एक समय ऐसा था कि रात के अंधेरे में मूर्तियाँ रख दी गयी थी-
जो यह मान चुके हैं कि अयोध्या में श्री राम की मूर्तियाँ रात के अंधेरे में रखी गई हैं, श्री राम मंदिर अयोध्या में था ही नहीं?
मान चुके इसलिए कहा क्योंकि य़ह आरोप मुस्लिमों का था... वह कुछ समय पूर्व अयोध्या में ही अखिलेश यादव लगा चुके हैं।
जबकि विश्व विदित है प्रभु श्री राम जी का प्राकट्य हुआ है!
अखिलेश यादव मंदिरों के बारे में यह सोच रखते हैं, कि हिन्दू धर्म में पत्थर रख दो लाल कपड़ा रख दो मंदिर बन गया।
अब वह मौका देखकर इस समय राम भक्त बन गये हैं?
अब आस्था की बात करते हैं... जबकि सनातनियों की आस्था से खेलने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी?