माननीय मुख्यमंत्री जी, राजस्थान में निवेशकों के लिए आधारभूत ढाँचा मजबूत किया जा रहा है, यह अच्छी बात है।
बस एक छोटा-सा निवेश और कर दीजिए...
बच्चों की Computer Education में।
क्योंकि निवेशक आएंगे तो
AI, Coding, Robotics और Technology वाले युवाओं की जरूरत होगी।
और हमारे स्कूलों में?
कंप्यूटर शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय
ऑफिस, टाइपिंग और गैर-शैक्षणिक कामों में निवेशित हैं। 😌
फिर हम कहेंगे:
“राजस्थान निवेश के लिए तैयार है।”
साहब, निवेशक तो तैयार हो जाएगा...
बस भविष्य के कर्मचारी तैयार करने वाले कंप्यूटर शिक्षक को भी पढ़ाने दीजिए।
वरना राजस्थान में निवेश आएगा,
और हमारे बच्चे
निवेश की खबर पढ़ने के लिए भी किसी और के कंप्यूटर पर निर्भर रहेंगे।
@CJP_RAJASTHAN__@AshutoshRanka
पदनाम, वेतन विसंगति, कैडर निर्माण, जॉब प्रोफाइल सही नहीं होने के कारण यह कदम उठाए जा रहे है जो कि डिजिटल शिक्षा के सोचनीय विषय बन गया है और पूरे प्रदेश में गलत मैसेज जा रहा रहा है । कृपया संज्ञान लेवे । @madandilawar@BJP4Rajasthan@BhajanlalBjp@RajCMO@rajeduofficial
@RajGovOfficial भर्ती लेने वाले अपनी रिस्क पर आयें क्यूंकि ज्वाइनिंग के बाद विभाग आपको शिक्षक नहीं मानेगा,दूसरे डिपार्टमेंट आपको कंप्यूटर ऑपरेटर समझेंगे। पढ़ाने के अलावा बाकी सारे काम करने को मिल सकते हैं वो भी UDC की ग्रेड पे में। @rajeduofficial@madandilawar@BhajanlalBjp
@RajGovOfficial Sahab computer anudeshk ko computer pdnane k lie niyukt kia h par aj k time unko school me sirf computer operator bna k rakh dia h na grade pay na samman mhoday rajastha ka bhla kro computer Shiksha school me anivary kro
@TheDeepeshJJN@ethareldex माना कि system से न्याय के लिये लड़ना पड़ेगा पर कब तक आज लड़ते लड़ते 45 महीने हो गए रोज वेतन विसंगतियो के कारण नई नई परिस्थितियों से लड़ ही रहे हैं
आखिर कब तक लड़े?
@TheDeepeshJJN@ethareldex उस केडर को हटाने का श्रेय श्रीमान अखिल अरोड़ा को जाता है..उनकी ओछी मानसिकता ने कंप्यूटर शिक्षा का बटाधार कर दिया ..स्कूल के बच्चो की हाय लगेगी इनको 🙂
2020-21 में निदेशालय के तत्कालीन निदेशक सौरभ स्वामी जी द्वारा कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सोच के साथ "कंप्यूटर शिक्षक" का कैडर प्रस्ताव बनाया गया था परंतु उसे अप्रत्याशित तौर पर हटा दिया गया था।
आज कंप्यूटर अनुदेशक पढ़ाने से ज्यादा ऑपरेटर बनकर रह गए हैं।
@ethareldex
राजस्थान शिक्षा विभाग में कार्यरत बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक ने कंप्यूटर साइंस सब्जेक्ट नहीं पढ़ाने देने और गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगाने पर अपना सेवा से त्याग पत्र सौंपा।ऐसी हालत है आज के तकनीकी शिक्षा की।इस पर संज्ञान लेने की महती आवश्यकता है।
@BhajanlalBjp@madandilawar
खुद मंत्री होकर, करोड़पति होकर, अभी भी "दलित" आरक्षित सीट पे चुनाव लड़ते हो!!
यही दिखाता है कि आरक्षण का कितना दुरूपयोग हो रहा है और चर्चा क्यों जरूरी है!!
@sarviind मेरी स्कूल में तो इस से भी बुरा हाल है कंप्यूटर सब्जेक्ट पढ़ाने नहीं देते, आये दिन कंप्यूटर ऑपरेटर समझ के ड्यूटी लगा देते है इधर उधर । बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है यह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता यहां तकनीकी शिक्षक को इतना परेशान कर देते है वो नौकरी छोड़ देता है। #कंप्यूटर
कंप्यूटर अनुदेशक इसलिए नियुक्त हुआ कि बच्चों को भविष्य की तकनीक सिखाए, लेकिन व्यवस्था ने उसे चुनावी और गैर-शैक्षणिक कामों में लगा दिया।
AI के दौर में Computer Instructor से Computer Education नहीं, clerical work करवाना सिर्फ विडंबना नहीं, शिक्षा नीति की विफलता है।
अगर विशेषज्ञ की विशेषज्ञता ही इस्तेमाल नहीं करनी, तो फिर उसे नियुक्त करने का अर्थ क्या है?
@RajCMO@AshutoshRanka@Cockroachisback
A computer instructor resigning because he was being deployed for election and administrative duties instead of teaching Computer Science is not just an individual grievance. It exposes a deeper failure in our education system.
When the world is moving toward AI, coding, cybersecurity and innovation, Rajasthan must use computer instructors for what they were appointed to do: teach technology, not run clerical operations.
@RajCMO@AshutoshRanka@Cockroachisback