तेल में भी धांधली? संदीप चौधरी ने खोल दिया एथेनॉल के खेल का पूरा सच!
कोई परिवार रात में कहीं जा रहा हो महिलाओं समेत और गाड़ी बंद हो जाए सुनसान रास्ते पर तो सोचो क्या दिक्कतें आएंगी उनको कौन ज़िम्मेदार होगा?
गडकरी के काम को लोग सबसे बढ़िया मानते थे, इन्होंने ने भी अपना असली चेहरा दिखा दिया इतने महंगे टोल रोड पहली ही बारिश में दम तोड़ दे रहे है गन्ना के रस को बेचकर बेटों को की कंपनियों ये फायदा करा रहे है
किसी भी पत्रकार में इतनी हिम्मत नहीं वह नितिन गडकरी के बेटों को नाम ले
आपके बेबाक पत्रकारिकता के लिए आप को अभिनंदन संदीप जी🙏
BJP के पूर्व नेता Manish Kashyap ने Ethanol पर सरकार को औकात दिखा दी।
40 लाख रुपये में Toyota की कार खरीदी।
18 लाख रुपये सरकार को Tax दिया।
20,000 किलोमीटर चलने के बाद गाड़ी बंद होने लगी।
क्योंकि गाड़ी में Ethanol की मात्रा ज्यादा पड़ गई, Fuel Tank जाम हो गया।
India में सभी गाड़ियों का यही हाल है।
जब Government E20 Ethanol Petrol के नाम पर लाखों गरीब मेहनत करने वाले लोगों, जो कार खरीदते हैं, उनकी जिंदगी बर्बाद कर रही है,
तो सबको सड़क पर उतरना पड़ेगा।
क्या Guarantee है कि Petrol Pump वाले पानी नहीं मिला रहे हैं?
जब पहले बहुत सारे Petrol Pump वाले आसानी से मिलावटी Petrol बेच सकते थे, तो आज तो उनके पास और भी आजादी हो गई है।
India में Ethanol Petrol क्यों लें?
जिसे Original Petrol लेना है, उसके लिए Petrol Pump पर अलग से Petrol उपलब्ध कराइए।
बाकी जिसे Ethanol चाहिए, वह Ethanol खरीदे !
आई पी डी टावर अस्पताल, जयपुर…!!
शिवदासपुरा सेटेलाइट अस्पताल, जयपुर…!!
बालमुकुंदपुरा सेटेलाइट अस्पताल, जयपुर…!!
सांगानेरी अस्पताल, जयपुर….
ये सारे अस्पताल पिछली कांग्रेस सरकार में बनकर तैयार खड़े हैं…!!
SMS अस्पताल में बढ़ते दबाव के कारण रोज़ाना व्यवस्थाएँ बिगड़ रही थी…
इसलिए गहलोत सरकार ने ये सेटेलाइट अस्पताल बनवाए थे…
लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा इन्हें शुरू तक नहीं कर पा रही है…!!
नया बनाने की तो दूर की बात है….!!!
मेरे परिवार के लिए ये मुश्किल घड़ी है।
जय भीम साथियों, मेरी जीवनसाथी अज़रा इस समय गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उन्हें दो तरह के रेयर एब्डॉमिनल ट्यूमर हैं और मेदांता अस्पताल (गुरुग्राम) में उनका इलाज चल रहा है।
नवंबर 2022 में इन्हीं ट्यूमर की सर्जरी कराई गई थी लेकिन दुर्भाग्य से ये ट्यूमर फिर लौट आए हैं। इस बार मामला क्रिटिकल है और अज़रा को मल्टीपल सर्जरी और कीमोथेरेपी वग़ैरह से गुज़रना होगा।
हेल्थ इंश्योरेंस और पर्सनल सेविंग्स ख़त्म होने के बाद हमें आपकी मदद की ज़रूरत है। हमें कुल 30 लाख रुपये की ज़रूरत है इसलिए हम आपसे अपील कर रहे हैं।
मैं आपसे गुज़ारिश करता हूँ कि अगर आप हमारी मदद कर सकें तो प्लीज़ करें। अकाउंट की जानकारी नीचे दी जा रही है।
Account Holder: SUMIT CHAUHAN
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PhonePe, Paytm - 8595794224
आप पोस्टर में दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी हमारी मदद कर सकते हैं।
अगर आप मदद नहीं कर सकते तो प्लीज़ इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें। मुझे उम्मीद है कि इस मुश्किल वक़्त में आप हमारा साथ देंगे।
आपका
सुमित चौहान
नेस्ले मैगी-
1-FSSAI ने 5 जून 2015 को Maggi noodles के manufacture और sale पर रोक लगा दी, यह कहते हुए कि कुछ टेस्ट में उसके नमूनों में सीसा (lead) मानक से ज्यादा मिला।
2- नेस्ले ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में चैलेंज दायर किया।
बस फिर क्या था, कोर्ट के माननीय की दया और fssai की मिलीभगत पर फैसला नेस्ले की तरफ गया।
3-13 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट ने बैन को हटाकर उसे खारिज कर दिया।
अब खुरपेची सवाल-
1-जो मैगी CFTRI जैसी FSSAI- अप्रूव्ड लैब्स में पहले फेल हो गई थी,
वो बाद में कैसे पास हुई?
2-मैगी में टोटल फैट 15% के करीब होता है, और टोटल फैट का 80% तो पॉम ऑयल होता है,
ये ऑयल खाने के सबसे खराब आइल्स में गिना जाता है, जिससे कि हार्ट अटैक की समस्या का सबसे ज्यादा खतरा होता है।
आखिर fssai इस रोक क्यों नहीं लगाती है?
3-FSSAI के मानक के अनुसार नूडल्स में
सीसा की मात्रा ≤ 2.5 mg/kg (ppm) होनी चाहिए।
लेकिन,
उत्तर प्रदेश के FDA ने लगभग 17.2 (ppm) सीसा पाया, जो कि FSSAI के नियम 2.5 ppm से लगभग 7 गुना ज़्यादा था।
उसके बावजूद इन लोगों को मार्केट में मैगी बेचने के लिए क्यों एलाऊ किया गया?
📍 चुरू , राजस्थान
7500 लीटर नकली घी नए साल पर खपाने की तैयारी थी। सवाल ये है कि अगर सूचना न मिलती तो ये जहर कितने घरों तक पहुँच चुका होता?
होटल की आड़ में पूरी फैक्ट्री चल रही थी। क्या स्थानीय प्रशासन , पुलिस , खाद्य विभाग को ये होटल कभी दिखा ही नहीं?
बिना लाइसेंस , बिना FSSAI , बिना किसी मानक के फिर निरीक्षण , सैंपलिंग और रूटीन चेकिंग किस काम की?
NH-58 जैसे हाईवे पर खुलेआम केमिकल के ड्रम , सैकड़ों टिन क्या ट्रांसपोर्ट , सप्लाई चेन और मंडी स्तर पर कोई निगरानी नहीं है?
आरोपी 2022 में भी नकली घी में पकड़ा जा चुका था तो फिर बाहर कैसे था? किसकी मेहरबानी से?
सैंपल अब लैब भेजे गए हैं — जब तक रिपोर्ट आएगी , क्या बाकी नेटवर्क साफ हो जाएगा या सब गायब?
हर साल त्यौहार, हर साल मिलावट क्या “सीजनल रेड” ही सिस्टम का स्थायी मॉडल है?
जब ज़हर पकड़ा जाता है तो कार्रवाई होती है , लेकिन जहर बिकता कैसे है , ये सवाल कौन पूछेगा?
👉 असल सवाल >>>
नकली घी पकड़ा जाना सफलता है या नकली सिस्टम का एक्सपोज?
अगर AGTF न होती तो क्या प्रशासन अब भी “सब ठीक है” कह रहा होता?
The Central Bureau of Investigation (CBI) has arrested Lt Col Deepak Kumar Sharma and a private person, Vinod Kumar, in a bribery case today
The case has been registered on 19.12.2025 on the basis of a reliable source information against Lt Col. Deepak Kumar Sharma, Deputy Planning Officer, International Cooperation and Exports, Department of Defence Productions, Ministry of Defence, Govt. of lndia, his wife Col Kajal Bali, CO, 16 lnfantry Division Ordnance Unit (DOU), Sri Ganganagar, Rajasthan and others, including a Dubai based company on the allegations of criminal conspiracy and bribery etc... One Vinod Kumar delivered a bribe of Rs 3 lakh, on the behest of the said company, to Lt Col Deepak Kumar Sharma on 18.12.2025. Searches conducted at Sri Ganganager, Bengaluru, Jammu and other places. During searches at the house of Lt Col Deepak Kumar Sharma in Delhi, the bribe amount of Rs 3 Lakh as well as cash amount of Rs 2,23,000,00 and a cash amount of Rs 10,00,000 from the house of accused at Sri Ganganagar, in addition to other incriminating material, has been seized. Search in the office premises of Lt. Col. Deepak Kumar Sharma in New Delhi is also continuing. Both the accused persons, namely, Lt. Col Deepak Kumar Sharma and Vinod Kumar, were produced in the court today. Presently, they are in police custody remand up to 23.12.2025. Further investigation is underway: CBI
(Pic source: CBI)
नेपाल आज - तक रिफाइनरी नहीं लगा पाए है , इतना गरीब है ।
तेल भारत से खरीदता है , पेट्रोल पंप भारतीयता कंपनी के है !
64.38 पेट्रोल 67.28 डीजल बिक रहा है !!
नोट :- गडकरी वाले बेटे के इथेनॉल की भी मिलावट नहीं है ।
This is Shweta Sanjiv Bhatt,
Today marks 7 years … 2555 days since Sanjiv Bhatt, an honest, upright officer, has been languishing in jail — wrongfully incarcerated for having the courage to speak truth to power!
As I sit to pen down this post, I pause to wonder when we, as a nation, lost sight of what truly matters ....When did appeasing the fragile ego of a megalomaniac fascist take precedence over safeguarding the very soul of our country?
Today, brilliant minds, honest souls, and courageous hearts languish in prison ...They are mocked, humiliated, and silenced by a judiciary that was meant to protect them, meant to deliver justice, not serve as a handmaiden to power. And so, we must ask ourselves: where did we, as a people, go wrong? And more hauntingly — is it too late to turn back?
It takes unimaginable courage, resilience, and faith to stand alone against an entire system designed to crush you. Day after day, year after year, these heroes endure indignity, isolation, and suffering — yet refuse to bow down! The nation owes them a debt beyond measure …. And yet, instead of standing with them, we leave them to fight alone.
Today marks seven years of Sanjiv’s unlawful incarceration …. Seven years stolen from a man whose only “crime” was to speak truth to power. Seven years during which the machinery of injustice has worked tirelessly to break his spirit. Seven years in which rapists, murderers, and lynchers walk free, while a man of conscience languishes in jail — his courage the only crime that keeps him there.
As days bleed into weeks, weeks into months, and months into years, the mockery of justice continues. I often wonder, Who is to be held responsible? The totalitarian political duo that pulls the strings? The judiciary that bends its spine to serve power? Or the mute spectators who choose comfort in silence while injustice reigns?
We, as a family have and will continue to fight for justice…. the question is, when will you find your courage to join the fight? When will you rise and say: Enough, is Enough!!
This regime survives on fear. It thrives on cowardice, greed, and silence. But must we remain silent? Must we allow them to believe that we, the people of India, are cowards, spectators, shadows without voices?
The time has come to prove otherwise. The time has come to raise our voice. Stand for the heroes who sacrifice everything — their freedom, their families, their futures — yet walk with heads held high and smiles on their faces!
This regime has tirelessly tried to make every attempt for the world to forget these heroes, but we must not ... We cannot!
For seven long years, Sanjiv Bhatt has stood alone, fighting quietly, courageously, against the darkest forces of power. He has endured what few of us could, with dignity and unshaken conviction.
If there was ever a moment to defend those who defend truth, that moment is now…
If there was ever a time to reclaim the nation’s conscience, that time is now…
If there was ever a chance to prove that India still has brave hearts who will not bow to tyranny — it is now!
It is time for us to show Sanjiv Bhatt that he is not forgotten …That he is not alone in his fight!
The time to fight for justice is now!!
#justiceforsanjivbhatt #FreeSanjivBhatt #EnoughIsEnough
विदेश में ब्लैक मनी रखने वालों को राहत दे दी गई है,इन पर अब कोई केस नहीं चलेगा।
जो कभी ब्लैक मनी वापस ला कर हमें 15-15 लाख देने वाले थे,वो आज खाऊँगा ना खाने दूँगा का नारा बुलंद करते हुए ब्लैक मनी वालों को बचा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति पद से त्यागपत्र देने के बाद जगदीप धनखड़ ने अब अपनी पूर्व विधायक वाली पेंशन फिर से शुरू कराने का को लेकर राजस्थान में आवेदन किया है --- अब धनखड़ को तीन पदों- पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक के तौर पर करीब 2.73 लाख रुपये की पेंशन हर महीने मिलेगी---ये सुविधा सिर्फ नेताओं के लिए ही है देश में ---वे एकसाथ कितनी भी पेंशन ले सकते हैं --- लेकिन सरकारी कर्मचारी के लिए OPS नहीं है ----
राजनीति की सुविधा
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जगदीप धनकड़ जी….
उपराष्ट्रपति रहे—-पेंशन 2 लाख
सांसद रहे———-पेंशन 45 हज़ार
विधायक रहे———पेंशन 42 हज़ार
दिल्ली में सरकारी कोठी ( टाइप-8) और कुल पेंशन ₹2,87,000/- महीना
3 साल लोकसभा सांसद, 2 साल राज्य मंत्री, 5 साल विधायक, 4 साल राज्यपाल और लगभग 4 साल भारत के उपराष्ट्रपति रहने वाले जगदीप धनखड़ साहब की पेंशन के लिए राजस्थान विधानसभा से अपील की खबर आई है। कुल मिलाकर लगभग 16 वर्ष की सेवाओं के बाद उन्हें ₹42000 की पेंशन मिल सकती है। राजस्थान से पेंशन मांगने के पीछे तर्क दिया गया है कि वहां से उन्हें अधिकतम पेंशन बनेगी। जिसमें उनके सांसद की भी पेंशन शामिल होगी। वैसे तो ये पेंशन इतने बड़े पद के व्यक्ति के लिए कुछ ज्यादा नहीं है लेकिन कर्मचारियों की #NPS #UPS के चलते, गैर परमानेंट सेवाएं नहीं जोड़ी जाती हैं जिसके चलते उनके रिटायरमेंट पर उन्हें हजार दो हजार की पेंशनें बन रही हैं। माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी को इस पर भी बात करनी चाहिए। ये दोहरा रवैया आखिर क्यों?
#ManjeetSinghPatel
लड़का बिना टिकट के यात्रा कर रहा है तो जुर्माना कर दो!! या हमेशा की तरह रिश्वत लेकर सलटा दो!! या फिर अगले स्टेशन पर उतार दो!! मगर चलती ट्रेन से फेंकने जैसी हरक़त क्यों? वर्दी पहने हो तो ख़ुदा हो गए क्या?
@RailMinIndia@RPF_INDIA@RPFCR
“उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं थे हमने 5-7 हज़ार रुपये भिजवाये”
~ मरहूम सत्यपाल मलिक जी की बहन
सत्यपाल जी की अंतिम यात्रा देखिए और महसूस करिए कितने नीच होते हैं भाजपाई।
मोदी की Ego कितनी विशाल है जो व्यक्ति के मृत्यु से भी कम नहीं होती!
सत्यपाल जी को मृत्यु में डिग्निटी के हक़ से वंचित किया गया , जो राजकीय सम्मान उनका अधिकार था उससे वंचित किया गया ।
कारण ?
क्योंकि पुलवामा की सच्चाई उन्होंने दुनिया को बताई। ये बताया कैसे हमारे जवानों की शहादत के जिम्मेदार ये भाजपा सरकार है।
भाजपाई अपनी परवरिश में ही इतने जहरीले होते हैं।
लालू जी को , तेजस्वी जी को और उनके परिवार को यूहीं नहीं इतना परेशान कर रहे हैं।
जो इनके सामने नहीं झुकते या जो इनकी ख़िलाफ़त करते हैं ये किसी को नहीं छोड़ते।
इंसानियत किसी भाजपाई में नहीं। उम्मीद करना भी बेईमानी है।
मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की घड़ी 60 करोड़ रुपये की है, नीता अंबानी का नेकलेस 500 करोड़ रुपये का है, बेटे की शादी में 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इतना पैसा होने के बावजूद इन्हें अपनी निजी सुरक्षा के लिए देश के टैक्सपेयर्स के पैसों से प्रशिक्षित एनएसजी कमांडो चाहिए!
मुंबई की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ा है। 90 साल पुराने दिगंबर जैन मंदिर को BMC द्वारा बिना सुनवाई ध्वस्त करने की कारवाई से जैन समाज आहत है। धार्मिक स्थलों और संस्थानों को लगातार निशाना बनाये जाने से देश के अल्पसंख्यक समाज में भारी रोष है।
भाजपा को देश की सहिष्णुता और सौहार्द से आख़िर क्या दुश्मनी है?