इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईएएस-पीसीएस प्री एग्जामिनेशन सेंटर छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों को अवैध बताकर जबरन छात्रावास खाली कराना, कमरों के ताले तोड़ना तथा बिजली-पानी काटना एनडीए सरकार की बहुजन विरोधी मानसिकता का एक और उदाहरण है।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में प्रवेश लिया था तथा 13 सितंबर 2024 को उन्हें छात्रावास आवंटित किया गया। वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने छात्रावास में नए प्रवेश की प्रक्रिया ही नहीं कराई और न ही नए आवेदन आमंत्रित किए। ऐसे में छात्रों का कहना है कि उनका आवंटन सितंबर 2026 तक वैध है।
बांग्लादेश में दलितों की दिखावटी चिंता करने वाले मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, क्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पंत छात्रावास में एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों के साथ हो रही ज्यादती आपको दिखाई नहीं देती?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि छात्रों का उत्पीड़न तत्काल बंद किया जाए, छात्रावास की बिजली-पानी की व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए, वर्ष 2025 से लंबित छात्रावास प्रवेश प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों की शिक्षा और सम्मान पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
@UoA_Official
केन–बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी पिछले कई वर्षों से उचित मुआवज़े, सम्मानजनक पुनर्वास और अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस वर्ष अप्रैल में भी प्रभावित परिवारों ने आंदोलन किया था। तब प्रशासन द्वारा समझा-बुझाकर आंदोलन समाप्त करा दिया गया था, लेकिन मांगें पूरी न होने के कारण अबकी बार वे आखिरी तक लड़ने के जज़्बे के साथ आंदोलन के 14वें दिन भी चिता सत्याग्रह, जल सत्याग्रह, मिट्टी सत्याग्रह तथा प्रतीकात्मक फांसी सत्याग्रह के माध्यम से अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ उठाने पर उन्हें शासन-प्रशासन द्वारा तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है।
आंदोलनकारी आदिवासियों का आरोप है कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का समुचित पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई प्रभावित परिवारों के घरों को बिना पर्याप्त पूर्व सूचना ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही मुआवज़े के निर्धारण और वितरण में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं।
उनका यह भी कहना है कि उन्हें दिया जा रहा मुआवज़ा वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद अपर्याप्त है। इस राशि से न कहीं और सम्मानजनक ढंग से बसना संभव है, न रहने के लिए घर की समुचित व्यवस्था हो सकती है, न आजीविका का स्थायी साधन जुटाया जा सकता है और न ही बच्चों की शिक्षा एवं परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि जिन स्थानों पर उनका पुनर्वास किया गया है, वहाँ बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने अपने अस्तित्व और भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
यदि विकास के नाम पर लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीन, घर, आजीविका और सामाजिक जीवन से विस्थापित किया जाता है, तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को न्यायपूर्ण एवं पर्याप्त मुआवज़ा, सम्मानजनक पुनर्वास, मूलभूत सुविधाओं से युक्त पुनर्वास स्थल, वैकल्पिक आजीविका तथा कानून के अनुरूप सभी अधिकार सुनिश्चित किए जाएँ।
मैं शीघ्र ही अपने इन परिवारों से मिलने उनके बीच जाऊँगा। मेरा वादा है कि उनकी आवाज़ बनकर इस पूरे मामले को लोकसभा में पूरी मजबूती के साथ उठाऊँगा।
@MP_MyGov को आंदोलनरत आदिवासी परिवारों के साथ संवेदनशीलता और गंभीरता से संवाद कर उनकी जायज़ मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए। विकास तभी सार्थक है, जब वह न्यायपूर्ण, पारदर्शी, सहभागी और मानवीय हो; न कि आदिवासियों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की कीमत पर।
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी से आज मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपना समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त की। आंदोलन में पहुँचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सभी साथियों का आभार।
15 मई 2026 को मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम का अपहरण कर निर्मम हत्या से जुड़े बाकी आरोपियों को जेल भेजने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और समाज के लोगों पर लाठीचार्ज तथा न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना भाजपा सरकार की दलित विरोधी और दमनकारी कार्यशैली को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यदि पीड़ित परिवार इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगा रहा है, तो उनकी मांगों को दबाने के बजाय पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई दोषी बचने न पाए और कोई निर्दोष फंसने न पाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
मैं शीघ्र ही मेरठ पहुंचकर अपने इस परिवार से मुलाकात करूंगा।
हरियाणा में डॉ. बी.आर. अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम परिवर्तित किए जाने के निर्णय को निरस्त कर मूल नाम बहाल किए जाने हेतु महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रद्धेया द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया।
@mygovindia@rashtrapatibhvn
आज ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ पर प्रारंभ हो रही सत्ता परिवर्तन यात्रा से घबराकर मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के इशारे पर मुझे मेरे धामपुर स्थित आवास पर पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का निंदनीय एवं अलोकतांत्रिक कृत्य होने के उपरांत, पुलिस-प्रशासन से वार्ता के बाद मैंने यात्रा शुरू करने से पहले जिला बिजनौर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के गुरूघर पहुंचकर गुरु महाराज जी को नमन किया।
इतने सबके बाद भी बिजनौर की सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने साबित कर दिया कि परिवर्तन की यह लड़ाई अब जन-जन की आवाज़ बन चुकी है और कोई भी दमन या बाधा इस जनसंकल्प को रोक नहीं सकती।
आभार बिजनौर, एक बार पुनः आभार नगीना।
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रयागराज में सड़कों पर उतरे युवाओं की लड़ाई अपने भविष्य और अपनी मेहनत को बचाने की लड़ाई है।
इस संघर्ष में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरी मजबूती के साथ छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
10 विधानसभा मार्ग, लखनऊ स्थित बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर महासभा एवं अस्थि कलश स्थल को यथास्थिति बनाए रखने तथा संरक्षित किए जाने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
आगरा जनपद के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के गौतम नगर में दलित युवती को घर में घुसकर खींचकर जबरन ले जाने की घटना अत्यंत शर्मनाक, दंडनीय और चिंताजनक है।
पीड़िता की माँ के अनुसार, परवेज पिछले एक वर्ष से उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहा था। वह रास्ते में आते-जाते छेड़छाड़ करता था और जबरन शादी का दबाव बनाता था। कई बार मना करने और विरोध के बावजूद उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं।
मंगलवार (28 अप्रैल) को आरोपी अपनी माँ के साथ घर आया और शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे परिवार ने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे वह फिर घर में जबरन घुस गया। उस समय घर में केवल बेटियाँ ही मौजूद थीं। आरोपी ने बड़ी बेटी पर शादी का दबाव बनाया और मना करने पर उसे पकड़कर घसीटना शुरू कर दिया। छोटी बहन ने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना और युवती को जबरन घर से बाहर खींचकर अपने साथ ले गया।
यह घटना न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। महिलाओं की इच्छा और सम्मान को इस तरह कुचलना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
@UPGovt से हमारी मांग है- सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी धाराओं में मुकदमा चलाया जाए।एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए
यदि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। समाज और प्रशासन मिलकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त संदेश दें।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
प्रयागराज जनपद के गऊघाट में हॉलीडे होम योजना के नाम पर चला “अतिक्रमण हटाओ” अभियान विकास नहीं, बल्कि व्यवस्था की कठोरता और मानवीय संवेदनहीनता का प्रतीक है।
कल सुबह से जिला प्रशासन, सिविल पुलिस, आरपीएफ व अन्य विभागों की भारी मौजूदगी में अभियान चलाया गया। प्रशासन का दावा है कि किसी भी विरोध को नियंत्रित कर कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। लोगों को लाठियों से खदेड़े जाने, घरों से अर्तन-बर्तन और जरूरी सामान तक उठाने का अवसर नहीं दिया गया। अचानक पहुंची पुलिस द्वारा महिलाओं पर लाठीचार्ज भी किया गया, जिनमें वृद्ध तथा गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने “शांतिपूर्ण कार्रवाई” के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर अंतर ने आधी आबादी को उचित और न्यायसंगत हिस्सेदारी दिए बिना नारी वंदन अधिनियम लागू कर ‘नारी वंदन’ का ढिंढोरा पीटने वाली बीजेपी के आधी आबादी के असली 'वंदन' का सच एक बार फिर से उजागर किया है।
उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती 2026 में अनुसूचित जाति वर्ग एवं महिला आरक्षण में हुई गंभीर अनियमितताओं के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @pushkardhami जी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।
@ukcmo
जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित होने के संबंध में महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त महोदय,भारत सरकार को पत्र लिखा।
@CensusIndia2027#CensusofIndia#Census2027#जनगणना#जनगणना2027
राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे पर बढ़ी टोल दरों के मुद्दे पर माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री @nitin_gadkari जी को पत्र लिखा।
आशा है कि आप इस जनहित के महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आम जनता को शीघ्र राहत प्रदान करेंगे।
@mygovindia@MORTHIndia
उत्तर प्रदेश के नॉएडा मे सफाई कर्मचारियों पर नॉएडा अथॉरिटी के अधिकारियो ने हिटलरशाही भरा फरमान लागु किया है, सफाई कर्मियों को अब सिविल से जुड़े काम करने होंगे जैसे कि पार्क, इमारतों, सड़कों, पुलों, का काम करवाया जाएगा।
सभी कर्मचारी इसका विरोध कर रहे है, दो दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल हो रहा था, आज सभी प्रदर्शनकारियों को सुबह ही @Uppolice द्वारा जबरन उठा लिया गया।
पुलिस की यह कार्यवाही पूरी तरह से संविधान विरोधी है, हम इसका विरोध करते है।
सभी साथियो को तुरंत छोड़ा जाए।
@CeoNoida यह तुगलकी फरमान वापस ले, नहीं तो यह आंदोलन पुरे प्रदेश मे होगा।
@myogiadityanath@dgpup
मान्यवर कांशीराम साहब जी की जयंती एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के छठे स्थापना दिवस के अवसर पर जिला बाराबंकी में आयोजित “संवैधानिक अधिकार बचाओ, भाईचारा बनाओ” महारैली का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफल आयोजन यह साबित करता है कि बहुजन आंदोलन अब नई ऊर्जा, नई चेतना और नई ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है।
बाराबंकी की इस ऐतिहासिक महारैली को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही इस महारैली को अपना अपार समर्थन और प्यार देकर इसे ऐतिहासिक बनाने वाली जागरूक, सम्मानित और संघर्षशील बाराबंकी की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आप सभी साथियों की यह एकजुटता इस बात का स्पष्ट संदेश है कि बहुजन महापुरुषों का मिशन अब और तेजी से आगे बढ़ेगा और बहुजन समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करता रहेगा।
जय भीम! जय भारत!
जय मान्यवर कांशीराम!
#ASP_K_Mission2027
#15_मार्च_चलो_बाराबंकी
दिल्ली के उत्तम नगर में दलित युवक तरुण कुमार की हत्या बेहद दुखद, दंडनीय और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना है।
हम शोकसंतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकसंतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हम @DelhiGovDigital से मांग करते हैं कि इस मामले के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। साथ ही परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा भी दिया जाए।
@gupta_rekha@DelhiPolice
माननीय नगीना सांसद चंद्रशेखर जी ने आज संसद में उठाया भाई #तरुण_खटीक की हत्या का मामला।
#सड़क के #सदन तक लोगो की आवाज़ उठाएगे।
हम दिखावा नहीं करते हम काम करते है।
सभी साथी अनिवार्य रूप से पोस्ट को शेयर करें 👇
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के ग्राम डिडौला में दलित समाज की एक युवती "उर्मी" को कुछ युवक ( सद्दाम, आलम, अजहर,अमरजीत) लगातार उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हुए धर्म परिवर्तन का दवाब बना रहे हैं
दलित युवती द्वारा @moradabadpolice में मुकदमा भी लिखवाया गया परंतु पुलिस प्रशासन ने सभी युवकों को तुरंत रिहा कर दिया और वो युवक पुनः लड़की को धमकियां देकर धर्म परिवर्तन का दवाब बना रहे हैं
माननीय @myogiadityanath जी क्या यही है आपकी महिला सुरक्षा व्यवस्था? खुलेआम महिलाओं पर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाकर उत्पीड़न किया जा रहा है और आपकी पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी है
@Uppolice@dgpup जल्द से जल्द मामले का संज्ञान लेते हुए सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें....!!
मुज़फ्फरनगर की धरती आज गवाह बनी—जब लाखों संविधानवादियों ने एक स्वर में: “संविधान की शपथ ली।”
आज संविधान दिवस के पर आयोजित “संविधान बचाओ,भाईचारा बनाओ महारैली” को ऐतिहासिक बनाने वाले हर साथी, हर पदाधिकारी, हर छात्र, हर माता-बहन, हर वरिष्ठ नागरिक और हर कार्यकर्ता को हृदय से आभार।
आपकी उपस्थिति सिर्फ़ भीड़ नहीं थी—यह चेतना थी, यह संकल्प था, यह एक नए आंदोलन का जन्म था। आज आपने साबित कर दिया कि—“जब जनता संविधान के लिए निकलती है, तो इतिहास बदलता है।”
आपकी ऊर्जा, अनुशासन और एकता ने इस रैली को सिर्फ सफल ही नहीं बनाया बल्कि यह संदेश पूरे देश तक पहुँचा दिया—“हम अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे—लेकिन लड़ेंगे संविधान की रोशनी में, भाईचारे की भावना से।”
आपकी इस ऐतिहासिक एकजुटता को शत-शत नमन। यह आंदोलन अभी शुरू हुआ है—और अब इसे कोई रोक नहीं सकता।
जय भीम! जय भारत!संविधान ज़िंदाबाद।
सामाजिक न्याय और भाईचारा अमर रहे।