आरक्षित वकील साहेब, पहले 15% SC में 'जितनी आबादी, उतना हक' तो दिलवा दो! 'दलित' कौन सी एक जाति है? दलितों में मुसहर, डोम, भुइयाँ, मातंग जैसी अनेक जातियों को क्या आपने सामाजिक न्याय दिलवाया?
दलित कोई जाति नहीं, एक जाति समूह है।
Source @ajeetbharti
वंचितों की हिस्सेदारी के विरोधियों का दोहरा चरित्र देश के सामने है। पहले ‘आरक्षण हटाओ’ और अब ‘आरक्षण में सुधार’ की मांग करने वालों से तत्काल “सौहार्दपूर्ण वार्ता” लेकिन अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, आख़िर ये कैसा सौहार्द है, नड्डा जी?
एक तरफ वार्ता की तस्वीरें, दूसरी तरफ छात्रों पर लाठियाँ, यह दोहरा चरित्र अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
24 सितंबर 1982 को मान्यवर कांशीराम साहब ने पूना पैक्ट के 50 साल पूरे होने पर पूरे देश में “धिक्कार दिवस” मनाया था। यह कोई साधारण विरोध नहीं था, बल्कि एक अकाट्य राजनीतिक और सामाजिक समझ का नायाब उदाहरण था।
परम पूज्य बाबा साहेब ने जिस पूना पैक्ट पर बड़े दुखी मन से हस्ताक्षर किए थे, आज उसी पूना पैक्ट का दुष्परिणाम “Depressed Classes (वंचित वर्ग)” के सामने है। यही कारण है कि जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी आरक्षण विरोधियों से मुलाकात करते हैं, तो बहुजन समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
किसान आंदोलन पर जिस सरकार ने 13 महीने बाद सुध ली, पेपर लीक के जनव्यापी आंदोलन के आंदोलनकारियों से नड्डा जी एक महीने बाद मिलने का समय निकाल पाए, लेकिन जैसे ही जातीय वर्चस्व बनाए रखने की जिद लिए कुछ मुट्ठीभर लोग भाजपा-RSS के दिल में छुपे एजेंडे को लेकर इकट्ठा होते हैं, तो तुरंत “सौहार्दपूर्ण वार्ता” होने लगती है।
सरकार को जवाब देना होगा कि ऐसे लोगों से आखिर क्या बात हुई और आरक्षण को लेकर सरकार का रुख क्या है?
आरक्षण कोई राजनीतिक खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-बराबरी के रहते संविधान द्वारा सुनिश्चित प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की व्यवस्था है। जब तक भेदभाव और गैर-बराबरी कायम है, तब तक आरक्षण भी कायम रहेगा।
मुट्ठीभर जातंकवादियों की आड़ में वंचितों की संवैधानिक हिस्सेदारी को कमजोर करने की साजिश कर रहे सरकार के पिट्ठुओं, कान खोलकर सुन लो! भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 24 सितंबर, पूना पैक्ट दिवस पर दिल्ली में एक बड़ा जनांदोलन करके संविधान की ताकत का एहसास कराएगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
@ocjain4 Quality education is step one. Fair opportunity is step two.
If we truly want a stronger nation, selection belongs to merit, not caste. 🇮🇳
#YouthDemandsMerit#FixTheSystem#MeritFirst
एक यूजर ने बताया कि उनकी दादी , जो राजस्थान की आयुष्मान भारत लाभार्थी हैं, इस समय वडोदरा के प्रणायाम अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल यह कहकर इलाज से मना कर रहा है कि कार्ड दूसरे राज्य का है।
जबकि आयुष्मान भारत योजना का स्पष्ट दावा है कि यह पूरे देश में पोर्टेबल है।
तो सवाल यह है कि 👇
अगर योजना “वन नेशन, वन हेल्थ कार्ड” के सिद्धांत पर है , तो दूसरे राज्य में इलाज से इनकार क्यों?
क्या अस्पताल योजना की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है?
क्या मरीज और उसके परिवार को आपात स्थिति में भी प्रशासनिक बहाने सुनने पड़ेंगे?
क्या संबंधित राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण इस पर संज्ञान लेगा?
कितने और मरीज ऐसे ही भटकाए जा रहे हैं?
अगर पोर्टेबिलिटी सिर्फ कागज़ों में है , तो योजना का असली लाभ आम नागरिक तक कैसे पहुँचेगा?
Dear @pnbindia team,
I’ve sent multiple emails regarding a wrongly credited transaction, but haven’t received any response or confirmation yet.
Kindly look into this urgently and update me on the reversal process.
Thank you.