत महाबोधि महाविहार,को बचाने सभी जिले मे कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपतिजी, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया। जि: बड़ौदा,राज्य :गुजरात
#महाबोधि_मुक्ति_आंदोलन@PMOIndia@NitishKumar@UN@BBCWorld
"ललई सिंह यादव" को यदि अहीर [ यादव ] बिरादरी ठीक से पढ़ ले एवं जान ले,
"डॉ राम स्वरूप वर्मा" को कुर्मी [ पटेल ] बिरादरी ठीक से पढ़ ले एवं जान ले,
"महराज सिंह भारती" को जाट [ जट्ट ] बिरादरी ठीक से पढ़ ले एवं जान ले,
"जगदेव प्रसाद कुशवाहा या महतो,मौर्य" को कोइरी [ कुशवाहा ] बिरादरी ठीक से पढ़ ले एवं जान ले
"पेरियार" को गड़ेरिया [ पाल ] बिरादरी ठीक से पढ़ ले एवं जान लें,
ज्योति राव फूले को माली[ सैनी ] पढ़ लें,
"बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर को"
[ SC+ST+OBC ] ठीक से पढ़ लें और कार्ल मार्क्स को [ आदिवासी ] को पढ़ा दिया जाए ......!
तो समझो भारत का हर एक क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम मिलने से कोई 'माई का लाल' नहीं रोक सकता है चाहे कोई 'अवतार' लेकर भी भारत में क्यूँ ना उतर जाए..!
काश कि इन जाति-बिरादरी के लोग अपने-अपने जातियों के जातिवादी स्वभाव के कारणों से भी गलती से भी इन महापुरुषों को पढ़ लें तो भी बहुत बड़ा सामाजिक, आर्थिक और 'क्रांतिकारी परिवर्तन' आज भी देश में सम्भव है...
जय भीम जय भारत जय संविधान 🙏
मस्जिद में #त्रिशूल के निशान मिलने पर मंदिर का दावा ठोका जा सकता ह तो मंदिर में #बुद्ध प्रतिमाएं मिलने पर बौद्ध मठ का क्यो नहीं???
भारत के सबी मंदिरों का भी #सर्वे हो... पता तो चले कि धर्म में चल किया रहा हे..??????
एक सबाल हर #भारतीय का
1. 9 अगस्त को UNO द्वारा world indigenous day मनाया जा रहा है। Indigenous का मतलब होता है मूलनिवासी, परन्तु भारत की मनुवादी व्यवस्था हमारे लोगों में ही भेद करने मतलब, विभाजन करने, मतलब षडयंत्र करने के लिए
@SainikDal भारत की मनुवादी व्यवस्था हमारे लोगों में ही भेद करने मतलब, विभाजन करने, मतलब षडयंत्र करने के लिए Indigenous peoples का हिन्दी अनुवाद मात्र आदिवासी के नाम पर करके SC/ST/OBC, Converted minority ( यहां के मूलनिवासी ) को अलग अलग करने का षडयंत्र कर रही है।
#मूलनिवासी
9 अगस्त को भारत की मनुवादी व्यवस्था हमारे लोगों में ही भेद करने मतलब, विभाजन करने, मतलब षडयंत्र करने के लिए Indigenous peoples का हिन्दी अनुवाद मात्र आदिवासी के नाम पर करके SC/ST/OBC, Converted minority ( यहां के मूलनिवासी ) को अलग अलग करने का षडयंत्र कर रही है।
#मूलनिवासी
मुझे एक बात समझ में नहीं आती हिंदूत्व का प्रचार प्रसार करने के लिए जो भी MP और MLA और उनके साथ सरकारी अमलदारो की फौज आज कल काम कर रही है क्या वह संविधान का उलंघन नहीं कर रहे?
अगर कर रहे हैं तो क्या उनपर कार्यवाही होनी चाहिए?
क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है।