शिक्षकों के सातवें वेतनमान के मुद्दे पर बिहार शिक्षक मंच की टीम ने बिहार स्टेट टीचर एसोसिएशन (BSTA) गोपगुट से वार्ता की । BSTA ने एक मांग , शिक्षकों का सम्मान , सातवां वेतनमान के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता जताई और शिक्षक हित में एक साथ इस मुद्दे पर कार्य करने के लिए तत्पर दिखे । BSTA के प्रदेश प्रवक्ता और हमारे बड़े भाई Ashwini Pandey @Ashwini_TET जी का मार्गदर्शन और सातवें वेतनमान को लेकर विश्वभर में छाया डिजिटल आंदोलन में इनकी अग्रणी भूमिका निश्चित ही वेतनमान के मुद्दे पर सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगी ।
🔥 एक कड़वी बात—बुरा लगे तो जरूर सोचिएगा!
शिक्षकों के अधिकार की लड़ाई में लड़ने वाले कम हैं, लेकिन फायदा लेने वाले हजारों हैं।
वेतनमान चाहिए—सबको चाहिए।
सम्मान चाहिए—सबको चाहिए।
सुविधाएं चाहिए—सबको चाहिए।
लेकिन जब संघर्ष की बारी आती है तो…
“कोई दूसरा कर रहा है ना!”
व्हाट्सऐप ग्रुप में अभियान की पोस्ट आती है—
देख लिया… आगे बढ़ गए।
भाग लेने की अपील होती है—
चुप्पी साध ली।
कार्यालय चलने को कहा जाता है—
कोई बहाना बना लिया।
लेकिन जब परिणाम नहीं मिलता तो सबसे पहले सवाल भी यही लोग करते हैं—
“अब तक हुआ क्या?”
भाई, हुआ कैसे होता?
तुम लड़ाई में थे कहाँ?
एरियर के लिए चिंता है, क्योंकि पैसा तुरंत चाहिए।
लेकिन वेतनमान के लिए चिंता नहीं, क्योंकि उसके लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
छोटी समस्या के लिए शिकायत करनी है,
लेकिन बड़े अधिकार के लिए संघर्ष नहीं करना है।
और सबसे मजेदार बात—
जो शिक्षक अपनी नौकरी, समय और सम्मान दांव पर लगाकर आवाज उठा रहे हैं, उन्हें ही कभी-कभी कहा जाता है—
“ये लोग लड़कर क्या हासिल कर लेंगे?”
सच कहूं तो कभी-कभी लगता है—
मूर्ख वही है जो लड़ रहा है।
क्योंकि लड़ने वाला सरकार से सवाल करता है,
विभाग से सवाल करता है,
समाज की बातें सुनता है,
अपना समय और पैसा लगाता है…
और तमाशबीन?
वो बस इंतजार करता है कि संघर्ष सफल हो और फिर उसका लाभ उसे भी मिल जाए।
लेकिन याद रखिए—
🔥 अधिकार मुफ्त में नहीं मिलते।
🔥 संघर्ष में सिर्फ तालियां बजाने से बदलाव नहीं आता।
🔥 जो लड़ाई में शामिल नहीं होगा, उसे कम-से-कम लड़ने वालों को कोसने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए।
आज आप दर्शक बने हैं,
कल जब अधिकार मिलेगा तो यह मत कहना—
“हमारी वजह से मिला।”
क्योंकि उस दिन सवाल सिर्फ इतना होगा—
जब लड़ाई चल रही थी, तब आप कहाँ थे?
संघर्ष कुछ लोगों का नहीं, हर शिक्षक की जिम्मेदारी है।
✊ अब तमाशबीन नहीं—भागीदार बनिए।
#शिक्षक_एकता
#वेतनमान_संघर्ष
#शिक्षक_अधिकार
#संघर्ष_से_अधिकार
#अबकी_बार_भागीदारी
माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय शिक्षा मंत्री जी,
बिहार के शिक्षक पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। हमारी विनम्र मांग है कि शिक्षकों के लिए 7th Pay लागू करने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
#BiharTeachersNeed7thPay
#BiharTeachersNeed7thPay
@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@officecmbihar@News18bihar@BiharEducation_
@brvas_bgs
माननीय मुख्यमंत्री जी से बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ की ओर से आग्रह है कि प्रदेश के विद्यालय अध्यापकों को भी सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन निर्धारण का लाभ प्रदान करने की दिशा में शीघ्र पहल करें।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक संघ
#BiharTeachersNeed7thPay@AkanKzbn