माननीय @HemantSorenJMM जी
100%आदिवासी मुलवासी@jhsahyakpolice में है, पिछले 8 वर्षों झारखंड पुलिस के समान कार्य कर रहे है, 13000 मानदेय मे, हमलोगो के पिछे पुरा परिवार के जिम्मेदारी है देर किए बिना सीधी नियुक्ति झारखंड पुलिस में किजिए🙏
@JharkhandCMO@dasraghubar@The_FollowUp
सहायक पुलिस: सर अनुबंध खत्म होने जा रहा है अनुबंध और वेतन बढ़ा दिजीए।
सरकार: बजट नहीं है।
सहायक पुलिस: घर बैठे एक महिलाएं को 2500 रु मिलता है यदि एक घर में चार महिलाएं हैं तो 10,000 घर बैठे। हमारी पत्नी रिंकीया को वो भी नहीं मिलता। जबकि हम 13000 में एक माह 24 घंटे अपने जान जोखिम में डालकर डियुटी करते हैं हमारे गांव में एक राजमिस्त्री 08 घंटे डियुटी करता है तो 700 रु लेता है। और सहायक पुलिस को केवल 433 रू। हमारे यहां गांव में एक मजदूर 500 रू लेता है तो हमलोगो को "सरकारी शोषित मजदूर" भी कहा जा सकता है।
सरकार: ठीक है हल्ला मत करों देख लेंगे। तबसे हमलोग चुप ही हैं।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@The_FollowUp@sunny_sharad@DipikaPS@IrfanAnsariMLA@RajeshThakurINC@JharkhandPolice@JmmJharkhand
🚨...मां के गहने बेचकर पत्नी को पढ़ाया, नौकरी लगते ही हसबैंड को छोङ प्रेमी के साथ मना रही थी रंगरेलियां!
बिहार के वैशाली ज़िला के फायर ब्रिगेड मे सिपाही के पद पर कार्यरत है महिला और उसका प्रेमी भी उसी विभाग मे सहभागी है!
उत्तराखंड हरिद्वार रोड में रात के 12 बजे महिला बाइक राइडर को अभद्र इशारे 😡
आख़िर ऐसे लोग पर्यटक बनकर देवभूमि को बदनाम कर रहे इनपर बड़ा एक्शन हो
सोर्स: राइडर.नौनी (इंस्टा)
#Uttarakhand#Haridwar
@HemantSorenJMM
@JairamMahto99
@The_FollowUp@aajtak@lalantopi
बहुत ही दुर्भाग्य है इस राज्य के लिए आज भी बेरोजगारी चरम पर और जो रोजगार भी हैं उन्हें 10हज़ार का मानदेय देकर उनका जीवन नर्क बनाने का काम कर रही है सरकार
आप माने न माने, जयराम महतो ने सिर्फ़ जनप्रतिनिधित्व नहीं किया- बल्कि राज्य का नेतृत्व किया है.
जहाँ कभी विधानसभा सत्ता का शीशमहल हुआ करता था, वहीं अब उनके दमदार जनसवालों से वह सचमुच जनता का मंदिर बन गया है।
जब वे विधानसभा में नंगे पाँव खड़े होते हैं, तो उनके पैर उन विधायकों के लाखों के जूतों पर भारी पड़ते हैं—क्योंकि वो पाँव ज़मीन से जुड़े हैं, मिट्टी की बात करते हैं, और जनता की पीड़ा को सीधे सत्ता के कानों में उतार देते हैं।
इस बार का सदन का सत्र उनका था—निःसंदेह! वे केंद्र में थे.
जयराम महतो सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक trend setter बन चुके हैं।
जब वे मंच की चकाचौंध छोड़ गाड़ी की छत पर खड़े होते हैं, तो लगता है जैसे जनतंत्र का असली अर्थ सामने आ गया हो।
जब वो ऑन द स्पॉट अधिकारियों को फोन करते हैं, तो कुर्सियों पर बैठे सिस्टम की अकड़ ढीली पड़ जाती है।
जब वे सत्र में उपहार लौटाने की अपील करते हैं, तो हर आवाज़ झुकी गर्दनों को टटोलती है—कि क्या हम वाकई जनता के हक़दार हैं?
उन्होंने पूरे झारखंड के शासकीय रवैए की चुप्पी को तोड़ दिया है।
बाकी नेताओं की शानो-शौकत, उनके सामने एक खोखली चमक से ज़्यादा नहीं लगती।
और अब, बीते दो दिनों में जो हुआ—वो उनके हौसले को दबा नहीं सकता.
आप उन्हें demoralise नहीं कर सकते. लिहाजा, आप demoralised हैं, overshadowed हैं, ये trasparent दिखने लगता है.
जितना आप उन्हें रोकेंगे, उतना ही वो लोगों के दिलों में जगह बनाते जाएँगे।
वे सत्ता के नहीं, झारखंड के 24 वर्षों के संघर्षो के उत्तराधिकारी हैं। हताश युवाओं की उम्मीदों के जनप्रतिनिधि हैं.
हाल के दिनों में जिस तरीके से उन्होंने अपने आप को तराशा है, कहना होगा, अब वे "जननायक -in -making" हैं.
@JairamMahto99
@MahtoAnkit44186@KotwalMeena@abhayminz@JbkssArmy@acs246020359946@JairamTiger
दुनिया का सबसे ताकतवर देश, अपने यहां आई आग की विभीषिका के सामने बेबस है.
जलते शहर,जंगल, पहाड़ का जो वीडियो फुटेज वहां से आ रहा है वह बहुत ही डरावना है.
JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध करने वाले आंदोलनकारियों पर पुलिस द्वारा की जा रही कारवाई बेहद चिंताजनक है।
@HemantSorenJMM जी, यदि यह सूचना सही है तो फिर सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या कतई उचित नहीं है। जनता ने आपको बहुमत प्रदान किया है। इसलिए जनादेश का सम्मान करते हुए छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करें और इस मामले का संज्ञान लेकर छात्र आंदोलनकारियों पर किए जा रहे पुलिसिया कारवाई को अविलंब रोकें।
JSSC-CGL परीक्षा में धांधली की साजिश के पीछे मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM का हाथ साफ नजर आता है। पहले हेमंत सोरेन द्वारा सीआईडी जांच का झूठा आश्वासन दिया गया, फिर JSSC ने खुद को क्लीन चिट दे दी। अब छात्र आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के सख्त आदेश जारी कर सरकार ने युवाओं की आवाज दबाने की साजिश रच दी है।
हेमंत सोरेन शायद भूल गए हैं कि झारखंड की भूमि आंदोलनों और संघर्षों की प्रतीक है। झारखंड का युवा दमनकारी नीतियों का करारा जवाब देना जानता है।
हेमंत सोरेन जी, छात्रों की गिरफ्तारी का तुगलकी फरमान वापस लेकर CGL परीक्षा की सीबीआई जांच कराने का आदेश दें और छात्रों के गतिरोध को समाप्त करने की सकारात्मक पहल करें।
#JSSC_CGL