भयंकर लापरवाही रामलीला कमेटी के द्वारा
राहगीर और वाहन चालकों की जान जोखिम में
Sec 24 Rohini halipad रोड ps बुद्धविहार
समय 9.20Am dt 15/10/26
No responsibility by Ramleela कमेटी
@DelhiPolice@dtptraffic@dcprohinidelhi
@DelhiPwd@gupta_rekha@CMODelhi@p_sahibsingh टिकाऊ सड़के क्यों बनना है जो अच्छी सड़के उनको तो आप तोड़ रहे हो ???
और जो खराब सड़के हैं उनको आप देख भी नहीं रहे हो बड़ी व्यवस्था में गड़बड़ है आपकी
@RahulGandhi इस पुलिस ऑफिसर को मैं अच्छे से जानता हूं काफी अच्छे इंसान है उनके ऊपर इस ��रह का आरोप लगाना गलत है ।
@DelhiPolice को सबसे पहले यह झोलाछाप पत्रकारों को जरूर देखना चाहिए जो समाज में एक अराजकता का माहौल फैला रहे हैं ।
@CPCB_OFFICIAL@CMODelhi और अन्य सरकारी एजेंसियों को यह सोचना होगा की मूर्तियों का विसर्जन पीने योग्य पानी के अंदर ना हो क्योंकि इस पानी को@DelhiJalBoard दिल्ली के लोगों को पीने के लिए सप्लाई देता है । केमिकल कलर वह अन्य वजह से पानी अशुद्ध हो जाता है और कैंसर का कारण बनता है ।
@lavelybakshi यह पुलिस वाला मुर्ख है जिसको देश सुधारने की इतनी चिंता लगी हुई है ऐसी हिजडी जनता के लिए बदमाश ठीक है उनको डर के माहौल में ही जीने देना चाहिए ।
बाकी बहादुर पुलिस वाले को हमारा सैल्यूट 👮👮
@Lawyer_Kalpana फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए बना है ना कि खाद्य सामग��री बेचने के लिए ।
यह चिंता का विषय है कि दिल्ली में अधिकांश फुटपाथ पर कब्जा किया जा चुका है
फुटपाथ पर बेचे जाने वाली सामग्री पब्लिक हेल्थ और पब्लिक सेफ्टी दोनों की नजरिया से सही नहीं है
@AmarUjalaNews सड़क और फुटपाथ पर खाद्य सामग्री बेचने का फुटपाथ पैदल यात्रियों के चलने के लिए बना है ।
वीडियो बनाना और एलिगेशन लगाना आजकल बहुत ���सान है और शायद यही वजह है कि विभाग कार्रवाई नहीं करता ।
@ashokshera94 लेकिन रोड के ऊपर footpath पर अपनी फूड स्टार लगाकर रास्ता रोकने का भी अधिकार नहीं है फुटपाथ लोगों के लिए पैदल चलने के लिए ।
ऐसे ऐक्शन होते रहने चाहिए
एंबुलेंस फंसे या ट्रैफिक जाम लगे या पब्लिक दुखी रहे लेकिन शराब का ठेका मुख्य मार्ग पर ही खोलना ज���ूरी है ।
@gupta_rekha @DM_NorthWest
वीडियो प्रहलादपुर गांव महादेव चौक का है जो ठेका अभी महीने भर पहले ही खुला है। दारु पीने वाले तो किसी सुनसान रास्ते पर भी चले जाएंगे ।
उत्तराखंड –
��ह Video दिंसबर–2024 की है, जब औषधियां बनाने वाली सरकारी कंपनी IMPCL के कर्मचारियों ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि सरकार किस तरह इस कंपनी को बेचना चाहती है।
आखिरकार 26 मई 2026 को यह कंपनी 121 करोड़ रुपए में प्राइवेट कंपनी को बेच दी गई !!