ऋग्वेद में हमारा सादर उल्लेख "चर्मम्न्" (Charmamna) नाम से है - हम वैदिक लोग हैं ।
स्वयं 'चर्मधारी' महादेव हमारे आदि गुरु और पहले 'आदि चर्मकार' हैं, जिन्होंने इस शिल्प को धारणकर पवित्रता दी। जब स्वयं शिव हमारे आराध्य हैं, तो कोई हमारा अस्तित्व नहीं मिटा सकता। 🔱
#AdiCharmkar
@akrititrip93018 तुम्हारे जीजा का संविधान है,ऐसा नहीं बोलते 😂
वैसे पोंगा और मुगलपुतो को देश और धर्म की ठेकेदारी देकर क्या फायदा हुआ खाली जूते खाते रहे 1000साल, surrender करते रहे मुगलों अफगानियों तुर्की अंग्रेजो के सामने😂
क्या फायदा ऐसे नपुंसकता से भरे blowjob पुत्रों और handjob पुत्रों का?