AI agents running without a memory system:
रोज़ बढ़ता हूँ जहाँ से आगे
फिर वहीं लौट के आ जाता हूँ
बार-हा तोड़ चुका हूँ जिन को
उन्हीं दीवारों से टकराता हूँ
- कैफ़ी आज़मी
Writing good content in AI-era
मस्ला-ए-दिल को जो समझो तो ता’लुक़ात लिखो
जितनी तुम जानते हो सरताज उतनी बात लिखो
वो जो बारीक हैं गहरे हैं और अहम भी हैं
वस्ल-ओ- हिज्रां के दरमियाँ के वो जज़्बात लिखो
- सतिंदर सरताज
A startup founder reflecting on previous failed startup which couldn't find product market fit:
उस को न पा सके थे जब दिल का 'अजीब हाल था
अब जो पलट के देखिए बात थी कुछ मुहाल भी
- परवीन शाकिर
When you achieve short term velocity with Cursor, but velocity over time gets impacted
कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी
- जावेद अख़्तर