'एक अंसार जेल में है, हजार अंसार निकलेगा'... 'पुष्पा झुकेगा नहीं सala'
मोहतरमा का Attitude देखिए.. इसी Attitude व सोच के ध्वस्तीकरण की जरूरत है.
@AmitShah जी! अंसार को झुकाना भी नहीं है बल्कि अंसार को तोड़ डालना है ताकि और अंसार पैदा न हों जो मेरी दिल्ली को जलाएं.
#BahutSaralHu