VIDEO | Uttar Pradesh: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav to launch statewide 'SP PDA Rath Yatra' from Raebareli today. Akhilesh Yadav had coined the acronym PDA for 'Pichhda' (backward), Dalit, and 'Alpasankhyak' (minorities).
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ये होता है विजनरी लीडर
जो भविष्य को बहुत पहले ही देख ले,
चुनाव आयोग की जिस धांधली से इंडियन एक्सप्रेस ने आज परदा उठाया है,
उसे RJD सांसद संजय यादव ने कई महीने पहले ही संसद में एक्सपोज कर दिया था,
जमुई कांड में आरोपी नंदन कुमार यादव का हाफ एनकाउंटर हुआ।
प्रशंसनीय।
फुल एनकाउंटर क्यों नहीं?
भरत तिवारी का फुल एनकाउंटर होगा लेकिन एक नाबालिक के साथ गलत करने वाले मानसिक अपराधी का हाफ एनकाउंटर क्यों ?
कौन सा कानून इसको बचा रहा है ?
दूसरी बात:-
आरोपी पूरे 06-07 हैं तो जाति केवल नंदन कुमार यादव का ही क्यों बाहर लाया गया ? बाकी की जातीय पहचान क्यों छुपाई जा रही है ?
जब अपराध सबका बराबर है तो फिर सिर्फ एक का एनकाउंटर क्यों बाकी 5-6 का एनकाउंटर क्यों नहीं ?
अपराधियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
भरत तिवारी को तो बीच सड़क पर गोली मारी गई थी इन 06 को कब गोली मारी जाएगी या कानूनी खेल में ये सब बचा लिए जायेंगे?
मुख्यमंत्री जी खुलकर बिहार की जनता को कहा है कि हरा गमछा वाले अपराधी हैं उनका एनकाउंटर होता रहेगा।
फिर भगवा गमछा वालों का बचाव क्यों ?
सभी 6 का फुल एनकाउंटर कब ?
बाकी सभी 05 का जातीय पहचान क्यों छुपाई गई है?
मुख्यमंत्री जी जवाब दें।
- Copied
बाबासाहेब के अपमान और संविधान की अवमानना के लिए भाजपा और उनके संगी-साथी समय-समय पर तरह-तरह के कुतर्क देते रहते हैं। इसी कड़ी में संविधान को बदलने या पूरी तरह से ख़त्म करने की साज़िश करनेवाले अपंजीकृत व भूमिगत रहनेवाले इनके विचारवंशी कह रहे हैं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान लिखा ही नहीं। इनका बस चले तो यह ये भी कह सकते हैं कि संविधान है ही नहीं। दरअसल ऐसे संकीर्ण मानसिकता के लोगों ने संविधान को हमेशा ही नकारा है। यही वो लोग हैं जो बाबासाहेब की मूर्तियों को तोड़ते हैं, ख़ासतौर से बाबासाहेब की मूर्तियों के हाथों को क्योंकि उन हाथों में संविधान की किताब होती है।
सच तो ये है कि एकरंगी-सुरंगजीवी नकारात्मक सोच के लोगों ने संविधान को कभी माना ही नहीं क्योंकि ये संविधान ही ग़ैरबराबरी को दूर करने के लिए समता-समानता की बात करता है। यही संविधान इन प्रभुत्ववादियों के उस वर्चस्व को चुनौती देता है, जिस वर्चस्व की वजह से इन्होंने पाँच हज़ार सालों से शोषित, वंचित, ग़रीब ‘पीडीए समाज’ का लगातार दमन किया है।
आज संविधान ‘पीडीए समाज’ की ढाल भी है और रक्षा कवच भी। संविधान से मिला हुआ ‘आरक्षण’ आज इन परंपरागत शक्तिशाली लोगों को फूटी आँख नहीं सुहाता है। ये वो पुरातनपंथी-रूढ़िवादी-दक़ियानूसी लोग हैं जो परिवर्तन चाहते ही नहीं है, जबकि संविधान सकारात्मक परिवर्तन का एक बेहद ताक़तवर दस्तावेज़ है।
हमने पहले भी कहा है, आज फिर दोहरा रहे हैं : शोषणकारियों के ख़िलाफ़, बाबासाहेब हमें संविधान के रूप में काग़ज़ का एक ऐसा ताक़तवर दस्तावेज़ देकर गये हैं, जो लोहे की तलवार से भी ज़्यादा मजबूत है।
संविधान ही पीडीए के भविष्य का विधान है।
संविधान ही संजीवनी है। इसमें संजीवनी की तरह को देश को अच्छा करने की और अच्छा बनाए रखने की अद्भुत शक्ति है। इसीलिए देश का नया नारा ‘जय जवान! जय किसान!! जय संविधान!!! होना चाहिए।
संविधान को चुनौती देनेवाले पाँचों इंद्रियों को सक्रिय करके सुन लें कि ‘देश संविधान से चलेगा, किसी संघ-विधान या मन-विधान से नहीं।’
संविधान था, संविधान है, संविधान रहेगा!
बीजेपी गुजरात में पटेलों को,
महाराष्ट्र में मराठों को,
हरियाणा में जाटों को,
UP, बिहार में यादवों को
और देश भर में मुसलमानों को बदनाम करके राजनीति करती है,
यानी की नकारात्मक राजनीति,
बीजेपी कभी अपने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी पर वोट नहीं मांगती है,
जानती है NOTA से भी कम वोट मिलेगा,
OBC, SC और ST की हक़मारी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में भी जारी है।
ये आँकड़े चंद साल पुराने हैं, जिनमें साफ़ दिख रहा है कि इन वर्गों की हिस्सेदारी कितनी कम है। सरकार को अब नए आँकड़े सामने रखकर देश को बताना चाहिए कि देश की इतनी बड़ी आबादी के कितने लोग IITs और बड़े विश्वविद्यालयों तक पहुँच पाए हैं? आखिर हिस्सेदारी का सच क्या है?
#IITs
SHOCKING: IIT Bombay has withdrawn its earlier statement where it said that Sahil was caught cheating with ChatGPT.
So this is how Dalits are treated in India ?
Absolutely horrible. Even SC/ST students aren’t safe in top institutions.
Dronacharya has taken the life of a meritorious Dalit student.
कांग्रेस में जब तक 90 फीसदी बड़े पद पर दलित, पिछड़े नहीं नियुक्त किए जाएंगे,
तब तक कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हारती रहेगी,
ब्राम्हण कॉंग्रेस को वोट नहीं देते,
लेकिन @RahulGandhi का ब्राम्हण मोह फिर भी नहीं छूट रहा है,
#कांग्रेसी इंफ्लूएंसर निमो यादव (प्रतीक शर्मा)कह रहा है कि बोलो मत वरना सपा के खिलाफ़ फ्री में लिखने लगेंगे तो बताना ये है कि
आवेश तिवारी बहुत दिन से लिख रहा है
सपा वालों ने जब बीजेपी के IT सेल का सामना कर लिया फिर तुम क्या हो
आ जाओ बस ब्लॉक मत करना
लालू जी कृष्ण भगवान पर बोलते हुए।
पूरे देश के सामने अपने पूर्वज का नाम लेना उनका सम्मान करना ही लालू जी को औरो से अलग बनाता है|
@baba_mandole@biharwalebabu@Jacobin_004