मोदी की गारंटी पूरी नहीं, अब सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ भी हड़ताल की राह में ,,,,सरकार को NHM के आंदोलन को दबाने के स्थान पर समाधान का मार्ग निकालना चाहिए । @BJP4CGState का यह मौन रवैया उचित नहीं है । @RSSorg@vishnudsai@vijaysharmacg@ArunSao3 https://t.co/lpgCmdgvKG
हम सभी के लिए गौरव की बात है कि
छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज में आदिम काल से मौजूद लोकतांत्रिक चेतना का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए ,नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज बस्तर की आदिम जनसंसद -मुरिया दरबार पर केंद्रित विषय पर आधारित झांकी प्रदर्शित की गई है।
हम सभी के लिए यह सुनहरा अवसर है कि हम अपने प्रदेश की झांकी को विजयी बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी प्रदेश वासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक वोट करके अपने प्रदेश की झांकी को विजय दिलाने में सहभागी बनें।
#RepublicDay2024
#VoteForChhattisgarh
छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय सविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ विधानसभा अध्यक्ष @drramansingh जी से सौजन्य मुलाक़ात किया। इस दौरान कर्मचारी साथियों द्वारा पिछले 5 साल के आंदोलन की प्रतिकृति डॉ साहब को भेंट की गई— @BJP4CGState
कांग्रेस झूठे वादे नही करती ये कहना है आदरणीय @RahulGandhi जी का
लेकिन
छत्तीसगढ़ में 2018 में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया गया था, जन घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 11 अनुसार जो आज भी पूरा नही हुवा
इसके बारे में आप क्या कहना चाहते है @RahulGandhi महोदय
मैंने अपने किए वादों को
बखूबी निभाया है
तेरा ही हर रोज ईमान
डगमगाया है @bhupeshbaghel जी
--✍️छत्तीसगढ़_संविदा_कर्मी
जी जान से जनता की सेवा में समर्पित
03.08.23 आश्वाशन पर हड़ताल स्थगित
घोषणापत्र 2018 बिंदु क्रमांक-11
वादा पूरा करें @INCChhattisgarh#संविदा_मुक्त_छत्तीसगढ़
ना अपील, ना दलील, सीधे सेवा से बेदखल...
एक संविदा कर्मचारी जो विगत 15 सालों से सुदूर वर्ती क्षेत्र दंतेवाड़ा में अपनी सेवाएं दे रहा था, जिसकी वर्तमान आयु 47 वर्ष हैं, केवल अधिकारी को उसकी कोई बात खटक गई, फिर क्या था सीधे सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया गया।
क्या संविदा में कार्यरत कर्मचारियों का कोई वजूद नहीं होता या संविदा कर्मचारी द्वारा अपने विभाग को अपने जीवन का बहुमूल्य 15 वर्ष दिए उसका कोई मूल्य नहीं...?
एक तरफ सरकार वादा खिलाफी कर रही है तो दूसरी तरफ अधिकारी मनमानी ढंग से सेवा से पृथक कर रहे हैं, ऐसे में संविदा कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ हैं।।
#कौन_देगा_इन्हे_इंसाफ...
इस मौत का जिम्मेदार कौन हैं??
अनियमित कर्मचारी होना एक कारण.
वेतन ना मिलना विवाद का कारण.
आर्थिक तंगी होना विवाद का कारण
और इन सबके कारण फांसी लगा लेना मौत हो जाना कहा जा रहा हैं।
लेकिन किसी के इस बात को नहीं सोचा होगा वो हर दिन बिना वेतन के मर रहा होगा, बिना वेतन के वो और उसका परिवार कैसे जिंदा रह रहे होंगे।
अनियमित कर्मचारियों का दर्द है भैया इसलिए मरने के लिए छोड़ दिए।
यदि यही कोई नियमित कर्मचारी होता तो पूरे छत्तीसगढ़ में हलचल हो जाती।