सीएम के सामने खेल में चयन के लिए डेढ़ लाख ₹ मांगे जाने का जिक्र करने वाली छात्रा का नया वीडियो जारी हुआ है।
घटना CM के युवा संवाद कार्यक्रम की है। CNI गर्ल्स स्कूल की छात्रा ने धामी के समक्ष ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए डेढ़ लाख ₹ मांगे जाने की बात कही थी।
नया वीडियो देखिए और विश्लेषण कीजिए।
@INCIndia This is why people don't trust you. Start delivering good work yourself before lecturing others. Your silence on Jharkhand clearly exposes the double standards. @RahulGandhi@INCIndia
This is why people don't trust you. Start delivering good work yourself before lecturing others. Your silence on Jharkhand clearly exposes the double standards. @RahulGandhi@INCIndia
@RahulGandhi This is why people don't trust you. Start delivering good work yourself before lecturing others. Your silence on Jharkhand clearly exposes the double standards. @RahulGandhi
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
'PM केयर फंड्स की जांच करो, प्रधानमंत्री माफ कर देंगे', RTI एक्टिविस्ट पर CJP का करारा हमला
अमित तिवारी की शिकायतों के बाद सीजेपी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि किसी की पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाने वालों को पीएम केयर्स फंड की भी जांच करनी चाहिए. इससे पहले अभिजीत दिपके ने भी स्कॉलरशिप, एजुकेशन लोन और आगे पारदर्शी क्राउडफंडिंग पर अपनी बात रखी है.
पूरी ख़बर- https://t.co/BogoblsMoW
#PMCARES #RTI #AbhijeetDipke
प्रिय अखिलेश!
अब यहाँ तक आ ही गए हैं तो थोड़ा और आगे बढ़ लेते हैं।
झारखंड के युवाओं की आवाज़ आज से नहीं एक महीने से News Pinch उठा रहा है। और आखिरी हद तक जाकर उठाएगा। दिल्ली से भी और रांची आकर भी। मगर Wait a minute…
ये वही Hindustan अख़बार है ना,जहां आप नौकरी करते हो ना। और ये आज का ही फ़्रंट पेज है ना? राजधानी रांची में इतना बड़ा छात्रों का आंदोलन चल रहा है। आप लोग छाप क्यों नहीं रहे? इससे बड़ी खबर कोई है क्या रांची में अभी? मुझे पता है कि आप जवाब नहीं दे पाओगे,क्योंकि ये आपके ऊपर का मामला है।
ट्रोल होते तो जाने देता,मगर बायो में आपने ‘पत्रकार’ लिख रखा है। तो सुनते जाइए। हमारी छात्रों के प्रति निष्ठा दल देखकर नहीं जागती। जंतर मंतर पर भी हम खड़े थे और रांची में भी खड़े रहेंगे। ये मेरा आख़िरी जवाब था। मगर ध्यान रखिएगा। आप और आपका अख़बार ये नहीं कर पाएंगे। ना भरोसा हो तो दिल पर हाथ रखकर पूछ लीजिए।
जिस तरह हजारों की संख्या में छात्र अपनी वाजिब मांगों को लेकर रांची में डटे हुए हैं, यह इस आंदोलन की ताकत को दिखाता है। यह आंदोलन जरूर कामयाब होगा।
छात्रों की मांग है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस आंदोलन में शामिल हजारों छात्र ही इसकी सबसे बड़ी ताकत और चेहरा हैं। धीरे-धीरे @khurpenchh , @TheLallantop अन्य स्थानीय मीडिया की वजह से इस आंदोलन की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होने लगी है।
कम से कम दिल्ली में हुए आंदोलन से सीख लेते हुए झारखंड सरकार को समय रहते पहल करनी चाहिए।
VIDEO | Dehradun, Uttarakhand: Heavy rains continue to batter the city, schools shut. Traffic halted after Tons River bridge road caves-in.
#DehradunRains#UttarakhandNews
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7)
मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ की वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें।
मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें।
@Wangchuk66@GitanjaliAngmo
इस 8 साल के बच्चे के बोलने के बेबाक अंदाज ने DM साहब को ही इंप्रेस कर दिया।
जो काम थोड़ा लेट लपेट होता वो तुरंत हो गया क्योंकि DM साहब उस बच्चे के बेबाक अंदाज और उसका कॉन्फिडेंस देखकर हिल गए थे।
मामला लखीमपुर का है
तहसील दिवस के मौके पर एक 8 साल का बच्चा अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है क्योंकि उसकी चाची और उसके चाचा ने उसके घर पर ताला डाल रखा था।
उसकी मां बाहर लोगों के घरों में काम करती थी
बच्चे ने DM से तपाक से कहा कि "मेरे घर का ताला खुलवाया जाए।"
DM ने कोतवाल से कहा कि"इस बच्चे का काम देख लो।"
बच्चे ने तुरंत जवाब दिया दिखावा नहीं, कहिए ताला खुलवा दें बस टोपी लगाकर चल देते हैं।
कमीशन तक की बात कह दिया सोचो आजकल के बच्चों को भी कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार के बारे में पता है।
सुनिए पूरा मजा आएगा।👇