पढ़ना चाहता। इस मनमानी से मेरा साल खराब हो रहा है। कृपया संज्ञान लें। मेरे साथ और भी छात्र ऐसी ही समस्या से परेशान है
कॉलेजः डी ए वी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना मुजफ्फरनगर विश्वविद्यालय: माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय @msusahr @UPGovt@CMOfficeUP@myogiadityanath
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मरहूम अतीक अहमद का मज़लूम परिवार और उत्तर प्रदेश प्रशासन!
पूर्व सांसद अतीक अहमद साहब के छोटे बेटे अबान अहमद के अंतिम विदाई के दौरान कसारी मसारी कब्रिस्तान में एक पल ऐसा भी आया, जब चाचा अशरफ के तीनों बच्चे जनाजा गुजरने के दौरान खड़े थे, कुछ कदम की दूरी पर बड़े बेटे उमर और अली गुजरे, तो पूर्व विधायक अशरफ की बेटी 12 साल की स्वालिहा ने "भाई" बोलकर आवाज लगा दी।
उमर और अली इस भीड़ में आवाज पहचान गए, अचानक उनके कदम रुक गए, अशरफ की बड़ी बेटी स्वालिहा के साथ 10 साल की छोटी बेटी आलिया और 7 साल का बेटा अब्दुल्ला एक साथ थे, उमर ने लपक कर अब्दुल्ला को गोदी में उठा लिया, दोनों भाइयों ने नम आंखों से उसका माथा चूमा।
इसी बीच दोनों बेटियां उमर, अली के करीब आने लगीं तो पुलिस ने रोक दिया, आईपीएस अधिकारी ने कहा, "हाईकोर्ट के आदेश के हिसाब से ही मिलें"।
उमर ने पुलिसवालों से कहा, "अरे मेरी छोटी बहन है", पुलिस ने कहा, "नहीं", सबसे मिलने की इजाजत नहीं है, इस पर उमर-अली भावुक हो गए, बहनें भी रोने लगीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने मिलने नहीं दिया।
कब्रिस्तान में एक वक्त ऐसा भी आया कि अली, योगी आदित्यनाथ की पुलिस की सख्ती पर नाराज हो गया, हालांकि, उमर ने उसे लिपटा कर चुप कराया।
अबान को दफनाने के बाद उमर और ने मिट्टी डाली, इसके तुरंत बाद ही पुलिस ने अली से कहा "चलो", इसी पर अली ने जोर से कहा, "अरे फातेहा तो पढ़ने दो", अली की नाराजगी देख भीड़ शोर करने लगी।
तभी बड़े बेटे उमर ने अली को लिपटा लिया, कहा- सब्र करो, चुप रहो, जनाजे में हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ शोर करने लगी तो उमर ने अपनी उंगली होंठ पर रखी और भीड़ को शांत रहने का इशारा किया। #अतीकअहमद
कांवड़ यात्रा –
यूपी : मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर बैंड बाजे के साथ कांवड़ियों का स्वागत हो रहा है !!
इस पूरी यात्रा का शिव चौक प्रमुख पड़ाव है, जहां लाखों कांवड़िए इस मंदिर की परिक्रमा करके आगे बढ़ते हैं।
ये किस एंगल से कांवड़िये दिखते है ? देखिए कैसे भगवान शिव की साधना हो रही है।
स्थान : मीनाक्षी चौक, मुजफ्फरनगर, यूपी
तारीख : दो अगस्त,
समय : रात्रि पौने नौ बजे
सेफ़्टी रेटिंग देने के लिए लाठी डंडों से कार का Crash Test लेते काँवरिए
डिस्क्लेमर : ये एक्सपर्ट्स की निगरानी में किया गया टेस्ट है। इसे अपने घर और अपनी कार पर न आज़माएँ
5 साल पहले जिसके लिए धर्म छोड़ा था आज उसी ने घर से निकल दिए...
ये वही मुस्लिम लड़की हीरा नज़मी है जिसने 5 साल पहले हिंदू धर्म के अतुल कुमार से शादी की थी और अपना नाम हिमांशी कुमारी रखा था
पहले कोर्ट मैरिज हुई थी, उसके बाद खाटू श्याम मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए गए।
विवाह के दौरान बजरंग दल के सदस्य मौजूद थे। ओर जय श्री राम के नारे भी लगा रहे थे
पुलिस ने युवती की सहमति की पुष्टि भी की थी और कोई दबाव न होने की बात कही गई।
यह मामला काफी वायरल हुआ था, इसे घर वापसी "प्यार की जीत" और "मजहब की दीवारें तोड़ने" की कहानी के रूप में प्रचारित किया गया।
आज 5 साल बाद हिमांशी उर्फ (हीरा नज़मी) को उसके पति और ससुराल वालों ने 2 बच्चो सहित घर से बाहर निकाल दिया, शादी के बाद से उसके साथ मारपीट करना शुरू हो गई, मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी, अब हीरा नज़मी पुलिस से मदद की गुहार लगा रही है
सोचने वाली बात ये है जो संघटन वाले इन लोगो की शादी को बहुत सपोर्ट कर रहे थे वो आज इस लड़की की सुनने को तैयार नही है, जब कोई लड़की अपना घर अपना धर्म छोड़ कर किसी से शादी कर ले तो क्या उसके साथ ऐसा करना चाहिए?
नीचे दो वीडियो है एक 5 साल पहले हुई शादी का
एक अभी का है
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
لَّآ إِلَٰهَ إِلَّآ أَنتَ سُبْحَٰنَكَ إِنِّى كُنتُ مِنَ ٱلظَّٰلِمِينَ
यह ऐसी दुआ है जब कोई मुसलमान इसे पढ़कर दुआ करेगा तो अल्लाह त’आला उसकी दुआ क़बूल फ़रमायेगा
(तिर्मिज़ी 3505)
#HadithOfTheDay
मेरी भतीजी का इस साल नर्सरी में Dehli public school में एडमिशन करवाया है ,
एडमिशन फीस और किताब यूनिफार्म लगाकर 1,50000 रुपए भरने पड़े हैं और एक महीने की फीस 12000 रूपये है , मतलब लगभग 3 लाख में जाकर एक नर्सरी का बच्चा बैठेगा
क्या एक सामान्य परिवार जो 40,000 महीना कमाता है क्या वो सोच सकता है पढ़ाने की ?
शिक्षा या व्यापार @SwatiJaiHind
क्या constitution में इसके लिए कोई कानून नहीं बन सकता है..???