हिंदुओं से अनुशासन सीख लीजिए, मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर कांवड़ियों द्वारा रोड ब्लॉक करके डांस किया जा रहा है, योगी जी कहते हैं "मुसलमानों को हिंदुओं से अनुशासन सीखने की आवश्यकता है, सड़कें चलने के लिए होती न कि चौराहे ब्लॉक करके तमाशा करने के लिए।"
भारतीय वनराकस पार्टी डर गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी का ट्विटर अकाउंट बंद करवा दी है।
दरअसल यहां भी पीछे छूट जाने का डर था।
इंस्टाग्राम पर CJP अब BJP से बड़ी पार्टी हो गई है।
वीडियो: @iArpitSpeaks
#WamanMeshram
भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा जाति आधारित जनगणना और ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर ओबीसी के साथ भाजपा द्वारा की जा रही धोखाधड़ी के खिलाफ, एससी, एसटी, ओबीसी के समर्थन में सख्त UGC बिल लागू करने के समर्थन में एवं 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्त किया जाए इसके समर्थन में राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन।
तीसरा चरण दि. : 23 मार्च राष्ट्रव्यापी रैली- प्रदर्शन!
चौथा चरण दि. : 23 अप्रैल भारत बंद!
Bharat Mukti Morcha II राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा
तू नेता बन रही थी न, तू नेता बन रही थी न. चल कपड़े निकाल.. चल कपड़े निकाल. यह है ABVP के लोगों की भाषा. वीडियो में साफ नजर आ रहा है ये लोग पुलिस के सामने AISA महिला कार्यकर्ताओं को मां बहन की गाली देकर अपमानित कर रहे हैं. https://t.co/TlnC8s9D2A
यह लड़ाई सिर्फ़ काग़ज़ों तक सीमित नहीं रहेगी—सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी।जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता,और प्रकृति के विनाश पर चुप्पी कोई विकल्प नहीं है।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत हलफ़नामे में 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को अरावली माना न जाना और उनके खनन की अनुमति देना अत्यंत चिंताजनक है।
अरावली पर्वतमाला भारत की एक प्राचीन श्रृंखला है, जो दिल्ली के रायसीना हिल से गुजरात के पालनपुर तक लगभग 800 किलोमीटर लंबी है। रायसीना हिल की ऊँचाई समुद्र तल से बहुत अधिक नहीं है—लगभग 15 मीटर ऊपर। इसके बावजूद, यह अरावली पर्वतमाला का हिस्सा होने के कारण सामरिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भारत के राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों का केंद्र है, इसलिए इसे अक्सर भारत सरकार के केंद्र के रूप में देखा जाता है।
अरावली का पारिस्थितिक महत्व केवल ऊँचाई पर निर्भर नहीं है। यह परिभाषा वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। खनन से भू-जल, वन्यजीव और स्थानीय समुदायों को गंभीर क्षति होगी। यह निर्णय पूर्व के सर्वोच्च न्यायालय के संरक्षणात्मक आदेशों की भावना के विपरीत है।
हमारा सवाल है @byadavbjp जी से :- अगर 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को अरावली में शामिल न करने और खनन की अनुमति देने का निर्णय सही ठहरा, तो क्या रायसीना हिल और इसके आसपास के राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों को भी खनन माफियाओं के हवाले कर दिया जाएगा?
यदि यह नीति लागू होती है, तो यह हमारी प्राकृतिक संपदा, जलस्रोतों और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगी। हम @mygovindia से मांग करते हैं कि वह पर्यावरणीय नुकसान और लंबे समय तक होने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय का तुरंत पुनर्विचार करे।
@mygovindia@moefcc
#SaveAravalli #ProtectRaisinaHill #EnvironmentFirst #AravalliProtection
“…Brahmins profiteering at the expense of Indian people..” says White House Senior Counselor.
That’s unprecedented in Diplomacy.
Seems like the CISCO case of California has enlightened the Americans about the Caste problems faced by Indians.
We don't accept 15th August as Independence day; it's transfer of Power Day..!
Till now 'India' is in Slavery & 3.5% foreigner Brahmins are Rulers.
#यह_आज़ादी_झूठी_है
Say it loud #यह_आज़ादी_झूठी_है
कोई कहे कि हमारी भावना आहत हो रही है।
तो उसे इन वकील साहब को सुनना चाहिए वैसे भी आस्था भावना के नाम पर किसी को भी जेल में जबरन डाला नही जा सकता है ..
लोग सवाल पूछते हैं जो आपने धार्मिक ग्रंथों की किताबों में लिखा है ..
इसलिए सवाल जवाब करने का अधिकार सब का है ..जय संविधान 👊👊